Saturday, September 18, 2021

काल के देवता है भगवान शिव- शिवकांत क्रासर-नागपंचमी आज

गोरखपुर:- बोरे में भरकर लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे जीजा साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार

बोरे में भरकर लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे जीजा साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार गोरखपुर। दिल्ली...

Maharajganj: औकात में रहना सिखो बेटा नहीं तो तुम्हारे घर में घुस कर मारेंगे-भाजपा आईटी सेल मंडल संयोजक, भद्दी भद्दी गालियां फेसबुक पर वायरल।

Maharajganj: महाराजगंज जनपद में भाजपा द्वारा नियुक्त धानी मंडल संयोजक का फेसबुक पर गाली-गलौज और धमकी वायरल। फेसबुक पर धानी मंडल संयोजक...

खुशखबरी:-सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक को मंजूरी 1320 करोड़ स्वीकृत

गोरखपुर के लिहाज़ से एक बड़ी ख़बर प्राप्त हो रही है जिसमे यह बताया जा रहा है कि सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक...

दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: सांसद कमलेश पासवान

दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: सांसद बांसगांव लोकसभा के सांसद कमलेश पासवान ने कास्त मिश्रौली निवासी भाजपा नेता...

पूर्वांचल में मदद की परिभाषा बदलने का ऐतिहासिक कार्य कर रहे हैं युवा नेता पवन सिंह….

युवा नेता पवन सिंह ने मदद करने की परिभाषा पूरी तरह बदल दी है. उन्होंने मदद का दायरा इतना ज्यादा बढ़ा दिया...

Download GT App from
Google Play

विज्ञापन के लिए संपर्क करें +91 7843810623 (WhatsApp)

भदोही

ज्ञानपुए,कांवल। श्रावण शुक्ल पंचमी को नाग पंचमी के नाम से जाना जाता है। सबसे अच्छा संयोग यह है कि इस बार नागपंचमी का पर्व सोमवार को पड़ रहा है। इस बारें में शिवकांत दुबे ने बताया कि सोमवार को उत्तराफाल्गुनी तदुपरि हस्त नक्षत्र के दुर्लभ योग में पड़ रहा है। इस योग में कालसर्प-योग की शान्ति हेतु पूजन का विशेष महत्व शास्त्रों में वर्णित है। नागों को अपने जटाजूट तथा गले में धारण करने के कारण ही भगवान शिव को काल का देवता कहा गया है। उन्होंने बताया कि इस दिन गृह-द्वार के दोनों तरफ गाय के गोबर से सर्पाकृति बनाकर अथवा सर्प का चित्र लगाकर उन्हें घी, दूध, जल अर्पित करना चाहिए। इसके पश्चात दही, दूर्वा, धूप, दीप एवं नीलकंठी, बेलपत्र और मदार-धतूरा के पुष्प से विधिवत पूजन करें। फिर नागदेव को धान का लावा, गेहूँ और दूध का भोग लगाना चाहिए। बताया कि एक पौराणिक कथा के अनुसार, ऋषि शापित महाराज परीक्षित के पुत्र जनमेजय ने नाग जाति को समाप्त करने के संकल्प से नाग-यज्ञ किया, जिससे सभी जाति-प्रजाति के नाग भस्म होने लगे किन्तु अत्यन्त अनुनय-विनय के कारण पद्म एवं तक्षक नामक नाग देवों को ऋषि अगस्त से अभयदान प्राप्त हो गया। अभयदान प्राप्त दोनों नागों से ऋषि ने यह वचन लिया कि श्रावण मास शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को जो भू-लोकवासी नाग का पूजन करेंगे। हे पद्म-तक्षक तुम्हारे वंश में उत्पन्न कोई भी नाग उन्हें आघात नहीं करेगा। तब से इस पर्व की परम्परा प्रारम्भ हुई, जो वर्तमान तक अनवरत चले आ रहे इस पर्व को नाग पंचमी के नाम से ख्याति मिली। श्री दुबे ने बताया कि नाग पंचमी के दिन सर्प को देवता मान कर पूजा करते हैं। इस दिन पूजा की विशेष विधि होती है। गरुड़ पुराण के अनुसार नाग पंचमी की सुबह स्नान आदि करके शुद्ध होने के पश्चात भक्त अपने घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर नाग का चित्र बनाएं या प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद फल, सुगंधित पुष्पों नाग देवता पर दूध चढ़ाते हुए पूजा करें। नागपंचमी पर रुद्राभिषेक का भी अत्यंत महत्व है। पुराणों के अनुसार पृथ्वी का भार शेषनाग ने अपने सिर पर उठाया हुआ है इसलिए उनकी पूजा अवश्य की जानी चाहिए। ये दिन गरुड़ पंचमी के नाम से भी प्रसिद्ध है और नाग देवता के साथ इस दिन गरुड़ की भी पूजा की जाती है। श्री दुबे ने बताया कि नाग पंचमी का सीधा संबंध आदमी के कुंडली में विराजमान राहू-केतु से होता है। राहु और केतु परस्पर एक दूसरे से 180 अंश पर रहते हैं, यानी दोनों एक दूसरे से सप्तम भाव में विराजमान रहते हैं। राहु और केतु को सर्प का प्रतीक माना जाता है। राहु को सर और केतु को पूंछ माना जाता है। सर्प के समान होने के कारण राहु और केतु से सम्बंधित समस्याओं के लिए नाग पंचमी का दिन सर्वश्रेष्ठ है। इस दिन दोपहर को राहु केतु सम्बन्धी उपाय करने से इनसे सम्बंधित समस्याएं समाप्त होती हैं। उन्होंने राहु केतु के लक्षण के बारें में बताया कि व्यक्ति अगर हमेशा जल्दबाजी में रहता हो और उसके जीवन में तमाम घटनाएं आकस्मिक रूप से घटें तो समझना चाहिए कि यह राहु केतु का प्रभाव मानना चाहिये। इसके साथ ही मनुष्य के ऊपर राहु केतु के प्रभाव से व्यक्ति का शरीर रुखा रहता है और व्यक्ति को हमेशा आलस्य रहता है, व्यक्ति हमेशा चीजों को छिपाता है और हर काम छिपकर करता है,व्यक्ति की हथेलियों में बीचों बीच जाल हो तो भी यह राहु केतु का ही प्रभाव माना जाता है। राहु केतु के शुभ प्रभाव के बारें में बताया कि व यदि राहु केतु का प्रभाव शुभ हो तो व्यक्ति कंप्यूटर के क्षेत्र में सफल होता है तथा व्यक्ति राजनीति में सफलता प्राप्त करता है। व्यक्ति की तमाम दुर्घटनाओं से रक्षा होती है, व्यक्ति बार बार मुश्किलों से बचता है। राहु केतु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए उन्होंने बताया कि यदि राहु केतु खाने पीने की आदत बिगाड़ रहे हों तो नागपंचमी पर तुलसी का पौधों को लगाना चाहिये और उसकी उपासना करनी चाहिए।
राहु केतु के कारण बुरी आदतें लग गई हों तो नाग पंचमी पर प्रातः मिट्टी का एक सर्प बनाकर नदी में प्रवाहित करना चाहिये। राहु केतु के कारण अगर जीवन में बार बार उतार चढ़ाव हो रहा हो तो इस दिन सात तरह के अनाज एक साथ दान करें। यदि भय की वृत्ति या कल्पना की समस्या हो तो इस दिन नीम की लकड़ी पर १०८ बार पीली सरसों की आहुति देंना चाहिये। राहु केतु से सम्बंधित कोई भी समस्या हो तो नाग पंचमी के दिन नीले कपडे में सफ़ेद चन्दन का टुकड़ा बांधकर गले में धारण करना चाहिए।

ये भी पढ़े :  गोरखपुर में लापरवाही से पहुँचा कोरोना पीड़ित सीमा पर चेक ही नहीं कि गई एम्बुलेंस
ये भी पढ़े :  गोरखपुर में लापरवाही से पहुँचा कोरोना पीड़ित सीमा पर चेक ही नहीं कि गई एम्बुलेंस

Hot Topics

गोरखपुर : सगी बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा भाई; यहां जाने क्या है माजरा !

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिलुआताल में...

गोरखपुर:चिता पर रखे शव के जीवित होने पर मचा हड़कंप, रोकना पड़ा दाह संस्कार,

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां...

देवरिया:- थाने में ही महिला फरियादी के सामने हस्तमैथून करने वाला थानेदार फ़रार,25 हज़ार के इनाम की घोषणा

देवरिया के अंतर्गत आने वाले थाने भटनी में महिला फरियादी के सामने हस्तमैथुन करने वाली थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज...

Related Articles

गोरखपुर:- बोरे में भरकर लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे जीजा साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार

खुशखबरी:-सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक को मंजूरी 1320 करोड़ स्वीकृत

गोरखपुर के लिहाज़ से एक बड़ी ख़बर प्राप्त हो रही है जिसमे यह बताया जा रहा है कि सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक...

दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: सांसद कमलेश पासवान

दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: सांसद बांसगांव लोकसभा के सांसद कमलेश पासवान ने कास्त मिश्रौली निवासी भाजपा नेता...
%d bloggers like this: