Sunday, August 18, 2019
National

बलात्कार, हत्‍या के अपराध पर इन देशों में मिलती है रोंगटे खड़े कर देने वाली सजा…

दुष्‍कर्म और हत्‍या जैसे मामलों में हमारे देश में भले ही सजा मिलने में वर्षों लग जाते हैं लेकिन कई देशों में इसकी सजा इतनी कठोर है कि उसे सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

पिछले साल दिल दहला देने वाले कठुआ मामले की याद अभी धुंधली भी नही हुई थी कि एक बार और मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना ट्विंकल शर्मा हत्याकांड हमारे सामने है। बलात्कार, हत्या जैसी घटनाएं देश में इतनी आम हो चुकी है कि आए दिन अखबार के पन्नों पर ऐसी खबरें दिख ही जाती हैं। फर्क इतना है कि कुछ मामले मजहब के कारण तूल पकड़ लेते हैं और कुछ जातीय या अन्‍य राजनीति के कारण हाशिए पर चले जाते हैं।

कठुआ मामला

जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले के रसाना गांव में रहने वाली आठ साल की आसिफा को यह नही पता था कि उसका लड़की होना गुनाह हो जाएगा। मासूम आसिफा के माता-पिता इस बात से अंजान थे कि जानवरों को चराने जा रही बेटी से उनकी आखिरी बार मुलाकात हो रही है क्योंकि कुछ जानवर उसे चरने के लिए जंगल में पहले से ही तैयार बैठे हैं। मंदिर जैसी पवित्र जगह पर भूख से तड़पती, नशीली दवाओं की डोज से सुन्न पड़ गई मासूम न चीख सकती थी न ही कुछ महसूस कर सकती थी। शायद ईश्वर के स्थान पर मौजूद उस लड़की का दर्द खुद ईश्वर भी नही महसूस कर पाया, तभी तो इतनी दरिंदगी के बाद भी उसका गला दबाया गया फिर सर पर दो बार पत्थर मारा गया, यह तय करने के लिए कि वो मर चुकी है या नही।

इतनी बर्बरता से हुए इस जघन्य अपराध के बाद जनाक्रोश इतना बढ़ गया था कि देशभर की जनता दोषियों को फांसी पर लटकाने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आई थी। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी देश का कानून समय की मांग कर बैठा। पूरी जांच पड़ताल कर एक साल बाद तीन दोषियों को उम्रकैद और दो को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई। एक को बरी कर दिया गया। सवाल यह उठता है कि क्या ऐसे निर्मम अपराध के लिए यह सजा काफी है? या उन खूनी अपराधियों के लिए सुकून है कि कम से कम उनकी जान सलामत रहेगी?

यूपी का ट्विंकल शर्मा हत्याकांड

हाल ही में यूपी के अलीगढ़ के टप्पल में मासूम ट्विंकल शर्मा को चंद पैसों की दुश्मनी का शिकार होना पड़ा। ट्विंकल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखकर किसी भी आम व्यक्ति का दिल दहल जाएगा। हत्या से पहले ट्विंकल को इतना पीटा गया कि उसकी हाथ पैर की पसलियां टूट गईं। आंखों के टीशू तक डैमेज हो गए। इस मामले में जिन दो लोगों को आरोपी बनाया गया है उनमें से एक पर पहले से गंभीर आरोप हैं। पुराने मामले में पुलिस की ढ़ीली कारवाई के कारण आरोपी में एक बार फिर जुल्म करने का हौसला आया। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में बलात्कार-हत्या को लेकर कानून इतना ढीला है, जबकि अन्य देशों में इस बर्बरता की सजा सुनकर रोंगटे  खड़े उठते है।

अन्‍य देशों में इतने कड़े हैं कानून

उत्तर कोरिया : यहां के तानाशाह किम जोंग उन जितने कठोर हैं उतना ही कठोर वहां का कानून है। ऐसी घटना को अंजाम देने वालों के लिए केवल एक ही सजा है और वो है मौत। वहां सरेआम बलात्कारी को गोलियों से भून दिया जाता है।

यूएई : यहां के कानून के मुताबिक ऐसा अपराध करने वालों को सात दिन के अंदर फांसी दे दी जाती है।

सऊदी अरब : यहां इस्लामिक कानून शरिया को मान्यता दी गई है। यहा दोषी को फांसी पर लटकाने, सिर कलम करने के साथ-साथ, यौन अंग को काटने की भी सजा सुनाई जा सकती है।

इराक : इस इस्‍लामिक देश में बलात्कारी को तब तक पत्थर मारकर यातना दी जाती है जबतक उसकी मौत न हो जाए।

पोलैैंड : यहां ऐसे लोगों को जंगली जानवरों से कटवाने से लेकर नपुंसक बनाने तक का प्रावधान है।

इंडोनेशिया : इस देश में आरोपी को नपुंसक बनाने के साथ ऐसे अपराधियों के अंदर महिलाओं के हार्मोन्स डालने का प्रावधान है।

चीन : यहां ऐसे आरोप साबित होने के बाद आरोपी को तुरंत फांसी दे दी जाती है।

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