Wednesday, March 20, 2019
Gorakhpur

बदलता गोरखपुर: सीएम सिटी वासियों को जल्द मिलेगी पीएनजी-सीएनजी की सुविधा….

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र बनारस के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहरवासियों को जल्द ही घर-घर पाइपलाइन से रसोई बनाने के लिए गैस की सुविधा उपलब्ध होगी। बनारस से गोरखपुर तक बिछने वाली पीएनजी-सीएनीजी पाइपलाइन का काम इस दिसंबर में पूरा हो जाएगा। इसके बाद शहर में गैस वितरण के लिए पाइप लाइन का काम शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि इस वित्तीय साल के खत्म होने के पहले गोरखपुर में पाइपलाइन से गैस आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।

प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा फॉरेस्ट परियोजना के अंतर्गत बनारस से गोरखपुर तक नेचुरल गैस पाइप लाइन 166.35 किलोमीटर तक बिछाई जा रही है। वाराणसी के गोरखपुर के फर्टीलाइजर तक 209 गांव से होकर यह पाइप लाइन गुजर रही है। गोरखपुर और संतकबीरनगर के करीब 87 गांवों से होकर पाइप लाइन बिछाने का कार्य जारी है। हालांकि बारिश का सीजन होने के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव से कार्य की रफ्तार इन दिनों धीमी है। गोरखपुर में 56 किलोमीटर और संतकबीरनगर में 4.50 किलोमीटर पाइपलाइन बिछायी जा रही है।

संतकबीरनगर जनपद में मुआवजा वितरण और पाइप लाइन भूमिगत करने का कार्य पूर्ण हो चुका है। इस पाइप लाइन पर हर 16-16 किलोमीटर की दूरी पर एसवी सेक्शन यानी कंट्रोल रूम बिछाया जा रहा है। यहां से पाइप लाइन की मैनुअल और आनलाइन निगरानी की जाएगी। गेल के अधिकारियों का दावा है कि संतकबीरनगर से गोरखपुर तक पाइनलाइन के वेल्डिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। तकरीबन 70 फीसदी पाइपलाइन का हिस्सा भूमिगत किया जा चुका है।

गोरखपुर और संतकबीरनगर के प्रभावित किसानों को मिल रहा मुआवजा

देश की प्राकृतिक गैस की सबसे बड़ी कंपनी गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा पाइपलाइन बिछाने का काम कराया जा रहा है। इसी के द्वारा पाइपलाइन से शहरों में गैस सप्लाई भी की जाएगी। जिन रास्तों से गैस पाइपलाइन बिछायी जा रही है, वहां जिन-जिन किसानों के खेत पड़ रहे हैं, उनको गेल द्वारा मुआवजा उपलब्ध कराया जा रहा है। गैस पाइप लाइन के रास्ते में गोरखपुर जनपद की तीन तहसीलों के 80 गांव पड़ रहे हैं। इनमें 60 गांव खजनी तहसील, सहजनवा तहसील के 8 गांव एवं गोरखपुर सदर तहसील के 12 गांव शामिल हैं। इसके अलावा संतकबीरनगर के 7 गांव शामिल हैं।

सभी गांव के लिए फसल का मुआवजा अवार्ड किया चुका है। पाइपलाइन बिछाते समय पहले सीजन में फसल की लागत का 100 फीसदी मुआवजा मिला। चूंकि पहले सीजन में किसानों के खेतों में खड़ी फसल का नुकसान हो रहा जबकि उसके बाद कोई फसल किसान लगा नहीं रहा इसलिए 80 फीसदी मुआवजा मिल रहा है। इसी तर्क पर तीसरे सीजन में भी काम पूर्ण नहीं हो सका तो किसान को पुन: 80 फीसदी मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा की रकम किसानों को उसकी जमीन समतल और पुराने रूप में करने तक मिलेगा। संतकबीरनगर में पाइप लाइन डाली जा चुकी है।

किसानों की फसल और जमीन का मुआवजा देने का कार्य जारी

गेल द्वारा पाइपलाइन बिछाए जाने वाले रास्तों में पड़ने वाले खेतों के किसानों को मुआवजा देने का काम चल रहा है। सहजनवां तहसील के खानीपुर गांव तक पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। यहां पड़ने वाले 5 गांव में सिर्फ 3 में पाइप लाइन डालने का कार्य शेष है। इसी तरह खजनी तहसील के सर्वाधिक 60 गांव इस पाइप लाइन के रास्ते में हैं जिनमें सिर्फ 16 गांव में पाइप लाइन डालनी शेष है। यहां 20 गांव के किसान फसल का मुआवजा पा चुके हैं शेष में वितरण का जारी है। जल्द ही जमीन का मुआवजा भी वितरित होने लगेगा। गोरखपुर सदर क्षेत्र के 12 गांव में सिर्फ जंगलबहादुरअली, जंगलबेनीमाधव एक और जंगल बेनीमाधव दो में पाइप लाइन डालने का कार्य जलभराव के कारण बाधित है। यहां फसल का मुआवजा किसानों में वितरित किया जा चुका है। जमीन के मुआवजे के लिए संबंधित तहसील के एसडीएम के यहां कार्यवाही जारी है।

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