Thursday, August 22, 2019
Uttar Pradesh

किसानों के दिल्ली मार्च का असर, CM योगी ने दिए निर्देश, जल्द किया जाए गन्ना किसानों का भुगतान…

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश सरकार के लिए गन्ना किसानों का हित सर्वोपरि है. उन्होंने गन्ना किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अतिशीघ्र किये जाने के निर्देश दिए. गन्ना विभाग के स्तर पर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की कार्यवाही तेज कर दी गई है, जिससे किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान अतिशीघ्र किया जा सके.

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार (30 नवंबर) को बताया कि किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा सस्ता कर्ज योजना के तहत अनुपूरक अनुदान के माध्यम से चार हजार करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कराया गया था. इससे प्रदेश में निजी क्षेत्र की चीनी मिलों को पेराई सत्र 2017-18 के अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान हेतु, राज्य में स्थित राष्ट्रीयकृत अनुसूचित व्यावसायिक बैंकों एवं उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक के माध्यम से, ऋण के रूप में धनराशि उपलब्ध करायी जानी थी.

इस क्रम में चीनी मिलों से प्राप्त दावों के अनुसार 44 चीनी मिलों को लगभग 2,619 करोड़ रुपये का सस्ता कर्ज उपलब्ध कराया जा चुका है. इसे सम्बन्धित उप गन्ना आयुक्त एवं जिला गन्ना अधिकारी एस्क्रो एकाउण्ट के माध्यम से किसानों के खाते में तत्काल हस्तांतरित कराएंगे.

आपको बता दें कि किसानों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए एक बार फिर से देशभर के किसान देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर जमा हुए थे. किसानों की कर्जमाफी और फसलों की लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिए जाने समेत कई मांगों को लेकर विभिन्न राज्यों के किसान ‘किसान मुक्ति मार्च’ दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंच गई. दो दिवसीय किसान मुक्ति मार्च का शुक्रवार (30 नंवबर) को दूसरा और आखिरी दिन था. पूरे देश के जमा किसान इस बार सिर्फ दो मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे.

उनकी पहली मांग है कि उन्हें कर्ज से पूरी तरह मुक्ति दी जाए और दूसरी अपनी दूसरी मांग में फसलों की लागत का डेढ़ गुना मुआवजा चाहते हैं. ऐतिहासिक रामलीला मैदान पर लाल टोपी पहने और लाल झंडा लिए किसानों ने ‘अयोध्या नहीं, कर्ज माफी चाहिए’ जैसे नारे लगाते दिखे. देश के विभिन्न इलाकों मसलन, आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडू, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश आदि जगहों से किसान ट्रेन, ट्रैक्टर्स से इस किसान मुक्ति मार्च में आए हैं.

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