Sunday, June 16, 2019
Uttar Pradesh

बहुत महंगा दे रहे हो और अगर मीठा नहीं हुआ तो इसकी वापसी तो होगी क्या….

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का काफिला शनिवार को सड़क किनारे ठेले पर भुट्टा देखकर अचानक रुक गया. अखिलेश यादव ने ठेले पर भुट्टा बेच रहे व्यक्ति से भुट्टे का रेट पूछा और एक भुट्टा लेकर खाया. यह वाक्या बाराबंकी का है.
बाराबंकी में शराब काण्ड में मृतकों से मिलकर आ रहे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का काफिला जैसे ही रामनगर इलाके की केसरीपुर रेलवे क्रासिंग पर पहुंचा तो उनका काफिला अचानक रुक गया. अखिलेश का काफिला रुक जाने से सभी हैरत में पड़ गए कि आखिर अखिलेश की गाड़ी रुकी क्यों?
दरअसल अखिलेश यादव सड़क के किनारे ठेले पर भुट्टा बेच रहे एक व्यक्ति को देख कर रुके थे. अखिलेश यादव ने ठेले वाले से भुट्टे की किस्म पूछते हुए पूछा कि आखिर यह भुट्टा कहां का है. ठेले वाले ने जवाब दिया कि बहराइच का है. इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि मीठा है और कितने में बेच रहे हो. ठेले वाले ने बड़ी विनम्रता से जवाब दिया कि हां, मीठा है और दस रुपये में इसे बेच रहा हूं. इस अखिलेश यादव ने तपाक से कहा कि बहुत महंगा दे रहे हो और अगर मीठा नहीं हुआ तो इसकी वापसी तो होगी नहीं.अखिलेश ने उससे एक भुट्टा लिया और अपनी गाड़ी में बैठ कर खाने लगे. अखिलेश यादव से जब लोगों ने पूछा कि भुट्टा महंगा तो नहीं है तो उन्होंने कहा कि यह गरीब क्या महंगा देगा, और फिर उनकी गाड़ी का काफिला आगे बढ़ गया. अखिलेश की यह सादगी आसपास चर्चा का केन्द्र बन गई.

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