Tuesday, September 21, 2021

दुनियाभर में सबसे ज्यादा स्टील बेचकर चीन किंग बना हुआ है, अब उसे पटकने का मौका आ गया है

Maharajganj: हड़हवा टोल प्लाजा पर भेदभाव हुआ तो होगा आन्दोलन।

फरेन्दा, महराजगंज: फरेन्दा नौगढ़ मार्ग पर स्थित हड़हवा टोल प्लाजा पर प्रबन्धक द्वारा कुछ विशेष लोगो को छोड़ बाकी सबसे टोल टैक्स...

Maharajganj: बृजमनगंज थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद, लोग पूछ रहे सवाल क्या कर रहे हैं जिम्मेदार

बृजमनगंज, महाराजगंज. थाना क्षेत्र में पुलिस की निष्क्रियता के चलते चोरों के हौसले बुलंद है. जिसके कारण चोरी की घटनाएं बढ़ रही...

गोरखपुर:- बोरे में भरकर लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे जीजा साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार

बोरे में भरकर लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे जीजा साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार गोरखपुर। दिल्ली...

Maharajganj: औकात में रहना सिखो बेटा नहीं तो तुम्हारे घर में घुस कर मारेंगे-भाजपा आईटी सेल मंडल संयोजक, भद्दी भद्दी गालियां फेसबुक पर वायरल।

Maharajganj: महाराजगंज जनपद में भाजपा द्वारा नियुक्त धानी मंडल संयोजक का फेसबुक पर गाली-गलौज और धमकी वायरल। फेसबुक पर धानी मंडल संयोजक...

खुशखबरी:-सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक को मंजूरी 1320 करोड़ स्वीकृत

गोरखपुर के लिहाज़ से एक बड़ी ख़बर प्राप्त हो रही है जिसमे यह बताया जा रहा है कि सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक...

Download GT App from
Google Play

विज्ञापन के लिए संपर्क करें +91 7843810623 (WhatsApp)

#UttarPradesh #BreakingNews #YogiAdityanath
वीडियो न्यूज़ के लिए हमारे चैनल को 👉 Subscribe करें

2018 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्टील के आयात पर 25 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाए थे। निस्संदेह ये निर्णय उनके ‘मेक अमेरिका ग्रेट एगेन’ अभियान का एक अभिन्न हिस्सा था, परन्तु इसकी यूरोप में काफी आलोचना हुई, क्योंकि इससे वहां बसी अमेरिकी कम्पनियों को भी काफी नुकसान पहुंचा था.

परन्तु इस निर्णय का एक सकारात्मक पक्ष यह था कि डोनाल्ड ट्रंप स्टील को एक आवश्यक उत्पाद के तौर पर देख रहे थे, हालांकि ज़रूरी नहीं की सभी संसार में उसी दृष्टि से देखें।

स्टील के उत्पादन में चीन ने किस तरह से दबदबा बनाया है, ये सभी अच्छी तरह से जानते हैं। लेकिन वुहान वायरस के कारण चीन की प्रतिष्ठा को जो धक्का पहुंचा है, उससे एक बात स्पष्ट है – ये भारत के लिए एक सुनहरे अवसर से कम नहीं है।

दुनिया भर में सबसे ज्यादा चीन स्टील बेचता है

ये भी पढ़े :  एसएसपी ने किया फेरबदल,दो नए थानों पर हुई प्रभारी की तैनाती..

स्टील को भले ही सोना, चांदी या एल्युमिनियम की तरह ऊंचा दर्जा ना दिया जाता हो, परन्तु जिस तरह से इसकी आवश्यकता बर्तनों से लेकर शस्त्र निर्माण, एयरक्राफ्ट, सर्जिकल उपकरण इत्यादि में पड़ता है, उसे देखते हुए इस क्षेत्र में केवल एक देश पर निर्भर रहना हद दर्जे की मूर्खता कही जाएगी।

ये भी पढ़े :  मोबाइल कॉलर ट्यून पर रोक की याचिका

पर चीन पर स्टील के लिए दुनिया यूं ही इतनी निर्भर नहीं है। 2005 में केवल वैश्विक स्टील उत्पादन में 12.9 प्रतिशत का हिस्सा रखने वाले चीन आज वैश्विक उत्पादन में 52 प्रतिशत से ज़्यादा की हिस्सेदारी रखता है, तो वहीं अमेरिका और यूरोप का हिस्सा लगभग 16 प्रतिशत और 6 प्रतिशत ही है।

चूंकि स्टील उद्योग को लोग हेय की दृष्टि से देखते थे, इसलिए पश्चिमी देशों ने चीन को इस क्षेत्र में कब्ज़ा जमाने दिया। आज स्थिति यह है कि विश्व के दस सबसे बड़े स्टील उत्पादकों में चीन के अकेले छः कम्पनी शामिल हैं.

चीन का प्रभाव स्टील उद्योग में कितना है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि 2018 में चीन के बाओवू ग्रुप ने 6.743 करोड़ टन स्टील का उत्पादन किया, पर वह विश्व के सबसे बड़े स्टील उत्पादकों में दूसरे स्थान पर आता है.

Highest Iron and Steel Production (1816-2018) - YouTube

HBIS ग्रुप ने उससे भी कम मात्रा में स्टील का उत्पादन किया, पर विश्व के बड़े स्टील उत्पादकों में वह चौथा स्थान रखता है। चीन के स्टील उत्पादन और वैश्विक स्टील उत्पादन में ज़मीन आसमान का अंतर है। जिस तरह से विश्व अनावश्यक रूप से चीन पर स्टील के लिए निर्भर है, वो एक शुभ संकेत नहीं है।

कोरोनावायरस के बाद चीनी स्टील से दुनिया की निर्भरता खत्म हो जाएगी

ये भी पढ़े :  त्यौहारों को मद्देनजर एसएसपी ने पैदल गस्त कर लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा.....

अब वुहान वायरस के पश्चात विश्व चीन पर अपनी निर्भरता से पीछे हटना चाहता है, और ये भारत के लिए निस्संदेह एक स्वर्णिम अवसर है। जितना स्टील पूरा यूरोप मिलकर नहीं निकाल पाता, उससे ज़्यादा स्टील उत्पादन तो भारत अकेले करता है, जो वैश्विक उत्पादन का लगभग 6 प्रतिशत है। परन्तु अब उसे अपने स्टील उत्पादकों को अधिक सुविधाएं और ताकत देनी होगी.

दुनिया की बड़ी कंपनियां अपनी स्टील प्रोडक्शन यूनिट भारत में डालेंगीं

वुहान वायरस के कारण वैसे भी विश्व की बड़ी स्टील उत्पादक कंपनियां भारत में अपना प्रोडक्शन यूनिट शिफ्ट करने के लिए सोच रही हैं। पिछले वर्ष केंद्रीय इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने जापानी इस्पात कम्पनियों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया था।

ये भी पढ़े :  यूपी के 11 विधानसभा में होने वाले उपचुनाव की तिथि हुई घोषित,लागू हुआ आचार सहिंता......

इतना तो स्पष्ट है कि वुहान वायरस से मुक्त होने के पश्चात वैश्विक स्टील उत्पादन में व्यापक बदलाव लाना ही होगा, जिसमें प्रमुख होगा चीन पर वैश्विक शक्तियों की निर्भरता कम करना और भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों का आगे आकर वैश्विक स्टील की आवश्यकता को पूरा करना।

यह लेख दुनियाभर में सबसे ज्यादा स्टील बेचकर चीन किंग बना हुआ है, अब उसे पटकने का मौका आ गया है सर्वप्रथम TFIPOST पर प्रकाशित हुआ है

Hot Topics

गोरखपुर : सगी बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा भाई; यहां जाने क्या है माजरा !

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिलुआताल में...

गोरखपुर:चिता पर रखे शव के जीवित होने पर मचा हड़कंप, रोकना पड़ा दाह संस्कार,

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां...

देवरिया:- थाने में ही महिला फरियादी के सामने हस्तमैथून करने वाला थानेदार फ़रार,25 हज़ार के इनाम की घोषणा

देवरिया के अंतर्गत आने वाले थाने भटनी में महिला फरियादी के सामने हस्तमैथुन करने वाली थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज...

Related Articles

गोरखपुर:- बोरे में भरकर लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे जीजा साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार

बोरे में भरकर लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे जीजा साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार गोरखपुर। दिल्ली...

खुशखबरी:-सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक को मंजूरी 1320 करोड़ स्वीकृत

गोरखपुर के लिहाज़ से एक बड़ी ख़बर प्राप्त हो रही है जिसमे यह बताया जा रहा है कि सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक...

दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: सांसद कमलेश पासवान

दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: सांसद बांसगांव लोकसभा के सांसद कमलेश पासवान ने कास्त मिश्रौली निवासी भाजपा नेता...