Sunday, October 13, 2019
Gorakhpur

गेंद खोजने बाउंड्री पर चढ़ा छात्र तो उद्योगपति के बाडीगार्ड ने मार दी गोली…

गोरखनाथ क्षेत्र के विकास नगर में रहने वाले उद्योगपति चंद्र प्रकाश अग्रवाल उर्फ चंदू बाबू के बाडीगार्ड ने उनके आवास की बाउंड्री पर चढ़े एक छात्र को गोली मार दी।

 गोरखनाथ क्षेत्र के विकास नगर में रहने वाले उद्योगपति चंद्र प्रकाश अग्रवाल उर्फ चंदू बाबू के बाडीगार्ड ने उनके आवास की बाउंड्री पर चढ़े एक छात्र को गोली मार दी। सिर और आंख में गोली लगने से उसकी हालत गंभीर है। मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया है।

बाडीगार्ड पर मुकदमा दर्ज

बताते हैं कि उद्योगपति के आवास के पास मैदान में क्रिकेट खेल रहे बच्‍चों की गेंद आवास के अंदर चली गई थी। उसे खोजने के लिए छात्र अरविंद कुमार को उनके आवास की बाउंड्री पर चढ़ा था, तभी यह घटना हुई। घायल के पिता संतराज की तहरीर पर पुलिस ने बाडीगार्ड के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना प्रयुक्त बंदूक पुलिस ने बरामद कर ली है।

बाडीगार्ड फरार

युवक को गोली मारने के बाद से बाडीगार्ड फरार बताया जा रहा है, हालांकि स्थानीय लोग उसके उद्योगपति के आवास में छिपे होने का दावा कर रहे हैं। घटना से आक्रोशित बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण, उद्योगपति के आवास में घुसने की कोशिश करने लगे। क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ ने मुकदमा दर्ज करने, आरोपित बाडीगार्ड जल्द गिरफ्तार करने और घायल युवक के इलाज की समुचित व्यवस्था करने का आश्वासन देकर किसी तरह से ग्रामीणों को शांत कराया।

विकासनगर कालोनी से सटे जप्ती टोला के बच्‍चे गांव के रामलीला मैदान में शाम को क्रिकेट खेल रहे थे। रामलीला मैदान उद्योगपति चंद्र प्रकाश अग्रवाल के आवास से सटा हुआ है। जप्ती टोला निवासी संतराज का पुत्र अरविंद कुमार (18) भी खेल में शामिल था। बच्‍चे खेल में मस्त थे। इसी बीच उनकी गेंद उद्योगपति के आवास की चहारदीवारी के अंदर चली गई। अरविंद चहारदीवारी के पास पहुंचा। पीछे लगे गेट की सहारे उस पर चढ़कर गेंद खोज रहा था। आरोप है कि इसी बीच उद्योगपति के बाडीगार्ड ने दो नाली बंदूक से गोली चला दी। अरविंद के सिर और आंख में तीन गोली लगी है। बाडीगार्ड की पहचान रायबरेली जिले के रहने वाले संदीप कुमार सिंह के रूप में हुई है।

विश्वविद्यालय से लौटते समय खेल में हुआ शामिल

अरविंद ने इसी साल इंटर की परीक्षा पास की थी। बीए में पढ़ाई करने के लिए विश्वविद्यालय में एडमीशन के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा भी दी थी। सोमवार को वह एडमीशन की स्थिति का पता लगाने के लिए विश्वविद्यालय गया था। शाम को घर लौटते समय गांव के ब’चों को क्रिकेट खेलता देख वह भी शामिल हो गया। अभी कुछ देर ही खेला था कि यह घटना हो गई।

परचून की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं पिता

अरविंद के पिता संतराज को पैर में काफी पहले चोट लग गई थी, तभी से वह चलने-फिरने में असमर्थ हैं। परिवार का भराण-पोषण करने के लिए गांव में ही परचून की दुकान चलाते हैं। छह भाई-बहनों में अरविंद सबसे छोटा था। चार बहनों में एक की शादी हो चुकी है। अरविंद पढ़ाई करने के साथ ही दुकान चलाने में पिता की मदद भी करता था।

बाडीगार्ड और ग्रामीणों के बीच पहले भी चुका है विवाद

ग्रामीणों के मुताबिक उद्योगपति का निजी बाडीगार्ड काफी मनबढ़ है। उद्योगपति के आवास के आसपास भी किसी के गुजरने पर मारपीट करने पर आमादा हो जाता है। गांव के लोगों से पहले भी उसका कई बार विवाद हो चुका है।

चहारदीवारी के अंदर आए लोगों को भगाने के लिए गार्ड ने चलाई गोली : चंद्र प्रकाश अग्रवाल

घटना के संबंध में अपना पक्ष रखते हुए उद्योगपति चंद्र प्रकाश अग्रवाल ने कहा कुछ लोग उनके आवास गैलेंट हाउस की दीवार काटकर और फांदकर अंदर आ गए थे। उन्हें भगाने के लिए गार्ड ने हवाई फायरिंग की थी। इस दौरान एक व्यक्ति को गोली लग गई। घटना के बाद से ही गार्ड फरार है।

उद्योगपति ने बताया कि घटना की जानकारी होते ही मैंने वरिष्ठ कर्मचारियों से घायल को मेडिकल कॉलेज भेजा। वहां से उसे लखनऊ रेफर किए जाने पर तत्काल एंबुलेंस का इंतजाम कर लखनऊ ले जाने की व्यवस्था कराई। लखनऊ स्थित अपने कार्यालय के कर्मचारियों को घायल के उपचार की समुचित व्यवस्था कराने तथा हर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया हूं। उपचार में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। सारा खर्च वह खुद उठाएंगे। घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने इस पर अफसोस जाहिर किया है।

Advertisements
%d bloggers like this: