Tuesday, January 21, 2020
Uttar Pradesh

ऊर्जा मंत्री का अजय कुमार लल्लू पर पलटवार, कहा- माफी मांगें, नहीं तो करूंगा मानहानि का मुकदमा…..

उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन में पीएफ घोटाले पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के लगाए आरोपों पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पलटवार किया. श्रीकांत शर्मा ने लल्लू के आरोपों को न सिर्फ मनगढ़ंत और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. बल्कि खुद पर लगाए गए आरोपों के लिए अजय कुमार लल्लू से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की बात कही है. माफी न मांगने पर श्रीकांत शर्मा ने उनके खिलाफ अदालत में आपराधिक मानहानि का केस दायर कर विधिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है. श्रीकांत शर्मा ने कहा ‘कांग्रेस अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू द्वारा बौखालहट में जो मेरे ऊपर निजी आरोप लगाए गए हैं, वो बहुत शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं. सुचिता और पारदर्शिता मेरी और मेरे सरकार की प्रथमिकता है. कांग्रेस दागदार है, इसलिए कांग्रेस को सिर्फ दाग दिखाई देते हैं. लल्लू जी ने जो निजी आरोप लगाए हैं, उसके लिए उन्हें अविलंब सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. अन्यथा उनके खिलाफ मैं कानूनी कार्रवाई करूंगा. उनको एक अपराधिक मानहानि का नोटिस भेजूंगा क्योंकि अब आज की राजनीति में आरोप लगाकर भाग जाना नहीं चलेगा. राहुल गांधी भी इसी तर्ज पर आरोप लगाते थे, आज अदालतों के चक्कर लगा रहे हैं. कीचड़ उछालने से पहले कांग्रेस के लोग आत्मचिंतन जरूर करें. सरकार ईमानदार और पारदर्शी तरीके से काम कर रही है.’

लल्लू ने लगाए हैं ये आरोप

दरअसल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेस कर डीएचएफएल घोटाले के लिए योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने इस दौरान उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के ऊपर भी कई गंभीर आरोप लगाए थे. लल्लू ने कहा था कि इस मामले में सरकार ने प्रियंका गांधी के ट्वीट के बाद ही कुछ नीचे के अधिकारियों पर नाम मात्र की कार्रवाई की गई, जबकि 10 जुलाई को गुमनाम शिकायत के बाद 28 अगस्त 2019 को ही घोटाले की पुष्टि हो गई थी. फिर भी सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई समय से जानबूझकर नहीं की गई. इतना ही नहीं लल्लू ने कहा था कि डीएचएफएल के मालिक वाधवान ने व्यक्तिगत तौर पर बीजेपी को सबसे ज्यादा चंदा लगभग बीस करोड़ रूपये दिये. आखिर वाधवान और बीजेपी के बीच क्या संबंध है, बीजेपी इसका खुलासा करे? इसके अलावा शक्ति भवन में 15वीं मंजिल पर ऊर्जा मंत्री का कार्यालय और मंत्री आवास सहित उनके मथुरा के आवास राधा वैली के विजिटर बुक को जनता के सामने लाया जाए, ताकि पता चले कि कौन-कौन से लोग इस भ्रष्टाचार में जुड़े हैं. सिर्फ पूर्ववर्ती सरकार पर जिम्मेदारी डालने से काम नहीं चलेगा, जब 21 महीने में हर काम की जांच हुई तो आखिर इसे क्यों छोड़ा गया?

Advertisements
%d bloggers like this: