धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में करें पूजा,इन आसान उपायों से पाएं धन सम्मान…

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दीवाली की तैयारी लगभग घरों में पूरी होने वाली होगी तो कुछ घरों में काम अभी जारी होगा। इसके साथ ही दीवाली की शॉपिंग भी शुरु होने वाली है । शुरुआत धनतेरस के बाजार में होती है। धनतेरस,धनत्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरी का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन यम और कुबेर की पूजा की जाती है। धनतेरस सामान्य रूप से दीवाली से दो दिन पहले आता है। इस दिन लोग गहने, बर्तन और सोना चांदी की खरीदारी करते हैं। आमतौर पर लोग पूरे दिन खरीदारी करते हैं। लेकिन ऐसी मान्यता है कि इस दिन शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से वस्तुओं में तेरह गुना बढ़ोतरी होती है। साथ ही माता लक्ष्मी बहुत खुश होती है। इस कारण से हर कोई चाहता है कि भगवान धवन्तरी और माता लक्ष्मी की कृपा उन पर बनी रहे।

शुभ मुहूर्त में इस तरह करें पूजा
इस साल धनतेरस 17 अक्टूबर (मंगलवार) को है। धनतेरस पर खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त शाम 07:20 से 08:17 के बीच तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में कोई भी चीज खरीदने पर उसमें तेरह गुना बढ़ोतरी होती है।
धन्वन्तरी देवी की पूजा शुभ मुहूर्त में करनी चाहिए। पूजा के लिए सबसे पहले स्नान आदि से निवृत होकर कुबेर देवता का ध्यान करना चाहिए। पूजा में सबसे पहले तिल या सरसों के तेल में तेरह दीपक जलाकर तिजोरी में कुबेर की पूजा करनी चाहिए पूजन करना चाहिए। पूजा करते समय देवता कुबेर का ध्यान करना चाहिए।
फिर कुबेर देव को फूल चढाएं और ध्यान करें और कहें कि हे श्रेष्ठ विमान पर विराजमान रहने वाले देवता कुबेर का मैं ध्यान करता हूं। इसके बाद धूप, दीप, नैवेद्य से देवता कुबेर की पूजा करें। फिर इस मंत्र का जितना संभव हो जाप करें।मंत्र

यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन-धान्य अधिपतये 
धन-धान्य समृद्धि मे देहि दापय स्वाहा।

मंत्र का अर्थ है- त्रयोदशी को दीपन दान करने से मृत्यु, पाश, दण्ड, काल आदि से मुक्ति मिले और लक्ष्मी के साथ देवता यम भी प्रसन्न हों।

करें ये उपाय
धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरि की पूजा का विधान है। शास्त्रों में कथा है कि भगवान धनवंतरि समुद्र मंथन के समय अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। धनतेरस के दिन धनवंतरि भगवान की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। इस साल धनतेरस को खास बनाने के लिए कुछ बेहद आसान टोटके अपनाने से रात भर में ही किस्मत बदल जाएगी और मनचाहा परिणाम मिलेगा।

धनतेरस के दिन सूर्यास्त के बाद 13 दीपक जलाएं। दीपक के पास 13 कौड़ियां रखें। बाद में आधी रात के बाद ये कौड़ियां घर के किसी कोने में मिट्टी के अन्दर दबा दें। ऐसा करने से अचानक धन लाभ हो सकता है।धनतेरस के दिन 13 दीपक घर के अंदर और 13 घर के बाहर जलाकर रखें। ऐसा करने से घर में दरिद्रता रूपी अंधकार दूर होता है इसके अलावे यह दीपक माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर को घर आने का निमंत्रण देता है।
यदि आपके घर में बराबर पैसों की कमी रहती है या पास में पैसा नहीं टिकता है तो इस धनतेरस से दीवाली के दिन तक माता लक्ष्मी की पूजा के दौरान एक जोड़ा लौंग चढाएं। लेकिन इस बात का ध्यान रखना है कि लौंग टूटी नहीं हो।माता लक्ष्मी का लाल रंगों के आलावा सफेद रंगों से भी अधिक आकर्षण है यानि माता लक्ष्मी को सफेद रंग भी प्यारा लगता है। इसलिए धनतेरस के दिन यदि आप चीनी, बताशा, खीर, चावल, सफेद कपड़ा आदि अन्य सफेद वस्तुएं दान करते हैं तो कभी धन की कमी नहीं होगी। साथ ही जमा किया हुआ धन भी बढ़ेगा और कामों में आ रहीं बाधाएं भी दूर होंगी।

धनतेरस के दिन का एक अचूक टोटका है कि इस दिन किसी किन्नर को दान जरूर दें और उससे एक रुपए का सिक्का मांग लें। किन्नर यदि सिक्का खुशी से दें तो बहुत शुभ माना जाता है। इस सिक्का को आप अपने पर्स या तिजोरी में रखें धन हमेशा बना रहेगा।धनतेरस के दिन गाय माता को हरा चारा जरूर खिलाएं इससे घर में समृद्धि आएगी। इसके अलावा इस दिन अपने खाना का पहला हिस्सा गौ माता के लिए जरूर रखें। गौ माता के लिए रखे गए अन्न के इस भाग को उन्हें खिलाने से धन-धान्य में बढ़ोत्तरी होती है।
इस दिन आप किसी मंदिर में जाकर केले का पेड़ या कोई सुगंधित पौधा लगाएं। ये पौधा जैसे-जैसे वृक्ष बड़े होंगे आपको जीवन में उतनी ही अधिक सफलता मिलेगी। साथ ही नौकरी में उन्नति और बिजनेस मनचाहा तरक्की मिलेगी।
इस दिन नए बर्तन के साथ-साथ झाड़ू भी लाना चाहिए इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इसके अलावा घर में रखी झाड़ू में भूलकर भी पैर नहीं लगना चाहिए।
यदि आपको किसी कार्य में सफलता नहीं मिल रही है तो इस धनतेरस उस पेड़ की टहनी तोड़ कर घर लाएं जहां चमगादड़ बैठता हो। इसे अपने घर के ड्राइंग रुम में रखें। ऐसा करने पर समाज में सम्मान मिलेगा और अपार धन की भी प्राप्ति होगी।