Sunday, August 18, 2019
Gorakhpur

गोरखपुर के मिट्टी की खुशबू आज भी आती है श्रीवास्तव जी के लेखनी से, कैग महा लेखापरीक्षक के के श्रीवास्तव…

के के श्रीवास्तव गोरखपुर के सुमेर-सागर मोहल्ले में 1960 में पैदा हुये तथा गोरखपुर विश्वविद्यालय से 1980 में अर्थशास्त्र में एम.ए कर 1983 में सिविल सर्विसेज में परीक्षा पास कर भारतीय लेखा तथा लेखा परीक्षा सेवा जॉइन किया।

इसके अलावा आप एक साहित्यिक रुचि के व्यक्ति है तथा आप की अंग्रेजी में तीन किताबे इनइलिकटेबल स्टिकनेस (2005), एन आर्मलेस हेड राइट्स (2008) तथा शैडोज आप कि रियल (2012) में प्रकाशित हुई। इन किताबों को देश व विदेशों में काफी ख्याति मिली।

मार्च 2019 में श्रीवास्तव की चौथी किताब सोलिलाकि ऑफ ए स्माल टॉउन उन सिविल सर्वेंट SOLILOQUY OF A SMALL TOWN UNCIVIL SERVANT रूपा पब्लिकेशन नई दिल्ली से प्रकाशित हुई . इस किताब को लिखने में श्रीवास्तव जी को सात साल लगे है। यह किताब एक साहित्यिक नान -फिक्सन है जिसमें वाचक ने जन्म ,विद्याथी जीवन ,किशोरावस्था तथा उसके बाद के जीवन के बारे में जिक्र किया है। अन्य प्रसंगों में स्वप्न ,आत्महत्या ,साहित्यिक किताबें ,यौन तथा कामुकता, सामाजिक मीडिया जैसे जटिल विषयों पर विस्तार से वर्णन किया गया है। किताब पढ़ने से लेखक की बौद्धिक ईमानदारी ,गहन अध्ययन तथा दर्शनिक प्रकृति के बारे में पता चलता है। सम्पूर्णतौर पर इस किताब को पढ़ने से यह पता चलता है कि छोटे शहरी से पढ़ने वाले लोगो को आगे क्या मनोवैज्ञानिक यात्रा करनी पड़ती है।

श्रीवास्तव इस समय भारत के नियंत्रक -महालेखापरीक्षक कार्यालय नई दिल्ली में अतिरिक्त उप नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के पद पर प्रस्थापित है। इस किताब के रूप ही श्रीवास्तव पूर्वांचल से अंग्रेजी भाषा मे लिखने वाले पहले व्यक्ति के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर में स्थापित हो चुके हैं। आप एक शांत स्वभाव के व्यक्ति है जो अकेलापन पसंद करते है तथा लोगो से ज्यादा मिलना -जुलना पसंद नही करते । आप गोरखपुर से बहुत ज्यादा लगाव रखते है तथा गोरखपुर में हो रहे विकास पर 23 दिसंबर ,2018 को इनका लेख गोरखपुर – इट्स फ़ास्ट चेंजिंग फेज जो द पाईनियर समाचार पत्र में प्रकाशित हुई थी, जिसे लोगो ने काफी सराहा है।

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