Sunday, October 13, 2019
Gorakhpur

ऐतिहासिक तालाबो में बहाया जा रहा गन्दा पानी

भदोही

सुरियावां। ऐतिहासिक अधिकाधिक तालाबो में नगर का गन्दा पानी नगर पंचायत द्वारा नाली बनाकर किए जाने से जहां तालाबो का महत्व कम हो रहा है। वही लोग इन तालाबो में स्नान कर तालाबो पर बने मंदिरों में पूजा पाठ करते थे। आज तालाब को कही गंदगी से पाटा जा रहा है, कहि जलकुंभी से तालाब पट रहा है। देखा जाय तो नगर के पूरब निमकैडिया तालाब, बावन बीघा तालाब के जुड़े नाले में नगर का गंदा पानी जा रहा है। नगर कर मध्य में स्थित सहूआईन का तालाब है निसमे जलकुम्भी पर्स तालाब में है जलकुम्भी से बीसों साल से पट राजा है। इसके अलावा नगर का गंदा पानी जा रहा है। दोना पत्तल नगर का कूड़ा भी किनारे रखकर पाटने का कुचक्र कर कुछ अतिक्रमण कारियो ने काफी पाटकर कब्जा कर लिया गया है। चारो तरफ से अतिक्रमण कर की पक्के भवन भी बन गए है। एक जोधराज सिंह तालाब है जो आसपास के नागरिकों के देखरेख से साफ सुथरा बचा है। करीब आधा दर्जन तालाब तो गायब होकर मकान व खेत बना ये गए है। वरण विधायक भदोही ने चुनाव जीतने के बाद मंच से सहूआईन तालाब का सुंदरीकरण कराने की घोषणा की थी किन्तु अभी तक सुंदरीकरण का कार्य शुरू नही हो सका है। भारत सरकार व उच्च न्यायालय जे कड़े निर्देश के बाद भी तालाबो को सुरक्षित रहने में ग्रहण लगा हुआ है। तालाबो पर से अतिक्रमण क्यो नही हट रहा है जिम्मेदारी किसकी है क्यो कार्रवाई नही हो रही है। संबंधित वीहः चुप्पी साधे है। नगर की तरह गांवों में भी तालाबों पर अतिक्रमण किए गए है। क्षेत्र के नागरिकों ने तालाबों की अस्मिता की रक्षा करने व ऐतिहासिक धरोहरों को अतिक्रमण मुक्त व स्वच्छ बनाने की मांग की है।

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