Sunday, June 16, 2019
Uttar Pradesh

दरोगा ने भाजपा नेता को पीटा, भाजपाइयों ने थाना घेरकर किया हंगामा….

आगरा के थाना शाहगंज के एक दरोगा पर भाजपा के मीडिया प्रभारी हेमेंद्र तिवारी ने पिटाई का आरोप लगाया है। उनकी आंख में चोट लग गई। इसकी जानकारी पर भाजपा सांसद चौधरी बाबूलाल, विधायक महेश गोयल सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता थाने पर आ गए। उन्होंने थाने का घेराव कर हंगामा किया। सूचना पर एसपी सिटी प्रशांत वर्मा पहुंच गए। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ही भाजपाई शांत हुए।

हेमेंद्र तिवारी फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं।
शनिवार को वह बृज क्षेत्र कार्यालय से फतेहपुर सीकरी अपनी कार से जा रहे थे। साकेत कालोनी चौराहे पर उन्हें दोस्त बंटी कर्दम मिल गए। उन्होंने बताया कि कार को सड़क किनारे पर लगाकर दोस्त से बात करने लगे। तभी एक साइकिल से जा रहा बालक उनकी कार से टकरा गया। इस पर हेमेंद्र कार से उतरकर उसे देखने लगे। आसपास लोग भी जुट गए। तभी दरोगा कृष्ण कुमार आए। आरोप है कि हेमेंद्र ने अपना परिचय दिया तो दरोगा भड़क गए।
उन्होंने विरोध किया। इस पर मुंह पर घूंसे मारे। इससे उनकी आंख में चोट लग गई। लोगों की भीड़ जुटने पर दरोगा चले गए। हेमेंद्र ने घटना की जानकारी भाजपा के जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया को दी। इस पर जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे, सांसद बाबूलाल, विधायक महेश गोयल, जिला महामंत्री सत्यदेव दुबे, सोनू चौधरी, प्रशांत पौनिया, अनुराग उपाध्याय पहुंच गए। उन्होंने घेराव कर लिया। सूचना पर एसपी सिटी प्रशांत वर्मा, सीओ लोहामंडी चमन सिंह चावड़ा आ गए। उन्होंने भाजपाइयों से बात की। इसके बाद दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया। तब कहीं भाजपाई थाने से हटे। एसपी सिटी का कहना है शिकायतकर्ता का मेडिकल कराया जा रहा। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। घटनाक्रम की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।

जगदीशपुरा में भाजपा नेता को हवालात में डाला था

मंगलवार को जगदीशपुरा थाना के दो सिपाहियों ने भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अजय कुलश्रेष्ठ को हवालात में डाल दिया था। अजय बोदला में एक दुकान से बच्चों के लिए कपड़े खरीद रहे थे। सिपाहियों ने उन पर शराब पीने का आरोप लगाया था। वह उन्हें ऑटो में डालकर थाना ले गए। पिटाई की। हवालात में डाल दिया। भाजपा नेताओं के पहुंचने पर उन्हें बाहर निकाला गया। शहर में कई बार हो चुका है टकराव आगरा में पुलिस और भाजपाइयों के बीच टकराव का यह नया मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार हंगामा हो चुका है। इससे पहले शिव मंदिर परिक्रमा के दिन भाजयुमो नेता से साईं की तकिया पर सिपाहियों ने अभद्रता कर दी थी। तब भी तीन सिपाहियों पर कार्रवाई की गई थी। ताजगंज में एक धर्मस्थल के प्रकरण में धरना दे रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं थीं। सदर थाना में आरोपियों को छुड़ाने पर बवाल हुआ था। पुलिस ने भाजपाइयों को दौड़ा लिया था।

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