Thursday, August 22, 2019
Uttar Pradesh

…तो इसलिये भाजपा के लिए जरूरी हैं राजा भैया, यूपी में सियासी अटकलों का दौर जारी….

रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने समर्थकों का हुजूम जुटाकर अपनी ‘ताकत’ का अहसास कराया है। राजधानी के रमाबाई अम्बेडकर मैदान में दो लाख के करीब भीड़ जुटाकर राजा भैया ने साबित कर दिया कि जनसत्ता पार्टी के सहारे वह उत्तर प्रदेश में प्रमुख राजपूत चेहरा बनने की ओर अग्रसर हैं। रैली में राजा भैया ने एससी-एसटी एक्ट में संशोधन को गलत बताकर अगड़ी जातियों को लामबंद करने की कोशिश की, वहीं दलितों को समाज का अभिन्न अंग बताकर उन्हें साधने की कोशिश भी की। शुक्रवार को कार्यक्रम स्थल पर पहुंची भीड़ को देखकर राजा भैया गदगद दिखाई दिये, लेकिन उनके रुख को लेकर सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो चला है।

रजत जयंती समारोह पर नई पार्टी की घोषणा के बाद राजा भैया आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गये हैं। एक ओर जहां वह बीजेपी से नाराज अगड़ी जातियों लामबंद करने में जुटे हैं, वहीं चुपचाप सपा-बसपा से नाराज नेताओं को भी साथ ला रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो लोकसभा चुनाव में भले ही राजा भैया भले ही अकेले ज्यादा कमाल न कर सकें, लेकिन वह कुछ दलों का सियासी समीकरण जरूर गड़बड़ा सकते हैं। विश्लेषकों का यह भी कहन है कि लखनऊ में भले ही राजा भैया ने दो लाख के करीब समर्थक इक्ट्ठे कर लिये हों, लेकिन यह भीड़ मतदाताओं में तब्दील हो पाएगी, अभी संशय है क्योंकि आम चुनाव में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है।

क्यों जरूरी है राजा भैया का साथ? भारतीय जनता पार्टी को लेकर राजा भैया का रुख भले ही भविष्य के गर्त में हो, लेकिन बीजेपी उनकी पहल को अपने लिए एक मौके के तौर पर देख रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव में अगर राजा भैया भाजपा का समर्थन करते हैं तो एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के कारण जिस वोट बैंक के छिटकने का आसार है, वह राजा भैया के जरिये भगवा खेमे में ही रह सकता है। चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी राजा भैया और शिवपाल यादव के जरिये यूपी में सपा-बसपा के संभावित गठबंधन से निपटने की रणनीति पर भी फोकस कर रही है।

लखनऊ में उमड़ी भारी भीड़ राजधानी लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में दो लाख से अधिक की भीड़ को देखकर राजा भैया के चेहरे पर सुकून के भाव थे। उनके समर्थकों ने जितनी भीड़ लाने का दावा किया था, उसे लगभग पूरा कर लिया। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से समर्थकों को लाने के लिए राजा भैया ने बाकायदा एक ट्रेन भी बुक कराई थी। लखनऊ में भारी भीड़ जुटाने के लिए राजा भैया ने अपने खास सिपहसालारों को विशेष जिम्मेदारी दी थी, जिस पर वह सभी खरे उतरे। लखनऊ में भारी भीड़ जुटाकर राजा भैया ने मजबूती से अपनी दस्तक दी है।

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