गोरखपुर के इस युवा स्वयंसेवक ने दिया राहुल गांधी को जवाब,पूछा प्रश्न…

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आज कांग्रेस के शहजादे राहुल गांधी जी द्वारा किये गए RSS में महिलाओं की भूमिका पर अमर्यादित टिपण्णी की मैं घोर निंदा करता हु और RSS में महिलाओं को ना रखने की बात सिरे से खारिज करता हु।।आप छोटे एवम माडर्न कपड़े की बात करते है क्योंकि आपका नजरिया वही है।।

RSS महिलाओं के अधिकार,सम्मान एवम अभिमान की बात करता है।। समाज और संगठन में संघ ने महिलाओं को उचित सम्मान और स्थान दे रखा है।। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महिला रिसोल्यूशन, ट्रिपल तलाक जैसे अहम मुद्दे पर देश की नारी शक्ति के साथ खड़ा था और रहेगा।।

पर भारतीय होने के साथ एक स्वयंसेवक होने की वजह से मेरा एक छोटा प्रश्न..

भारत का ऐसा कौन सा परिवार है जो अपने वहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में चाहेगा कि उसके घर की महिलाएं मॉडर्न कपड़े में बैठे??क्या वो स्वयम इन कपड़ो में पूजा या किसी अन्य प्रकार के सांस्कृतिक क्रियाकलापो में हिस्सा लेने को कंफर्टेबल महसूस करेंगी??

संघ को अगर महिलाओ को लेकर नही चलना होता तो वो राष्ट्र सेविका समिति का गठन परम् पूजनीय डॉ हेडगेवार जी के कहने पर क्यों करता?? क्यों मौसी जी को सेविका समिति का प्रमुख बनाया जाता?? आज देश भर में जगह-जगह 4000 से अधिक शाखाए माहिलाओं की क्यों संचालित करता??क्यों हर वर्ष विभिन्न प्रशिक्षण देकर शारीरिक,मानसिक एवम समाजिक दृष्टिकोण से मजबूत बनाता??  संघ को ऐसा लगा की राष्ट्र निर्माण में और देश की आजादी में महिला नारी शक्ति की एक महती भूमिका होगी इसलिए सन 1936 में राष्ट्र सेविका समिति का गठन किया..

संघ ने स्थापना करते हुए कहा था-“स्त्री राष्ट्र की आधारशिला है और ध्येय था तेजस्वी राष्ट्र का पुननिर्माण पुनीत पांडेय

    एक स्वयंसेवक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरखपुर