Friday, October 18, 2019
Gorakhpur

कुंभ में गोरखपुर के चार नाटकों का होगा मंचन…

प्रयागराज में बिखरने वाली कुंभ की छटा में गोरखपुर के रंगमंच और संगीत की चमक भी दिखेगी। कुंभ के लिए गोरखपुर से चार लोकप्रिय नाटकों का चयन कुंभ में मंचन के लिए गया है। इसके साथ ही शास्त्रीय संगीत एवं लोकगीत की छटा भी गोरखपुर के वरिष्ठ कलाकार बिखेरेंगे और कुंभ में गोरखपुर की यादगार छाप छोड़ेंगे।

वरिष्ठ गायक डा. शरद मणि त्रिपाठी उपशास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति एक फरवरी को कुंभ के मंच पर देंगे। इनके साथ आर्गन पर बीएल श्रीवास्तव व तबले पर रमेश पाण्डेय संगत करेंगे। वहीं हरि प्रसाद सिंह लोकगीतों की मनोहरी छटा कुंभ में बिखेरेंगे। प्रयागराज में होने वाले कुंभ में गोरखपुर के रंगमंच के माध्यम से दर्शकों को सचेत करने वाले संदेश के साथ ही पौराणिक कथायें वर्तमान परिपेक्ष्य में ‘रश्मि रथी से देखने को मिलेगी।

तो वही पूर्वांचल के संस्कार और संस्कृति नाटक ‘मेघदूत की पूर्वांचल यात्रा से दर्शक देख सकेंगे। इसके साथ ही कुंभ में सम्राट अशोक की कहानी दर्शकों को गोरखपुर के कलाकारों के बेहतरीन अभिनय के साथ नाटक ‘सम्राट अशोक से देखने को मिलेगी। इसके साथ ही कुंभ में नाटक ‘संघम शरणम गच्छामि से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचारों से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

कुंभ में मंचित होने वाले नाटक

संस्था- दर्पण

नाटक- सम्राट अशोक

निर्देशन- चितरंज त्रिपाठी

लेखन- दया शंकर सिंहा

मंचन- 20 जनवरी (कुंभ)

कहानी- सम्राट अशोक के जीवन पर आधारित है। सम्राट को नाटक में एक सम्राट के रूप में बल्कि एक मनुष्य के रूप में दर्शाया गया है। सम्राट की खूबियों और दुर्बलताओं को दर्शाया गया है।

अवधि- 2 घंटा 10 मिनट

प्रमुख कलाकार- आदित्य सिंह, रीना जयसवाल, शरद श्रीवास्तव, रवीन्द्र रंगधर, धानी गुप्ता

संस्था-अभियान थियेटर ग्रुप

नाटक- संघम् शरणम् गच्छामि

निर्देशन- श्री नारायण पाण्डेय

लेखन- नरेन्द्र देव पाण्डेय

मंचन- 26 जनवरी (कुंभ)

कहानी- नाटक की कहानी एक परिवार के माध्यम से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की सोच को दर्शाती है।

अवधि- 2 घंटे 20 मिनट

प्रमुख कलाकार- अंशिका मिश्र, आंचल, प्राणेश, शताक्षी, अफ्फान नवाब, कृष्णा राज, विपिन यादव, आरके यादव, अवधेश यादव, आशीष कुमार, सूर्या पटेल

संस्था- सांस्कृतिक संगम सलेमपुर

नाटक-मेघदूत की पूर्वांचल यात्रा

निर्देशन- मानवेन्द्र त्रिपाठी

लेखन-स्वर्गीय बलदाऊ जी विश्वकर्मा

मंचन – 9 फरवरी (कुंभ)

कहानी- कालीदास के मेघदूत से प्रभावित इस नाटक में पूर्वांचल के तीज, त्योहार और संस्कार की यात्रा को दर्शाया गया है।

अवधि-1 घंटे 40 मिनट

प्रमुख कलाकार- मंच पर 40 कलाकारों की टीम अभियन करेगी।

संस्था- दर्पण

नाटक- रश्मिरथी

निर्देशन- संत कुमार श्रीवास्तव

लेखन- रामधारी सिंह दिनकर

मंचन – 6 फरवरी (कुंभ)

कहानी- नाटक की कहानी कर्ण को केन्द्र में रखकर रची गई है। जिसमें दर्शाया गया है कि कर्ण को समय-समय पर छला गया है।

अवधि- 1.20 मिनट

प्रमुख कलाकार- मानवेन्द्र त्रिपाठी, रवीन्द्र रंगधर, शरद श्रीवास्तव, नवनीत जयसवाल, रीना जयसवाल, संजू राज खान, अजीत प्रताप सिंह

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