- Advertisement -
n
n
Friday, June 5, 2020

बीमार मां को कराहते देखा, तो लॉकडाउन में 210 किमी साइकिल चलाकर लाई दवा….

Views
Gorakhpur Times | गोरखपुर टाइम्स

कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन (Lockdown) के बीच एक मार्मिक खबर सामने आई है. हजारीबाग के बालेश्वर राम ने लॉकडाउन में अपने माता-पिता के लिए श्रवण कुमार की भूमिका निभाई. उन्होंने अपनी बीमार मां को कराहते हुए देखा, तो एक दिन में 210 किमी साइकिल चलाकर उनके लिए दवा का प्रबंध किया.

दरअसल, लॉकडाउन के कारण शहर में वाहन नहीं चल रहे हैं. बालेश्वर ने इस स्थिति में अपने घर से 105 किमी दूर रांची साइकिल से जाकर दवा खरीदने का फैसला किया. शनिवर सुबह वह घर से निकले और रांची से दवा खरीद कर रात को घर वापस लौटे. यानी पूरा दिन साइकिल चलाते हुए 210 किमी का सफर तय किया.

NOTE:  गोरखपुर टाइम्स का एप्प जरुर डाउनलोड करें  और बने रहे ख़बरों के साथ << Click

Subscribe Gorakhpur Times "YOUTUBE" channel !

The Photo Bank | अच्छे फोटो के मिलते है पैसे, देर किस बात की आज ही DOWNLOAD करें और दिखाए अपना हुनर!

 

मां का दर्द सहन नहीं कर पाया

बालेश्वर ने बताया कि लॉकडाउन के कारण वह रांची नहीं जा पा रहा था. इस बीच, धीरे-धीरे मां की दवाइयां खत्म हो गईं और उन्होंने बिस्तर पकड़ लिया. बालेश्‍वर मां के इस दर्द को सहन नहीं कर पाए. इसलिए शनिवार सुबह पांच बजे साइकिल लेकर घर से निकले और रांची में दवाई खरीदकर रात 11 बजे वापस घर लौटे.

ये भी पढ़े :  गूगल की लाखों रूपये की सैलरी छोड़ साध्वी बन गई यह लड़की, जानिए कैसे लगाया वैराग्य में मन?

15 साल से चल रहा मां का इलाज

बड़कागांव के डेलीमार्केट बाबा मुहल्ले के रहने वाले बालेश्वर राम दूध बेचकर घर चलाते हैं. उनकी मां सुगनी देवी 80 साल की हैं. पिछले 15 साल से सुगनी देवी पीठ की बीमारी और छाती दर्द से परेशान रहती हैं. रांची के एक डॉक्टर से उनका इलाज चल रहा है. बतौर बालेश्वर मां-बाप से बढ़कर इस दुनिया में कुछ नहीं होता. उनके लिए थोड़ा कष्ट सह लिया, तो कई बड़ी बात नहीं.

बता दें कि कोरोना वायरस के प्रचार-प्रसार को रोकने के लिए देश को लॉकडाउन कर दिया गया है, ताकि न तो कोई कहीं जा सके और न ही कोई एक जगह से दूसरे जगह पर आ सके. हालांकि, सरकार और स्‍थानीय प्रशासन ने मेडिकल और अन्‍य जरूरी सामान के लिए आने-जाने की छूट दी है. लेकिन, लॉकडाउन के चलते वाहन पूरी तरह से बंद हैं. ऐसे में आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ गया है. इन परिस्थितियों में कुछ जरूरतमंद लोगों को कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ रहा है.

Advertisements
%d bloggers like this: