Friday, October 18, 2019
Gorakhpur

प्रधान ने ही करवाया था राधेश्याम की हत्याःसीओ हत्यारोपियों में से दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल फोटो- पत्रकारों से वार्ता करते सीओ

भदोही। थाना क्षेत्र के नगुआं गांव राधेश्याम यादव के हत्या के मामले का शनिवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। हत्या में शामिल दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर धारा संबंधित धाराओं में जेल भेज दिया। इसका खुलासा क्षेत्राधिकारी भूषण वर्मा ने स्थानीय कोतवाली में की।

बताया कि जमीनी विवाद के कारण राधेश्याम की हत्या कराई गई।

इस दौरान सीओ वर्मा ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के नगुआं गांव में 20 व 21 जून की रात गांव के बाहर अपने ट्यूबवेल स्थित पाही पर सो रहे राधेश्याम यादव की हत्या कर दी गई थी। मामले में 7 व्यक्तियों के विरुद्ध स्थानीय कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। उन्होंने बताया कि मामले का पर्दाफाश करने के लिए मेरे नेतृत्व में कोतवाली भदोही व क्राइम ब्रांच की टीम गठित की गई थी। इस मामले में 12 से 15 लोगों से पूछताछ किया गया। शुक्रवार की रात हत्या में शामिल राजेंद्र प्रसाद यादव पुत्र स्व. शोभनाथ यादव निवासी गुलखुरिया नगुआं व शिवसागर यादव पुत्र पन्नालाल यादव निवासी गोधना दौडियाही थाना उंज जनपद भदौही को गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ ने कहा कि पूछताछ करने पर अभियुक्तों ने बताया कि प्रधान बृजेश यादव द्वारा ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा किया गया था। जिसको राधेश्याम यादव ने कब्जा खाली कराया था। राधेश्याम के प्रार्थना पत्र पर जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत प्रधान के द्वारा कराए गए कार्यों सोलर लाइट, आवास, शौचालय, नलकूप व खडज्जा का काम व तालाब की खुदाई की जांच होना था। 21 जून को पैसा भी जमा होना था और 23 जून को टीम आकर विकास कार्यों की जांच पड़ताल करती। पुराने मुकदमे की रंजिश से क्षुब्ध होकर प्रधान बृजेश यादव ने बदमाश बुलाकर तथा अपने भाई जयश्याम यादव, राजेंद्र प्रसाद यादव व शिवसागर यादव के साथ मिलकर राधेश्याम की हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि हत्यारोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त चापड को बरामद किया गया। वहीं दोनों हत्यारोपी राजेंद्र प्रसाद यादव व शिवसागर यादव को धारा 302, 147, 342, 323, 308, 435, 356 व 427 के तहत जेल भेज दिया गया। वहीं प्रधान बृजेश यादव व जयश्याम यादव फरार चल रहे हैं। जिसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इस मौके पर प्रभारी निरीक्षक श्रीकांत राय मौजूद रहे।

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