Friday, July 30, 2021

अखिलेश से बोले मुलायम – चाचा शिवपाल की कराओ ‘घर वापसी’…

Maharajganj: दबंग पंचायत मित्र द्वारा किया जा रहा है अवैध नाली का निर्माण।

महराजगंज- फरेंदा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा पिपरा तहसीलदार में पंचायत मित्र द्वारा अपने व्यक्तिगत नाली का निर्माण ग्राम सभा के मुख्य...

पुलिस अधीक्षक द्वारा की गयी मासिक अपराध गोष्ठी में अपराधों की समीक्षा व रोकथाम हेतु दिये गये आवश्यक दिशा-निर्देश

Maharajganj: पुलिस अधीक्षक महराजगंज प्रदीप गुप्ता द्वारा आज दिनांक 17.07.2021 को पुलिस लाइन्स स्थित सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी में कानून-व्यवस्था की...

शायर मुनव्वर राना के बोल, ‘दोबारा सीएम बने योगी तो यूपी छोड़ दूंगा’

लखनऊ: मशहूर शायर मुनव्वर राना एक बार फिर अपने बयान की वजह से सुर्खियों में हैं।उन्होंने कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ दोबारा...

Maharajganj: CO सुनील दत्त दूबे द्वारा कुशल पर्यवेक्षण करने पर अपर पुलिस महानिदेशक जोन गोरखपुर ने प्रशस्ति पत्र से नवाजा।

Maharajganj/Farenda: सीओ फरेन्दा सुनील दत्त दूबे को थाना पुरन्दरपुर में नवीन बीट प्रणाली के क्रियान्वयन में कुशल पर्यवेक्षण करने पर अपर पुलिस...

विधायक विनय शंकर तिवारी किडनी की बीमारी से पीड़ित ग़रीब युवा के लिए बने मसीहा…

हाल ही में सोशल मीडिया के माध्यम से किडनी की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की मदद हेतु युवाओं के द्वारा अपील की...

Download GT App from
Google Play

विज्ञापन के लिए संपर्क करें +91 7843810623 (WhatsApp)

लोकसभा चुनाव के नतीजों से समाजवादी पार्टी (सपा) को निराशा हाथ लगी है. बसपा से गठबंधन के बाद सपा को उत्‍तर प्रदेश में ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. सपा के लिए यह कठिन समय है. लगभग पौने दो साल से साइड लाइन चल रहे पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव के नेतृत्‍व पर सवाल उठाए हैं. सपा की करारी हार पर पिछले तीन दिनों से लगातार मंथन चल रहा है. मुलायम और अखिलेश के बीच लगातार बैठक चल रही है. जबकि मुलायम को भी यह महसूस हो चुका है कि सपा की सियासी जमीन पूरी तरह से खिसक चुकी है. कहीं न कहीं इस हार का ठीकरा अखिलेश यादव के सिर फोड़ा जा रहा है. 2014 लोकसभा चुनाव के वक्‍त अखिलेश यादव उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री थे, बावजूद इसके सपा के खाते में केवल पांच सीटें ही आई थीं. 2017 में जब अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष बने, उस वक्‍त विधानसभा चुनाव में पार्टी के खाते में 403 में से केवल 47 सीटें आईं. वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा के साथ गठबंधन करने के बावजूद सपा केवल पांच सीटों पर ही कब्‍जा कर सकी. जबकि मुलायम सिंह यादव ने अपने करियर के सबसे कम अंतर (95 हजार वोट) के साथ मैनपुरी से चुनाव जीता.
लोकसभा चुनाव में निराशा हाथ लगने के बाद अखिलेश यादव ने पार्टी के संरक्षक और अपने पिता की ओर रुख किया. अब सपा का सियासी किला पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है. मुलायम ने अखिलेश को सलाह दी कि गैर-यादव नेताओं को पार्टी से फिर जोड़ना शुरू करें साथ ही इस धारणा को खत्‍म करने की कोशिश करें कि सपा यादवों की पार्टी है.
अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के साथ विचार-विमर्श के लिए रेवती रमन सिंह, भगवती सिंह, ओम प्रकाश सिंह, मनोज पांडे, अरविंद सिंह गोप, नारद राय और राधेश्‍याम सिंह जैसे वरिष्‍ठ नेताओं को बुलाया जा रहा है.

ये भी पढ़े :  महान एक्टर इरफान खान ने हारी जिंदगी की जंग, मुंबई के अस्पताल में तोड़ा दम
ये भी पढ़े :  योगी ने बुलंदशहर कांड को बताया षड्यंत्र का हिस्सा, बैठक में अधिकारियों को लगाई फटकार....

शिवपाल यादव नाराजगी छोड़कर सपा में हों शामिल

मुलायम सिंह चाहते हैं कि पार्टी के वरिष्‍ठ नेता भी निर्णायक फैसला लेने में शामिल हो. साथ ही उन्‍होंने अखिलेश से कहा है कि पिछले दो सालों में जिन नेताओं ने पार्टी छोड़ दी थी, उनकी वापसी सुनिश्चित की जाए. सूत्रों के अनुसार, उन्‍होंने अपने बेटे से शिवपाल यादव की वापसी का रास्‍ता तैयार करने के लिए कहा है. लगभग दो साल पहले अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच शुरू हुआ झगड़ा काफी लंबे समय तक चला. अंत में शिवपाल को अपना कुनबा लेकर सपा से अलग होना पड़ा और उन्‍होंने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (PSPL) की स्थापना की. हालांकि इस लोकसभा चुनाव में शिवपाल खुद भी चुनाव हार गए और पार्टी की उपस्थिति दर्ज कराने में भी असफल रहे. शिवपाल यादव फिरोजाबाद से खुद चुनाव हार गए. साथ ही उनके सभी उम्‍मीदवार जीत से इतना दूर रहे कि कोई दूसरे स्‍थान पर भी नहीं रह सका. सूत्रों के अनुसार, अब शिवपाल ने भी अखिलेश यादव के प्रति अपना रुख नरम कर लिया है. सपा के एक वरिष्‍ठ नेता ने कहा कि यह चुनाव अखिलेश के साथ-साथ शिवपाल यादव को भी एक सबब दे गया. उन्‍हें इसे महसूस करके कठोर कदम उठाना चाहिए. मुलायम चाहते हैं कि उनका बेटा और भाई फिर से एक साथ आएं. सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव जल्‍द ही पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए अपने दरवाजे खोलेंगे और बिना किसी अप्‍वाइमेंट के उनसे मुलाकात करेंगे. पिछले कुछ समय से सपा मुख्‍लालय सभी के लिए दुर्गम हो गया था.

Hot Topics

गोरखपुर : सगी बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा भाई; यहां जाने क्या है माजरा !

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिलुआताल में...

गोरखपुर:चिता पर रखे शव के जीवित होने पर मचा हड़कंप, रोकना पड़ा दाह संस्कार,

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां...

देवरिया:- थाने में ही महिला फरियादी के सामने हस्तमैथून करने वाला थानेदार फ़रार,25 हज़ार के इनाम की घोषणा

देवरिया के अंतर्गत आने वाले थाने भटनी में महिला फरियादी के सामने हस्तमैथुन करने वाली थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज...

Related Articles

यूपी में कई IPS बदले गए,दिनेश कुमार गोरखपुर के नए एसएसपी.

कई IPS के तबादले हुए जिसमे गोरखपुर के एसएसपी जोगेंद्र कुमार को झाँसी का नया डीआईजी बनाया...

बड़े पैमाने पर हुआ सीओ का तबादला,125 सीओ किये गए इधर से उधर….

उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर सीओ यानी उपाधीक्षकों के तबादले किये गए।।125 उपाधीक्षकों का तबादला किया...

तंत्र-मंत्र के चक्कर में फंसी बहू, सिद्धि के लिए दे दी अपने ही ससुर की बलि

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में तंत्र-मंत्र के चक्कर में फंस कर एक बहू ने अपने ही ससुर...
%d bloggers like this: