Saturday, September 25, 2021

जान हथेली पर लेकर इमरजेंसी का मुकाबला किया था जार्ज फर्नांडिस ने

Maharajganj: हड़हवा टोल प्लाजा पर भेदभाव हुआ तो होगा आन्दोलन।

फरेन्दा, महराजगंज: फरेन्दा नौगढ़ मार्ग पर स्थित हड़हवा टोल प्लाजा पर प्रबन्धक द्वारा कुछ विशेष लोगो को छोड़ बाकी सबसे टोल टैक्स...

Maharajganj: बृजमनगंज थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद, लोग पूछ रहे सवाल क्या कर रहे हैं जिम्मेदार

बृजमनगंज, महाराजगंज. थाना क्षेत्र में पुलिस की निष्क्रियता के चलते चोरों के हौसले बुलंद है. जिसके कारण चोरी की घटनाएं बढ़ रही...

गोरखपुर:- बोरे में भरकर लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे जीजा साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार

बोरे में भरकर लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे जीजा साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार गोरखपुर। दिल्ली...

Maharajganj: औकात में रहना सिखो बेटा नहीं तो तुम्हारे घर में घुस कर मारेंगे-भाजपा आईटी सेल मंडल संयोजक, भद्दी भद्दी गालियां फेसबुक पर वायरल।

Maharajganj: महाराजगंज जनपद में भाजपा द्वारा नियुक्त धानी मंडल संयोजक का फेसबुक पर गाली-गलौज और धमकी वायरल। फेसबुक पर धानी मंडल संयोजक...

खुशखबरी:-सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक को मंजूरी 1320 करोड़ स्वीकृत

गोरखपुर के लिहाज़ से एक बड़ी ख़बर प्राप्त हो रही है जिसमे यह बताया जा रहा है कि सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक...

Download GT App from
Google Play

विज्ञापन के लिए संपर्क करें +91 7843810623 (WhatsApp)

जेपी का अहिंसक तरीका है और जार्ज फर्नांडिस का डाइनामाइटी। शब्द भले डायनामाइटी न था , पर आशय गैर अहिंसक होने का था।

New Delhi, Jun 03 : इमरजंेसी में मशहूर साप्ताहिक पत्रिका ‘न्यूजवीक’ ने भारत पर एक स्टोरी की थी। उस स्टोरी के साथ जय प्रकाश नारायण और जार्ज फर्नांडिस की तस्वीरें थीं। पत्रिका के अनुसार भारत में दो तरह से आपातकाल के खिलाफ संघर्ष हो रहा है। जेपी का अहिंसक तरीका है और जार्ज फर्नांडिस का डाइनामाइटी। शब्द भले डायनामाइटी न था , पर आशय गैर अहिंसक होने का था। जेपी, जार्ज के तरीके से असहमत थे। आपातकाल में जार्ज और उनके साथियों पर बड़ौदा डायनामाइट षड्यंत्र केस चला।

जेल में उन्हें व उनके साथियों को भीषण यातनाएं दी गयी थीं। मुकदमा तब उठा जब 1977 में मोरारजी की सरकार बनी। 25 जून, 1975 को जब देश में आपातकाल लगा तो उस समय जार्ज फर्नांडीस ओडिशा में थे। अपनी पोशाक बदल कर 5 जुलाई को जार्ज पटना आये। तत्कालीन समाजवादी विधान पार्षद रेवतीकांत सिंहा के पटना के आर.ब्लाक स्थित सरकारी आवास में टिके।
इन पंक्तियों का लेखक भी तब उनसे मिला। मैं उन दिनों जार्ज द्वारा संपादित चर्चित साप्ताहिक पत्रिका ‘प्रतिपक्ष’ का बिहार संवाददाता था। जार्ज दो -तीन दिन पटना रह कर ट्रेन से इलाहाबाद चले गये।

बाद में उन्होंने मध्य प्रदेश के प्रमुख समाजवादी नेता लाड़ली मोहन निगम को एक संदेश के साथ पटना भेजा। जार्ज का संदेश था कि निगम जी मुझे और शिवानंद तिवारी को जल्द विमान से बंगलुरू लेकर आयें। शिवानंद जी तो उपलब्ध नहीं हुए। पर मैं निगम जी के साथ मुम्बई होते हुए बंगलुरू पहुंचा। वहां जार्ज के साथ तय योजना के अनुसार राम बहादुर सिंह, शिवानंद तिवारी, विनोदानंद सिंह , राम अवधेश सिंह और डा.विनयन को लेकर मुझे कोलकाता पहुंचना था।
पटना लौटने पर मैंने उपर्युक्त नेताओं की तलाश की। पर इनमें से कुछ जेल जा चुके थे ।
या फिर गहरे भूमिगत हो चुके थे। सिर्फ डा.विनयन उपलब्ध थे।

ये भी पढ़े :  देश की सबसे युवा मेयर बनने जा रही हैं आर्या राजेंद्रन, महज 21 साल है उम्र
ये भी पढ़े :  हर कोई पीएम मोदी को हराना चाहता है लेकिन कोई चुनाव लड़ना नहीं चाहता-अमित शाह

उनके साथ मैं धनबाद गया । याद रहे कि आपातकाल में कांग्रेस विरोधी राजनीतिक नेताओं -कार्यकत्र्ताओं पर सरकार भारी आतंक ढा रही थी। उस आंतक की कल्पना आज की पीढ़ी के लिए संभव नहीं। राजनीतिककर्मियों के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाना तक कठिन था। भूमिगत जीवन, जेल जीवन की अपेक्षा अधिक कष्टप्रद था। धनबाद में समाजवादी युवक लाल साहेब सिंह से
पता चला कि राम अवधेश तो कोलकाता में ही हैं । हम कोलकाता गये। वहां जार्ज से हमारी मुलाकात हुई। पर वह मुलाकात सनसनीखेज थी। जार्ज ने दक्षिण भारत के ही एक गैरराजनीतिक व्यक्ति का पता दिया था। उस व्यक्ति का नाम तीन अक्षरों का था। जार्ज ने कहा था कि इन तीन अक्षरों को कागज के तीन टुकड़ों पर अलग -अलग लिख कर तीन पाॅकेट में रख लीजिए ।

ताकि, गिरफ्तार होने की स्थिति में पुलिस को यह पता नहीं चल सके कि किससे मिलने आप कहां जा रहे हो। यही किया गया। पार्क स्ट्रीट के एक बंगले में रेड्डी जी से मुलाकात हुई। उस दक्षिण भारतीय सज्जन ने कह दिया था कि बंगले के मालिक के कमरे में जब भी बैठिए,उनसे हिंदी में बात नहीं कीजिए। अन्यथा, उन्हें शक हो जाएगा कि आप मेरे अतिथि हैं भी या नहीं। मन मोहन रेड्डी नामक उस दक्षिण भारतीय सज्जन ने जार्ज से हमारी मुलाकात करा दी। हम एक बड़े चर्च के अहाते में गये। जार्ज उस समय पादरी की पोशाक में थे। उनकी दाढ़ी बढ़ी हुई थी। चश्मे का फ्रेम बदला हुआ था। हाथ में एक विदेशी लेखक की मोटी अंग्रेजी किताब थी।

जार्ज, विनयन और मुझसे देर तक बातचीत करते रहे। फिर हम राम अवधेश की तलाश में उल्टा डांगा मुहल्ले की ओर चल दिये। वहीं की एक झोपड़ी में हम टिके भी थे। फुटपाथ पर स्थित नल पर नहाते थे । और, बगल की जलेबी-चाय दुकान में खाते-पीते थे। उल्टा डांगा का वह पूरा इलाका बिहार के लोगांे ंसे भरा हुआ था। जार्ज के साथ टैक्सी में हम लोग वहां पहुंचे थे। मैंने जार्ज को उस चाय की दुकान पर ही छोड़ दिया। राम अवधेश की तलाश में उस झोपड़ी की ओर हम बढ़े।
पर पता चला कि राम अवधेश जी भूमिगत कर्पूरी ठाकुर के साथ कोलकाता में ही कहीं और मौजूद हैं। चाय की दुकान पर बैठे जार्ज ने इस बीच चाय पी थी। जब हम लौटे और जार्ज चाय का पैसा देने लगे।

ये भी पढ़े :  यूपी पंचायत चुनाव 2021: भाजपा ने जारी की 417 उम्मीदवारों की लिस्ट

तो, बिहारी मूल का वह दुकानदार उनके सामने हाथ जोड़ कर खड़ा हो गया। उसने कहा, ‘हुजूर हम आपसे पैसा नहीं लेंगे।’ इस पर जार्ज थोड़ा घबरा गये। उन्हें लगा कि वे पहचान लिये गये।
अब गिरफ्तारी में देर नहीं होगी। जार्ज को परेशान देखकर मैं भी पहले तो घबराया। पर मुझे बात समझने में देर नहीं लगी। मैंने कहा कि जार्ज साहब,चलिए मैं इन्हें बाद में पैसे दे दूंगा। मैं यहीं टिका हुआ हूं। फिर अत्यंत तेजी से हम टैक्सी की ओर बढ़े जो दूर हमारा इंतजार कर रही थी। फिर हमें बीच कहीं छोड़ते हुए अगली मुलाकात का वादा करके जार्ज कहीं और चले गये। आपातकाल में जार्ज और उनके साथियों पर बड़ौदा डायनामाइट षड्यंत्र केस को लेकर मुकदमा चला। सी.बी.आई.का आरोप था कि पटना में जुलाई, 1975 मेें जार्ज फर्नाडीस, रेवती कांत सिंह,महेंद्र नारायण वाजपेयी और सुरेंद्र अकेला यानी इन पंक्तियों के लेखक यानी चार लोगों ने मिलकर एक राष्ट्रद्रोही षड्यंत्र किया। षड्यंत्र यह रचा गया कि डायनामाइट से देश के महत्वपूर्ण संस्थानों को उड़ा देना है । देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर देनी है ।

ये भी पढ़े :  योगी होंगे 2019 में बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार....???
(वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र किशोर के फेसबुक वॉल से साभार, ये लेखक के निजी विचार हैं)

The post जान हथेली पर लेकर इमरजेंसी का मुकाबला किया था जार्ज फर्नांडिस ने appeared first on INDIA Speaks.

शेष इंडिया स्पीक्स पर

Hot Topics

गोरखपुर : सगी बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा भाई; यहां जाने क्या है माजरा !

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिलुआताल में...

गोरखपुर:चिता पर रखे शव के जीवित होने पर मचा हड़कंप, रोकना पड़ा दाह संस्कार,

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां...

देवरिया:- थाने में ही महिला फरियादी के सामने हस्तमैथून करने वाला थानेदार फ़रार,25 हज़ार के इनाम की घोषणा

देवरिया के अंतर्गत आने वाले थाने भटनी में महिला फरियादी के सामने हस्तमैथुन करने वाली थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज...

Related Articles

Maharajganj: तेज तर्रार नेता नितेश मिश्र भाजपा छोड़ थामा सपा का दामन, आपने सैकड़ों समर्थकों के साथ ली सदस्यता

Maharajganj/Dhani: धानी ब्लॉक के डेढ़ सौ लोगो ने पूर्व भाजपा नेता नीतेश मिश्र के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सदस्यता लिया। प्राप्त...

भाजपा युवा मोर्चा गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यकारिणी की हुई घोषणा,सूरज राय बने क्षेत्रीय उपाध्यक्ष

Gorakhpur: आज भारतीय जनता युवा मोर्चा गोरखपुर क्षेत्र की क्षेत्रीय कार्यकारिणी की घोषणा हुई।।युवा मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष पुरुषार्थ सिंह ने आज...

शायर मुनव्वर राना के बोल, ‘दोबारा सीएम बने योगी तो यूपी छोड़ दूंगा’

लखनऊ: मशहूर शायर मुनव्वर राना एक बार फिर अपने बयान की वजह से सुर्खियों में हैं।उन्होंने कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ दोबारा...
%d bloggers like this: