Wednesday, April 24, 2019
Sports

आईपीएल में सट्टेबाजी का भंडाफोड़, चार लाख बरामद…

आईपीएल मैचों में आनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच और अतरसुइया पुलिस ने मीरापुर इलाके में दबिश देकर नौ सटोरियों को पैसों के लेनदेन के वक्त गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तकरीबन चार लाख रुपये, 20 मोबाइल और एक लैपटॉप बरामद हुआ है। गिरोह शहर में कई स्थानों पर स्थानीय सटोरियों से सट्टेबाजी करा रहा था। इस मामले में कुछ सफेदपोशों के भी नाम सामने आए हैं। पुलिस जांच में जुटी है। विज्ञापन आईपीएल शुरू होने के बाद मोबाइल एप से करोड़ों की सट्टेबाजी चल रही थी। ‘अमर उजाला’ ने कुछ दिन पहले ही इसका खुलासा किया था। क्राइम ब्रांच की टीम को मीरापुर में सटोरियों के एक गिरोह के बारे में पता चला था। मंगलवार को उस वक्त दबिश दी गई जब, पैसों का लेन देन होता है। पुलिस ने मीरापुर के एक प्लाट से पुराना कटरा के अंकित जायसवाल, नितिन साहू, मोनू साहू, विवेक साहू, मीरापुर सब्जी मंडी के नवनीत राय, कटघर का सिंटू केसरवानी, मुट्ठीगंज के सचिन अग्रहरि, ऊंचामंडी के कौशल सोनी और मुट्ठीगंज के अयूर गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
उनके पास से तीन लाख 86 हजार, 20 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और दो बाइकें बरामद की गईं। एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा ने बताया कि गिरोह आईपीएल मैचों में सट्टेबाजी कराता है। इस बार आनलाइन गेम कराया जा रहा था। गिरोह में छोटे स्तर पर भी कई सटोरिये जुड़े हैं। इस गिरोह ने बुकी से मुख्य लाइन ली हुई है। मुख्य लाइन से दूसरे सटोरियों को लाइन देकर मैच पर दांव लगाया जाता था।
गिरोह के सभी लोगों के मोबाइल को मुख्य लाइन से जोड़ा जाता था। लैपटॉप और टीवी से लगातार मैच का जायजा लेकर लोगों से करोड़ों के दांव लगवाए जाते थे। दबिश में ट्रेनी आईपीएस एएसपी अमित कुमार आनंद भी गए थे। पूछताछ के दौरान कुछ सफेदपोशों के भी नाम सामने आए हैं। पुलिस उनके बारे में जानकारी इकट्ठी कर रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम मे क्राइम ब्रांच प्रभारी धर्मेंद्र यादव, स्वाट टीम प्रभारी वृंदावन राय, दरोगा विजय विक्रम सिंह और इंस्पेक्टर अतरसुइया जयचंद्र शर्मा आदि शामिल थे।
दिल्ली और पुणे के बुकी से जुड़े हैं गिरोह के तार

प्रयागराज। क्राइम ब्रांच प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि गिरोह के तार दिल्ली और पुणे के बुकी से जुड़े हैं। पकड़े गए सटोरियों के आपराधिक रिकार्ड की जानकारी की गई। किसी का आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला लेकिन, वे आईपीएल में सट्टेबाजी सालों से कर रहे हैं। उनके मोबाइल नंबरों से कई जानकारियां मिली हैं जिसकी जांच की जा रही है।

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