इनकम टैक्स को लेकर मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला, खोल दिया ‘तीसरा नेत्र’, देशभर में मचा हड़कंप !

714

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के विकास के लिए तो तरह-तरह की योजनाएं ला ही रहे हैं, साथ ही देश से भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के लिए भी सख्त फैसले लेने से नहीं चूक रहे हैं. इनकम टैक्स यानी आयकर चुकाने से बचने के लिए कई लोग कई तरह की चालाकियां दिखाते हैं, यहाँ तक कि कई लोग तो इसके लिए फर्जी कागजात व् दस्तावेज तक देने से नहीं चूकते. खबर आ रही है कि ऐसी हरकतों पर नकेल कसने के लिए मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे टैक्स की चोरी करने वालों के बीच हड़कंप मच गया है.
ग़लत दस्तावेज़ लगाना पड़ेगा भारी !
दरअसल पूरा टैक्स चुकाने से बचने के लिए कई बार कुछ लोग फर्जी हाउस रेंट (किराए) का प्रयोग करते हैं तो कभी कोई अन्य फर्जी दस्तावेज के जरिये से टैक्स में गलत तरीके से छूट लेने का प्रयास करते हैं. ऐसे लोगों को अब ये फर्जीवाड़ा महँगा पड़ सकता है. सरकार ने इसके लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है.
जो लोग गलत दस्तावेज लगाकर टैक्स बचा लेते हैं, उनपर नजर रखने के लिए इनकम टैक्स करदाता से संबंधित प्रॉपर्टी के वैध किराएदार होने का सबूत मांग सकता है. इनकम टैक्स अधिकारी अब विभाग को दिखाई गई टैक्सेबल आमदनी का आंकड़ा मंजूर करते समय टैक्स में छूट के लिए दी गयी जानकारी के सबूत मांग सकते हैं.
आयकर अधिकारी अब लीज एंड लाइसेंस एग्रीमेंट यानी किराए की वैध रसीद, किराएदारी के बारे में हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसायटी को जानकारी देने वाला पत्र, बिजली का बिल और पानी का बिल जैसे सबूतों की मांग कर सकते हैं.
टैक्स चोरी पर सरकार ने अपनाया सख्त रुख !
दरअसल कई बार ऐसा देखने में आया है कि करदाता आयकर में छूट के लिए आवेदन तो कर देता है लेकिन उसके पास इनमे से कोई भी दस्तावेज नहीं होते. कई बार ये भी देखने को मिलता है कि करदाता अपने पिता के घर में रह रहा होता है लेकिन टैक्स में छूट लेने के लिए खुद को किरायेदार दिखा देता है. इसके अलावा कई बार किराएदार होने पर किराए की रकम को बढ़ाकर दिखाया जाता है ताकि टैक्स में ज्यादा छूट मिल सके.
कई बार ऐसे मामले भी सामने आते हैं जिसमे करदाता अलग मकान में रह रहा होता है लेकिन वह दावा करता है कि उसी शहर में रहने वाले एक रिश्तेदार को वो किराया चुका रहा है. कुछ मामलों में परिवार का एक सदस्य लोन पेमेंट डिडक्शन के लिए क्लेम करता है तो दूसरा सदस्य टैक्स से बचने के लिए फर्जी घर किराए की रसीद चिपका देता है. इस तरह के मामलों को ध्यान में रखते हुए आयकर विभाग द्वारा अब रिपोर्टिंग को सख्त बनाये जाने पर काम हो रहा है