Wednesday, April 8, 2020

डॉ के सी पाण्डेय ने पूर्वोत्तर रेलवे में अनियमित-अन्धाधुन्ध खर्चे और कमीशनखोरी की टी ए सी और कैग से जांच कराने की मांग….

गोरखपुर । रेलवे बोर्ड-भारत सरकार के चेयरमैन श्री वी के यादव से रेल भवन- नई दिल्ली में मुलाकात करके उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्य मन्त्री और”आल इण्डिया फॉरवर्ड रेलवे इम्पलाइज एसोशिएसन ” के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ के सी पाण्डेय ने पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण और मरम्मत तथा निर्माण आदि कार्यो के लिए अभीतक मिले 246 करोड़ रुपये के अनियमित-अन्धाधुन्ध खर्चे और कमीशनखोरी की टी ए सी और कैग से जांच कराने की मांग की है और कहा है कि कथित निर्माण और मरम्मत के नाम पर मुख्यालय में किये गए करोड़ो रूपये के ख़र्चे की उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर जाँच कराई जाय।

डॉ पाण्डेय ने अपने ग्यारह सूत्रीय ज्ञापन में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से आउटसोर्सिंग के नाम पर यान्त्रिक कारखाना गोरखपुर में अधिकारियों द्वारा सरकारी धन की खुली बन्दरबाँट करने तथा स्थाई रेल कर्मचारियों को बैठाये रखकर आउट सोर्सिंग वाले मजदूरों से कम लेकर उन्हें भी न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नकरने की जानकारी देते हुए ठीकेदार प्रथा खत्म कर रेलकर्मियों से कार्य लेने की मांग की है।

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डॉ पाण्डेय ने चेयरमैन से गोरखपुर से अजमेरशरीफ और गोरखपुर से चित्रकूटधाम तक प्रतिदिन सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने तथा गोरखपुर से बस्ती तक दो जोड़ी डेमो ट्रेन चलाने और जगतबेला रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण और वितारिकर्ण करके उक्त स्टेशन का नाम प्रख्यात स्वतन्त्रता सेनानी स्व दशरथ प्रसाद द्विवेदी के नाम पर”दशरथनगर”करने की पुरजोर मांग की है। रेलवे बोर्ड के चैयरमैन ने श्री पाण्डेय की मांगों पर गंभीरतापूर्वक प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया है ।।

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