सरस्वती फाटक के पास स्थित भारत माँ मन्दिर हुआ ध्वस्त , अशोक व्यास ने किया मुकदमा

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सरस्वती फाटक स्थित भारत माता मंदिर भवन को रातो रात गिरा दिया गया। समूचा भवन मलबे में तब्दील कर दिया गया। रविवार की सुबह लोगों को भवन ध्वस्तीकरण की जानकारी हुई। इस भवन में भारत माता की एक मूर्ति समेत कई देव विग्रह थे जो सुबह लोगों को नहीं दिखे। इसपर लोगों ने शोरशराबा किया। 
हंगामे की जानकारी मिलने पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को बताया कि यह भवन काशी विश्वनाथ मंदिर का है और प्रशासनिक निर्देश पर इसे गिराया गया है। उन्होंने भवन में भारत माता की मूर्ति या किसी देवविग्रह के होने से इनकार किया।
सरस्वती फाटक स्थित भवन संख्या डी. 35/10 के ट्रस्टी विश्वनाथ प्रसाद लीला ने रामदीन व्यास को मकान देखरेख के लिए दिया था। उनके निधन के बाद उनके पुत्र अशोक कुमार व्यास देखरेख करते थे। जब वह दिल्ली जाने लगे तो उन्होंने भारत माता और अन्य देव विग्रहों की नियमित पूजा पाठ के लिए किरण देवी को वहां रखा था। जून 2013 में किरण देवी ने भवन को विश्वनाथ मंदिर को दे दिया था। उस वक्त भी भवन को गिराने की कोशिश की गई थी। कुछ हिस्सा गिरा भी दिया गया था। जब इसकी जानकारी अशोक व्यास को लगी तो उन्होंने मुकदमा कर दिया। तब मंदिर प्रशासन ने कहा था कि भवन तेज आंधी में अपने से गिरा है।