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Monday, July 6, 2020

पतित पावनी की अविरल धारा में लगाई आस्था की डुबकी

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Gorakhpur Times | गोरखपुर टाइम्स

भदोही/लालानगर। गोरखपुर टाइम्स टीम लॉकडाउन खोले जाने के बाद जिले के गंगा घाटों पर सोमवार को आस्थावान दिखे। गंगा दशहरा पर्व पर लोगों ने मोक्षदायनी के घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस के जवान तो मुस्तैद दिखे। लेकिन साफ सफाई न होने के कारण आस्थावानों को मुसीबत से दो चार होना पड़ा। स्नान के दौरान आस्थावानों ने सामाजिक दूरी के नियमों का अनुपालन किया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हजारों वर्षों तक महाराज भगीरथ द्वारा तपस्या की गई थी। जिसके बाद मां गंगा का अवतरण धरती पर इसी दिन हुआ था। उनके जल के वेग से सब कुछ तहस-नहस न हो जाए, इसके लिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटा में लपेट लिया और कुछ हिस्सों को धरती पर छोड़ा। जिसके बाद माता रानी ने महराज भगीरथ के पूर्वजों को पापों से मुक्ति दिलाई थी। ऐसी मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन मोक्ष दायनी की अविरल धाराओं में डुबकी लगाने से मनुष्य के न सिर्फ पाप व कष्ट धूल जाते हैं, बल्कि उनकी कृपा से पीढ़ियों तर जाती हैं। उधर, गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार को जिले के रामपुर, सीतामढ़ी, गुलौरी, बिजहरोजपुर, भोगांव आदि गंगा घाटों पर भोर से ही लोगों के स्नान आदि का क्रम शुरु हो गया था, जो दोपहर तक बदस्तूर बना रहा। घाटों पर भीड़ के मद्देनजर दुकानें भी सज गई थी। मंगलवार को निर्जला एकादशी का पर्व मनाया जाएगा। अन्न, जल त्यागकर लोग सुख व समृद्धि की कामना करेंगे। स्नानार्थियों ने सामाजिक दूरी का पालन किया। साथ ही एक जून से सरकार द्वारा लॉक डाउन में रियायतें काफी दे दी गई हैं। निर्जला एकादशी पर्व आज भदोही। मृगषिरा की भीषण गर्मी के बीच दो जून मंगलवार को भीम एकादशी (निर्जला एकादशी) पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान सुबह से ही श्रद्धालु अन्न, जल को त्याग कर भगवान विष्णु की आराधना करेंगे। बुधवार की सुबह स्नान आदि के बाद व्रत का पारण किया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि व्रत रहने से ईश्वर की असीम कृपा मिलती है। पर्व में पूरे 24 घंटे तक श्रद्धालू भूखे व प्यासे रहकर आराधना करते हैं।

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