Thursday, August 22, 2019
GorakhpurHealth

ठंडी हवा से हो रहा कान में संक्रमण,रहे बच के..

सर्दी के मौसम में बर्फीली हवाएं चलती है। तापमान गिरने के कारण सर्दी जुकाम भी हो जाता है। इससे कान में संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। ठंड में कान के मरीजों संख्या बढ़ी है। सबसे ज्यादा मरीज कान के संक्रमण के आ रहे हैं। इनमें करीब 60 फीसदी बच्चे हैं।

जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. पीएन सिंह ने बताया कि ठंड के मौसम में सर्दी-जुकाम होना आम बात है। जुकाम में मरीजों की नाक बहती है। इसके कारण नाक से कान के बीच स्थित यूस्टेकियन ट्यूब में नाक से पानी चला जाता है। इस पानी के कारण मध्य कान(मिडिल ईयर) में संक्रमण हो जाता है। कई बार कफ के कारण ट्यूब ब्लॉक हो जाता है। इससे कान का संक्रमण होने के साथ ही सुनने की क्षमता भी मरीज की कम हो जाती है।

कान में हो दर्द तो हो जाएं सतर्क

कानों में संक्रमण के चलते दर्द का उभरना सबसे पहला लक्षण होता है। इसके अलावा कान में भारीपन महसूस होना, मवाद होना, बुखार, कानों का बहना, सोने में परेशानी आना, सिरदर्द, भूख न लगना, कानों में घंटी की आवाज सुनाई देना, चक्कर आना, उल्टी होना, सुनने क्षमता का कमजोर होना जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। संक्रमण के बढ़ने से सांस लेने में भी तकलीफ हो सकती है।

लुढ़कते पारे में बढ़ गए गले के संक्रमण के मरीज

बीते पांच दिनों से मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। दिन व रात के तापमान में करीब 13 डिग्री सेल्सियस का अंतर हो गया। डॉक्टरों के मुताबिक ब्रोंकाइटिस और फेरेन्जाइटिस के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इस अंतर में संक्रमण फैलाने वाले वायरस और बैक्टीरिया को सक्रिय कर दिया है। लोगों में सबसे ज्यादा गले व सांस की नली का संक्रमण हो रहा है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। मेडिसिन और टीबी-चेस्ट विभाग में आने वाले 20 फीसदी मरीज गले के संक्रमण के शिकार है।

सांस लेने में हो रही तकलीफ

बीआरडी के टीबी-चेस्ट के विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि गले के संक्रमण से सांस लेने में दिक्कत हो रही है। लोगों को सांस फूलने की भी शिकायत है। इसमें मरीजों को सर्दी, जुकाम, बुखार, गले में खराश, कमजोरी और बेचैनी की शिकायत होती है।

संक्रमण से बचने के लिए इन बातों का रखें ख्याल

– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें

– सार्वजनिक जगहों से आने के बाद साबुन से हाथ धोएं

– सर्दी-खांसी से पीड़ित के ज्यादा नजदीक ना जाएं

– सार्वजनिक स्थानों पर मुंह को रूमाल से ढक लें

– संक्रमित व्यक्ति के जूठे बर्तन का उपयोग ना करें

– दिन में कम से कम दो बार मुंह और जीभ को साफ करें

– दिन में एक बार माउथ वॉश का प्रयोग करें

गले में संक्रमण से इलाज के घरेलू उपाय

– दूध में चीनी के बजाय चम्मच शहद मिलाकर पी लें

– एक गिलास दूध में चुटकी भर हल्दी डाल कर उबाल लें फिर इसे खाली पेट एक चम्मच देशी घी के साथ पी लें

– सौंठ और दालचीनी को सामान मात्रा में पीसकर बने चूरे का एक चम्मच आधे ग्लास पानी में मिलाकर उबालें, इसे गर्म ही पी लें

– सौंठ और हरड़ के चूरे का आधा चम्मच को दो चम्मच शहद के साथ मिलाकर सेवन करें

– लहसुन की तीन कलियों को दूध में उबालें और रात को सोने से पहले पी लें

– दो चम्मच अदरक का रस और दो चम्मच शहर को मिलाकर सेवन करें

गर्म पानी, चाय या गर्म काफी का सेवन करें

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