Saturday, July 24, 2021

पूर्वांचल में है एशिया का सबसे बड़ा गांव, जहां हर घर में पैदा होते हैं सैनिक….

पुलिस अधीक्षक द्वारा की गयी मासिक अपराध गोष्ठी में अपराधों की समीक्षा व रोकथाम हेतु दिये गये आवश्यक दिशा-निर्देश

Maharajganj: पुलिस अधीक्षक महराजगंज प्रदीप गुप्ता द्वारा आज दिनांक 17.07.2021 को पुलिस लाइन्स स्थित सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी में कानून-व्यवस्था की...

शायर मुनव्वर राना के बोल, ‘दोबारा सीएम बने योगी तो यूपी छोड़ दूंगा’

लखनऊ: मशहूर शायर मुनव्वर राना एक बार फिर अपने बयान की वजह से सुर्खियों में हैं।उन्होंने कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ दोबारा...

Maharajganj: CO सुनील दत्त दूबे द्वारा कुशल पर्यवेक्षण करने पर अपर पुलिस महानिदेशक जोन गोरखपुर ने प्रशस्ति पत्र से नवाजा।

Maharajganj/Farenda: सीओ फरेन्दा सुनील दत्त दूबे को थाना पुरन्दरपुर में नवीन बीट प्रणाली के क्रियान्वयन में कुशल पर्यवेक्षण करने पर अपर पुलिस...

विधायक विनय शंकर तिवारी किडनी की बीमारी से पीड़ित ग़रीब युवा के लिए बने मसीहा…

हाल ही में सोशल मीडिया के माध्यम से किडनी की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की मदद हेतु युवाओं के द्वारा अपील की...

महराजगंज जिले के फरेंदा थाने के अंतर्गत SBI कृषि विकास शाखा के सामने से मोटरसाइकिल चोरी

Maharajganj: महाराजगंज जिले के फरेंदा थाने के अंतगर्त मंगलवार को बृजमनगंज रोड पर भारतीय स्टेट बैंक कृषि विकास शाखा के ठीक...

Download GT App from
Google Play

विज्ञापन के लिए संपर्क करें +91 7843810623 (WhatsApp)

पूर्वांचल के गाजीपुर में गहमर नाम का एक गांव है, जो एशिया का सबसे बड़ा गांव है, इस गांव की पॉपुलेशन करीब 1 लाख 20 हजार से ऊपर है, इस गांव की सबसे बड़ी बात ये है कि यहां हर घर से कोई ना कोई सेना में तैनात है। कहा जाता है कि सन 1530 में कुसुम देव राव ने सकरा डीह नामक स्थान पर इस गांव को बसाया था। आपको बता दें कि गाजीपुर से 40 किमी दूरी पर ये गांव बसा है, गहमर में रेलवे स्टेशन भी है, जो इसे पटना और मुगलसराय से जोड़ता है।

हर घर में फौजी
इस गांव के बारे में कहा जाता है कि इस गांव के करीब 12 हजार लोग फौज में है, जो जवान से लेकर कर्नल तक अलग-अलग पदों पर काम कर रहे हैं,

इसके साथ ही करीब 15 हजार से ज्यादा इस गांव में भूतपूर्व सैनिक भी हैं, कई परिवार ऐसे भी हैं, जो पीढी दर पीढी इस देश की सेवा कर रहे हैं, जिसके दादा भूत पूर्व सैनिक हैं, तो पोता भी फौज में भर्ती होकर देश की रक्षा कर रहा है।

बिहार-यूपी की सीमा पर है गांव
आपको बता दें कि गमहर गांव बिहार और यूपी की सीमा पर बसा है, वैसे तो ये यूपी में आता है, ये गांव करीब 8 वर्गमील में फैला है और इसकी आबादी करीब 1 लाख 20 हजार है। स्थानीय लोगों के अनुसार उनका गांव 22 पट्टी या टोले में बंटा हुआ है, प्रत्येक पट्टी या टोला किसी ना किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के नाम पर है।

ये भी पढ़े :  लॉकडाउन में महराजगंज में फसे फ़्रांस के लोग अब भोजपुरी बोलना शुरूकर दिए है
ये भी पढ़े :  राम मंदिर के लिए ऐसा संकल्प आपने कभी देखा या सुना नहीं होगा.

विश्व युद्ध से लेकर करगिल तक में लिया था भाग
प्रथम या फिर द्वितीय विश्व युद्ध हो, या फिर 1965 और 1971 की लड़ाई, या करगिल युद्ध, इन सभी में यहां के फौजियों ने बढ चढ कर हिस्सा लिया था।

एक रिपोर्ट के अनुसार विश्व युद्ध के समय भी अंग्रेजों की फौज में गहमर के 228 सैनिक शामिल थे, युद्ध करते हुए 21 जवान शहीद भी हो गये थे, उनकी याद में आज भी गांव में एक शिलालेख लगा हुआ है।

होती है सेना की तैयारी
गहमप के भूत पूर्व सैनिकों ने एक पूर्व सैनिक सेवा समिति नाम से संस्था बनाई है, गांव के ही कुछ युवक गंगा तट पर सुबह-शाम सेना की तैयारी करते दिखते हैं,

यहां के युवकों की फौज में जाने की परंपरा की वजह से ही सेना गहमर में भी भर्ती शिविर लगाया करती है, ताकि इस गांव के ज्यादा से ज्यादा युवा इस देश की रक्षा के लिये फौज में शामिल हो सकें।

1986 के बाद शिविर नहीं
हालांकि साल 1986 के बाद इस गांव में भर्ती के लिये शिविर लगाने की परंपरा को बंद कर दिया गया, लेकिन यहां के लड़कों का रुझान सेना में भर्ती होने के लिये कम नहीं हुआ।

अभी भी सेना में शामिल होने के लिये यहां के लड़के लखनऊ, रुड़की, सिकंदराबाद जाकर परीक्षा देते हैं, ताकि उन्हें फौज में शामिल होकर इस देश की सेवा का मौका मिले।

कैंटीन की सुविधा
भारतीय सेना ने गहमर गांव के लोगों के लिये सैनिक कैंटीन की भी सुविधा उपलब्ध कराई थी, ताकि अगर कोई फौजी सस्ती कीमत पर कुछ खरीददारी करना चाहें,

तो वो यहां से ले सकते हैं, वाराणसी आर्मी कैंटीन से सामान हर महीने इस गांव में भेजा जाता था, हालांकि पिछले कुछ सालों से कैंटीन सेवा भी बंद कर दी गई है, जिसकी वजह से फौजियों को सामान खरीदने के लिये वाराणसी जाना पड़ता है।

ये भी पढ़े :  सीएम योगी का कड़ा संदेश - उन्हें बताओं पुलिस से कैसे व्यवहार करते हैं, इंदौर जैसी घटना यूपी में नहीं होनी चाहिये

गांव में है सारी सुविधा
कहने को तो गहमर गांव है, लेकिन इस गांव में भी शहर जैसी सारी सुविधाएं हैं, गहमर में टेलीफोन एक्सचेंज, डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज, स्वास्थ्य केन्द्र है।

यहां के लोग फौजियों की जिंदगी से इस कदर जुड़े हुए हैं कि चाहे युद्ध हो या फिर कोई प्राकृतिक विपदा, यहां की महिलाएं भी अपने घर के पुरुषों को इसमें जाने से नहीं रोकती है, बल्कि उन्हें और प्रोत्साहित करती है।

ये भी पढ़े :  पति को पार्क में प्रेमिका के साथ गुलछर्रे उड़ाता देख आगबबूला हुई पत्नी, फिर बरसाए चप्पल....

कई बार छावनी में तब्दील हो जाता है गांव
गहमर रेलवे स्टेशन पर जितनी भी गाड़ियां रुकती है, उनमें से कुछ ना कुछ फौजी रोजाना यहां उतरते हैं, पर्व-त्योंहारों के साथ-साथ छुट्टियां मनाने के लिये फौजी यहां आते रहते हैं,

कई मौकों पर तो लगता है कि जैसे गांव सैन्य छावनी में तब्दील हो गया है, क्योंकि कुछ फौजी छुट्टी बिताने आते हैं, तो कुछ छुट्टी बिता कर जाने वाले रहते हैं।

Hot Topics

गोरखपुर : सगी बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा भाई; यहां जाने क्या है माजरा !

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिलुआताल में...

गोरखपुर:चिता पर रखे शव के जीवित होने पर मचा हड़कंप, रोकना पड़ा दाह संस्कार,

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां...

देवरिया:- थाने में ही महिला फरियादी के सामने हस्तमैथून करने वाला थानेदार फ़रार,25 हज़ार के इनाम की घोषणा

देवरिया के अंतर्गत आने वाले थाने भटनी में महिला फरियादी के सामने हस्तमैथुन करने वाली थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज...

Related Articles

यूपी में कई IPS बदले गए,दिनेश कुमार गोरखपुर के नए एसएसपी.

कई IPS के तबादले हुए जिसमे गोरखपुर के एसएसपी जोगेंद्र कुमार को झाँसी का नया डीआईजी बनाया...

बड़े पैमाने पर हुआ सीओ का तबादला,125 सीओ किये गए इधर से उधर….

उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर सीओ यानी उपाधीक्षकों के तबादले किये गए।।125 उपाधीक्षकों का तबादला किया...

तंत्र-मंत्र के चक्कर में फंसी बहू, सिद्धि के लिए दे दी अपने ही ससुर की बलि

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में तंत्र-मंत्र के चक्कर में फंस कर एक बहू ने अपने ही ससुर...
%d bloggers like this: