Monday, July 22, 2019
Uttar Pradesh

‘किसी को बुरा लगे, इस डर से अपनी आस्था नहीं छोड़ सकता’, योगी ने EC को भेजा जवाब…..

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने एक बयान को लेकर इन दिनों आलोचकों के निशाने पर हैं। बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक रैली के दौरान दिए अपने भाषण में अली और बजरंगबली का जिक्र किया था। जिसे चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए योगी आदित्यनाथ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। आयोग के नोटिस पर योगी आदित्यनाथ ने अपने जवाब में कहा है कि ‘किसी को असुरक्षित महसूस हो, बुरा लगे, इस डर से वह अपनी आस्था नहीं छोड़ सकते।’ बता दें कि चुनाव आयोग ने सोमवार को योगी आदित्यनाथ पर 72 घंटे का बैन लगा दिया है। इस बैन के तहत योगी आदित्यनाथ अगले 72 घंटों तक किसी चुनावी रैली या प्रचार में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

एनबीटी की एक खबर के अनुसार, “योगी आदित्यनाथ ने चुनाव आयोग को भेजे अपने जवाब में कहा है कि बजरंगबली में मेरी अटूट आस्था है और किसी को बुरा लगे या कोई अज्ञानतावश असुरक्षित महसूस करे, तो इस डर से मैं अपनी आस्था को नहीं छोड़ सकता।” योगी ने आगे कहा कि “उन्होंने छद्म धर्मनिरपेक्षता को उजागर किया था। उन्होंने कभी भी धर्म और जाति के नाम पर वोट नहीं मांगा था। विपक्ष जाति-धर्म के नाम पर वोट मांगता है। देश में हर नागरिक को धर्म व आस्था की स्वतंत्रता है। ” योगी ने आगे कहा कि राष्ट्रीय दल की एक नेत्री खुद को धर्म निरपेक्ष कहती हैं, पर क्या मजहब के आधार पर मुसलमानों से वोट मांगना धर्म निरपेक्षता की श्रेणी में आएगा?

उल्लेखनीय है कि बसपा-सपा-रालोद गठबंधन ने उत्तर प्रदेश के देवबंद में बीते दिनों रैली का आयोजन किया था। इस रैली के दौरान गठबंधन के नेताओं ने मुसलमान मतदाताओं से गठबंधन को वोट देने की अपील की थी। जिसके बाद योगी आदित्यनाथ ने एक रैली के दौरान कहा था कि ‘यदि कांग्रेस, एसपी और बसपा को अली पर विश्वास है तो हमें भी बजरंग बली पर विश्वास है।’ गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने योगी आदित्यनाथ के साथ ही बसपा सुप्रीमो मायावती पर भी 48 घंटे का बैन लगाया है। इन दोनों नेताओं के अलावा मेनका गांधी और सपा नेता आज़म खान पर चुनाव आयोग ने कार्रवाई करते हुए बैन लगाया है।

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