Thursday, December 5, 2019
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बस्‍ती में एपीएन पीजी कॉलेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्‍या…

एपीएन पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आदित्य नारायण तिवारी कबीर को बुधवार को शहर के मालवीय रोड स्थित अग्रवाल भवन परिसर में गोली मार दी गई।

 बस्ती जिले के एपीएन पीजी कालेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आदित्य नारायण तिवारी कबीर को बुधवार को शहर के मालवीय रोड स्थित अग्रवाल भवन परिसर में गोली मार मार दी गई जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल कबीर को जिला अस्पताल ले जाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्‍हें लखनऊ रेफर किया गया, जहां डाक्‍टरों ने उन्‍हें मृत घोषित कर दिया।

विरोध में सड़क जाम…..

घटना से आक्रोशित भाजपा नेताओं व आम लोगों ने जिला अस्पताल के पास सड़क जाम कर दिया है। आक्रोशित लोगों ने घटना के लिए पुलिस को जिम्‍मेदार बताया है।

तमंचे से किया फायर…..

बताया जा रहा है कि दो युवक बाइक पर सवार होकर कोतवाली क्षेत्र में स्थित अग्रवाल भवन परिसर में पहुंचे। जब तक लोग कुछ समझ पाते एक युवक ने तमंचे से कबीर पर फायर कर दिया।

कबीर ने बचने की कोशिश की तो गोली उनके हाथ को छूते हुए सीने में जा लगी। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े।

दो हमलावर पकड़े गए…..

एक युवक मौके पर ही पकड़ा गया। दूसरा भागते समय पिकौरा शिव गुलाम मोहल्ले में एक व्यक्ति के घर में घुस गया, जिसे भीड़ ने दबोच लिया। पुलिस मौके पर पहुंच गई है। भीड़ को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। जिला अस्पताल मार्ग को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया है। शहर में चौकसी बढ़ा दी गई है।

भारी पुलिस बल तैनात

घटना के बाद कोतवाली पर कई थानों की फोर्स जमा है। एएसपी पंकज, सीओ सिटी गिरीश कुमार सिंह, कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह, एसओ पुरानी बस्ती सर्वेश राय, एसओ वाल्टरगंज अरविंद शाही, एसडीएम सदर एसपी शुक्ल सहित अन्य अधिकारी मौजूद हैं।

कबीर की मौत पर रोया पूरा गांव

कबीर की मौत पर पूरे ऐंठीडीह गांव में मातम है। अपने नौनिहाल की मौत पर गांव की हर आंख नम है। सभी को सम्मान देने की कबीर की आदत के चलते कबीर पूरे गांव के दुलारे थे। एक सामान्य किसान के बेटे की पूरे जिले में अच्छी छवि से पूरा गांव गदगद रहता था। अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे कबीर जब एपीएन कालेज के अध्यक्ष बने तो सभी ने उनके राजनीति के क्षितिज पर चमकने की कामना की। भाजपा के स्थानीय नेता हों या फिर प्रदेश स्तरीय नेता सभी उन्‍हें चाहते थे। युवाओं में उनकी अच्‍छी पकड़ उसका मजबूत पक्ष था।

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