Wednesday, November 13, 2019
Uttar Pradesh

प्रतापगढ़ के मिश्रा परिवार के इन चार बहन-भाईयों ने तीन साल में क्लियर किया IAS एग्जाम…

कल्पना कीजिए आपने सिविल सर्विस एग्जाम (CSE) क्लियर किया तो पेरेंट्स की खुशी का ठिकाना क्या होगा. अब इस खुशी को चौगुना कर के उस मां-बाप की खुशी का अंदाजा लगाइए, जिसके चार बच्चों ने तीन साल के अंदर सिविल सर्विस एग्जाम क्लियर किया. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के मिश्रा परिवार के चार भाई-बहन तीन साल के अंदर सिविल सर्विस एग्जाम क्लियर कर के IAS बने. ये चारों अनिल मिश्रा और कृष्णा मिश्रा के बच्चे योगेश, लोकेश, क्षमा और माधवी हैं. अनिल मिश्रा, बतौर बैंक मैनेजर Regional Rural Bank में काम करते थे. वे अपनी पत्नी कृष्णा मिश्रा और चार बच्चों योगेश, लोकेश, क्षमा और माधवी के साथ दो कमरों के घर में रहे. बड़े होने के दौरान, चार भाई-बहनों ने नॉर्मल रिश्ता साझा किया. वे सभी पढ़ाई में भी अच्छे थे. बाद में, प्रतिष्ठित सिविल सेवा में जाने का फैसला लिया.
चारों भाई-बहनों में से सबसे पहले योगेश ने 2013 में सिविल सर्विस एग्जाम क्लियर किया. वह रिजर्व लिस्ट में सीएसई 2013 में चुना गया. उनकी सफलता ने तीनों भाई-बहनों के लिए प्रेरणा बनी. योगेश के बाद माधवी ने CSE 2014 with AIR 62 क्लियर किया. इस बीच, लोकेश ने सीएसई 2014 में रिजर्व लिस्ट में अपना नाम भी पाया. हालांकि, उसे खुद पर भरोसा था और उसने इसे एक और शॉट देने का फैसला किया. लोकेश इससे पहले इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT-D) से इंजीनियरिंग पूरा कर चुके थे. उनका मानना है कि उनकी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि ने सीएसई-प्रीलिम्स को आसान बनाया जबकि सीएसई-मुख्य परीक्षा के लिए व्यवस्थित दृष्टिकोण उनकी रणनीति थी.
लोकेश ने समाजशास्त्र (Sociology) को MAIN ऑप्शनल सब्जेक्ट के रूप में चुना. उनके पास उनके भाई योगेश थे जिन्होंने उसी को चुना था. फिर 2015 में लोकेश ने भी AIR 44 के साथ सिविल सर्विस एग्जाम क्रैक कर लिया. CSE-2015 मिश्रा परिवार के दोगुनी खुशियां एक साथ लाया, क्योंकि इसी साल चारों भाई-बहन में सबसे छोटी क्षमा ने AIR 172 के साथ सिविल सर्विस एग्जाम क्लियर किया. चारों बहन-भाई की कामयाबी पर क्षमा ने कहा, हम सभी एक-दूसरे का ध्यान रखते, एक-दूसरे पर विश्वास करते हैं. यह सफलता स्थिरता, कड़ी मेहनत और बलिदान का नतीजा है. हमें विरासत में नहीं मिला.

Advertisements
%d bloggers like this: