अभी अभी: लव ज़िहाद को लेकर अब यहाँ से आई ये सनसनीखेज ख़बर – पढ़कर दंग रह जायेंगे आप – तुरंत दिए गए जांच के आदेश

लव ज़िहाद को लेकर अब जो ख़बर हम आपको बताने वाले हैं, वो वाकई बेहद चौंकाने वाली है l निश्चित तौर पर इस खबर को पढ़कर आपको ये अंदाज़ा हो जायेगा कि लव ज़िहाद का कुकर्मी खेल कितने बड़े लेवल पर खेला जा रहा है l
केरल सरकार भले ही ‘लव जिहाद’ के मामलों को लेकर एनआईए जांच का विरोध करती रही हो लेकिन हाल ही में केरल ने ऐसे 90 मामलों की लिस्ट तैयार की है जिनमें मजबूर करके महिलाओं का धर्म परिवर्तन कराया गया है। जांच एजेंसी को सौंपे जाने वाले इन मामलों में रिलेशनशिप्स और विवाह के मामले भी शामिल हैं।
न मामलों को एनआईए को लव जिहाद से जुड़ी जांच करने के लिए सौंपा गया है। एनआईए ने अपनी जांच आगे बढ़ाते हुए पल अक्कड़ की अथीरा नांबियार और बेकल की अथीरा नाम की ही हिन्दू लड़कियों से पूछताछ की है और इन दोनों लड़कियों से पूछताछ की गई कि क्या उन्हें मुस्लिम पार्टनर से शादी का लालच देकर इस्लाम अपनाने के लिए फुसलाया गया था l
गौरतलब है कि भारत में ‘कट्टरपंथी’ मुस्लिम संगठन पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और इसके राजनीतिक चेहरे सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) का इन दोनों लड़कियों के अलावा एक अन्य लड़की अखीला अशोकन एलियास हदिया को भी फुसलाकर धर्म परिवर्तन करने का संदेह है। हदिया ने यह बात साफ की है कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है।
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। हालांकि इस पर आखिरी निर्णय लिया जाना अभी बाकी है।
आपको बता दें कि मंगलवार को ही केरल में कथित लव जिहाद के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान दो वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। इसमें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और योगी आदित्यनाथ का नाम लेने पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
वकील दुष्यंत दवे ने बीजेपी नेताओं पर केरल में सांप्रदायिक सद्भाव को खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया था। कोर्ट ने कहा कि वह उन दलीलों को स्वीकार नहीं करेगा जो मामले से नहीं जुड़ी हैं और मामले की सुनवाई 30 अक्टूबर तक स्थगित कर दी।
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने मामले की सुनवाई के दौरान केरल के एक मुस्लिम व्यक्ति की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नामों का जिक्र किया और राजनीतिक मंशा होने का दोष लगाया।
दवे ने कहा कि ‘योगी आदित्यनाथ ने केरल में लव जिहाद के बारे में बोला। इस अदालत को जमीनी हकीकत को जानना चाहिए।’ इसपर पीठ ने कहा कि ‘जब तक किसी राजनीतिक शख्सियत का आचरण इस मामले को सीधे तौर पर प्रभावित नहीं करता है, तब तक इसे यहां से दूर रखें। हमें यहां विधि से इतर प्राधिकार को नहीं लाना चाहिए, जो इससे संबंधित नहीं है।’
आपको बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तरफ से पेश अतिरिक्त सलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने दवे की दलीलों का जोरदार खंडन किया और कहा कि यह राजनीति है और वरिष्ठ वकील अदालत को धमका रहे हैं, जो अप्रिय और अक्षम्य है। गौरतलब है कि इस पीठ में जस्टिस ए. एम. खानविल्कर और जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ भी शामिल हैं।
पीठ ने तब दवे से कहा कि इस तरह की दलीलों को अदालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है और साफ कर दिया कि वह आज अब इस मामले पर सुनवाई नहीं करेगी। आपको बता दें कि केरल के लव जिहाद केस में नया मोड़ सामने आया है और माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में अगली तारीख़ पर बड़ा फ़ैसला लिया जा सकता है।
आपको बता दें कि लव जिहाद मामले से ही जुड़ी दो और याचिकाएं डाली गई हैं, जिसमें पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनकी लड़कियों को भी बहला-फुसला कर फंसाया गया है।
एक याचिका केरल के एक पिता बिंदू की तरफ से डाली गई है और उनका आरोप है कि उनकी बेटी निमाशा इस्लाम कबूल कर फातिमा बन गई है। उसने ईसाई धर्म के लड़के से शादी की है, जिसने भी इस्लाम कबूल लिया। लड़के पर आरोप है कि वो आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़ा हुआ है।
दूसरी याचिका सुमाथी आर्या की ओर डाली गई है जो कि महाराष्ट्र के लातूर की है। सुमाथी के परिजनों का आरोप है कि उसे जबरन इस्लाम कबूलने पर मजबूर किया गया है और निर्देश दिए गए कि वो आईएसएस या सिमी जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों से जुड़ जाए।
ये याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में वकील ऐशवर्या भाटी की ओर से डाली गई हैं। उनका कहना है कि इन युवकों को आतंकी संगठनों की ओर से लव जिहाद का टारगेट दिया जाता है और वो दो हफ्ते के अंदर लड़कियों को फंसाते हैं और फिर उनसे 6 महीने में इस्लाम कबूल करवाते हैं।
वकील के मुताबिक इन सभी युवकों को महंगे कपड़ों से लेकर गाड़ी और कई चीजें आतंकी संगठन की ओर से दी जाती हैं और टारगेट दिया जाता है कि वे लड़कियों को फंसाए और आतंकी संगठनों में शामिल कराएं।
दरअसल, इस्लाम कबूल चुकी अखिला ने मुस्लिम युवक शफीन जहान से शादी की है और केरल हाईकोर्ट शादी को रद्द कर चुका है। हादिया बन चुकी अखिला को परिवार की कस्टडी में सौंप दिया गया है, लेकिन वो जहान के साथ ही रहना चाहती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए जांच के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए से कहा था कि हिंदू महिला के धर्म परिवर्तन और मुस्लिम युवक से शादी मामले की जांच करे क्योंकि एजेंसी ने दावा किया था कि यह कोई अलग मामला नहीं है बल्कि केरल में यह ‘सिलसिला’ चल पड़ा है।
अदालत ने एनआईए को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आरवी रवींद्रन की निगरानी में घटना की जांच के आदेश दिए थे। शीर्ष अदालत ने कहा था कि इंटरनेट गेम ‘ब्लू व्हेल’ की तरह किसी को गुमराह कर जोखिम भरा कदम उठाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।