Tuesday, October 26, 2021

मंत्री के बेटे को हराकर चपरासी का बेटा बना विधायक….

समाजवादी छात्रसभा महानगर गोरखपुर ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर चलाया सदस्यता अभियान!

Gorakhpur: समाजवादी छात्रसभा महानगर गोरखपुर ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर चलाया सदस्यता अभियान! आज गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर...

Mrj: अधिकरियो के रहमो-करम पर दबंगों द्वारा चकनाले की जमीन पर बिना मान्यता प्राप्त विद्यालय का किया जा रहा है संचालन, बच्चों का भविष्य...

Maharajganj/Dhani: युवा समाजसेवी अजय कुमार का कहना है कि धानी ब्लाक के अन्तर्गत एक विद्यालय साधु शरण गंगोत्री देवी लेदवा रोड बंगला...

साष्टांग प्रणाम यात्रा पे निकला बांसी से लेहड़ा मंदिर – भक्त रामशब्द लोधी

Maharajganj/ SiddharthNagar: बांसी क्षेत्र के अंतर्गत राम गोहार गाँव से रामशब्द लोधी ने लगातार तेरह वर्षों से नवमी में सष्टांग प्रणाम यात्रा...

Maharajganj: हड़हवा टोल प्लाजा पर भेदभाव हुआ तो होगा आन्दोलन।

फरेन्दा, महराजगंज: फरेन्दा नौगढ़ मार्ग पर स्थित हड़हवा टोल प्लाजा पर प्रबन्धक द्वारा कुछ विशेष लोगो को छोड़ बाकी सबसे टोल टैक्स...

Maharajganj: बृजमनगंज थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद, लोग पूछ रहे सवाल क्या कर रहे हैं जिम्मेदार

बृजमनगंज, महाराजगंज. थाना क्षेत्र में पुलिस की निष्क्रियता के चलते चोरों के हौसले बुलंद है. जिसके कारण चोरी की घटनाएं बढ़ रही...

Download GT App from
Google Play

विज्ञापन के लिए संपर्क करें +91 7843810623 (WhatsApp)

जब लोकतंत्र न्याय करने पर उतर आता है, बड़े-बड़े दिग्गज औंधेमुंह गिर पड़ते हैं। चुनाव में मतदाता ही सबसे बड़ा न्यायाधीश होता है, जिसके आगे न सत्ताबल की चलती है, न धनबल-भुजबल की। एक केंद्रीय मंत्री के विधायक-पुत्र को इस चुनाव में पटखनी देकर चपरासी-पुत्र का हजारों मतों से जीत जाना तो यही साबित करता है।

भाजपा इसलिए भी भ्रम में जी रही थी कि प्रतिद्वंद्वी मनोज चावला की वैसे भी मामूली पारिवारिक हैसियत है। वह एक चपरासी के बेटे हैं। मतदाताओं पर तो भाजपा का ही दबदबा रहेगा। इस गलतफहमी को लोकतंत्र ने डंके की चोट पर ठिकाने लगा दिया।

लोकतंत्र की महिमा अपरंपार है। आपातकाल के बाद जब देश में लोकसभा चुनाव हुआ था, इंदिरा गांधी समेत कांग्रेस के तमाम बड़े दिग्गज धराशायी हो गए थे लेकि जब उसके बाद संसदीय चुनाव हुआ तो इंदिरा गांधी पहले से भी ज्यादा ताकतवर लहर पर सवार होकर दोबारा सत्तासीन हो गईं। लोकतंत्र में आस्था रखने वाले देश के करोड़ों मतदाताओं ने जेपी लहर से उपजे नए-नवेले जनता को ताश के पत्ते की तरह बिखेर दिया था। इसी तरह पिछले विधानसभा चुनावों में मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी रही हो या मायावती की बहुजन समाज पार्टी, सिर-माथे लेने के बाद करारी पटखनी देते भी देर नहीं लगी थी।

इसी विधानसभा चुनाव में मिजोरम और तेलंगाना के नतीजों ने अलग इतिहास लिखा है। वहां न कांग्रेस की दाल गली, न भाजपा की। चुनावों की ये नज़ीर साबित करती है कि हमारे देश का लोकतंत्र आज भी दुनिया के बाकी देशों से बहुत ज्यादा पारदर्शी, न्यायप्रिय और अपार शक्ति-संपन्न है। धनबल, सत्ताबल, भुजबल, जनबल से कोई एक बार भले सत्तासीन हो जाए, अगर वह गैरजिम्मेदार तरीके से हुकूमत का जनविरोधी इस्तेमाल करता है, वोटर आंखों की किरकिरी की तरह उसे फूंक उड़ाने में देर नहीं करते हैं। इस बार के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भी कई ऐसे नतीजे हैं, जिनमें एक मध्य प्रदेश की आलोट विधानसभा सीट का चुनाव नतीजा है।

ये भी पढ़े :  सीट विवाद में 10वीं के छात्र ने क्लासमेट को मारी तीन गोलियां, घर से चुराकर लाया था बंदूक
ये भी पढ़े :  युवाओं की सेहत के लिए बेहद खतरनाक बनते जा रहे हैं ये 5 फैशन ट्रेंड्स....

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों के दौरान आए नतीजे चाहे जिसकी ताजपोशी कराएं, रतलाम की आलोट विधानसभा सीट पर जीते मनोज चावला की कामयाबी की दास्तान ही कुछ अलग है। नवनिर्वाचित विधायक मनोज के पिता रतलाम कलेक्ट्रेट में चपरासी (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) की नौकरी करते हैं। पैंतीस वर्षीय मनोज ग्रेजुएट हैं। चुनाव मैदान में उनके सामने कोई मामूली प्रत्याशी नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत के विधायक बेटे जीतेंद्र गहलोत थे।

आलोट विधानसभा क्षेत्र में 197892 मतदाताओं ने अपने मतों का इस्तेमाल किया, जिनमें 1,01,886 पुरुष वोटरों और 95,999 महिला वोटरों ने अपने मतों का प्रयोग किया। कांग्रेस के पक्ष में गया यहां का चुनाव नतीजा इसलिए भी करिश्माई माना जा रहा है कि टिकट मिलने के बाद से ही पेशे से अधिवक्ता-व्यापारी मनोज चावला की सलामती के लिए कोई भी बड़ा नेता उनके इलाके में प्रचार करने नहीं पहुंचा, दूसरी तरफ जीतेंद्र गहलौत को जिताने के लिए उनके मंत्री पिता पूरे वक्त खुद तो निर्वाचन क्षेत्र में नतीजा आने तक चौबीसो घंटे डेरा डाले ही रही, उनके चुनाव प्रचार में केंद्रीय गृहमंत्री केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसी कद्दावर शख्सियतों की जनसभाएं हुईं, सत्ताबल उनको फतह दिलाने में पटखनी खा गया। जब मतगणना हुई तो कांग्रेस प्रत्याशी मनोज चावला ने भाजपा के विधायक प्रत्याशी जीतेंद्र गहलौत को पांच हजार मतों से पछाड़ दिया।

ये भी पढ़े :  AAP सांसद संजय सिंह को मिली जाने मारने की धमकी, 'हिंदू वाहिनी' पर आरोप, दर्ज कराई शिकायत

इससे पहले वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री के पुत्र इसी जीतेन्द्र गहलोत ने कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डू को 7,973 वोटों के अंतर से हरा दिया था। इस बार के विधानसभा चुनाव में वह दूसरी बार एक विधायक के रूप में अपना भविष्य आजमाने उतरे थे। इससे पहले प्रेमचंद गुड्डू और उनके बेटे अजीत बौरासी कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा में चले गए। इसके चलते भाजपा इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हो चुकी थी कि जीतेंद्र को निश्चित ही विधायक निर्वाचित कर लिया जाएगा लेकिन ऐसा सोचना मुंगेरील लाल का हसीन सपना भर साबित होकर रह गया।

ये भी पढ़े :  अनोखा तरीका: कोरोना से बचने के ल‍िए स्‍पेस सूट में वॉक पर न‍िकलता है ये कपल, लोग खींचने लगते है फोटो

भाजपा इसलिए भी भ्रम में जी रही थी कि प्रतिद्वंद्वी मनोज चावला की वैसे भी मामूली पारिवारिक हैसियत है। वह एक चपरासी के बेटे हैं। मतदाताओं पर तो भाजपा का ही दबदबा रहेगा। इस गलतफहमी को लोकतंत्र ने डंके की चोट पर ठिकाने लगा दिया। चुनाव नतीजा आने के बाद बड़े-बड़े चुनाव विशेषज्ञ भी वोटरों की ईमानदारी पर हक्के-बक्के रह गए, जबकि चावला की तरफदारी में कांग्रेस का कोई बड़ा नेता भी उन्हें ताकीद करने नहीं पहुंचा। दूसरी तरफ नए-नए मामूली हैसियत वाले प्रत्याशी को पछाड़ने के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोक रखी थी। सब वृथा गया। मतदाताओं ने बेखौफ होकर दूध का दूध पानी का पानी कर दिया।

Hot Topics

गोरखपुर : सगी बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा भाई; यहां जाने क्या है माजरा !

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिलुआताल में...

गोरखपुर:चिता पर रखे शव के जीवित होने पर मचा हड़कंप, रोकना पड़ा दाह संस्कार,

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां...

देवरिया:- थाने में ही महिला फरियादी के सामने हस्तमैथून करने वाला थानेदार फ़रार,25 हज़ार के इनाम की घोषणा

देवरिया के अंतर्गत आने वाले थाने भटनी में महिला फरियादी के सामने हस्तमैथुन करने वाली थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज...

Related Articles

Mrj: अधिकरियो के रहमो-करम पर दबंगों द्वारा चकनाले की जमीन पर बिना मान्यता प्राप्त विद्यालय का किया जा रहा है संचालन, बच्चों का भविष्य...

Maharajganj/Dhani: युवा समाजसेवी अजय कुमार का कहना है कि धानी ब्लाक के अन्तर्गत एक विद्यालय साधु शरण गंगोत्री देवी लेदवा रोड बंगला...

Maharajganj: औकात में रहना सिखो बेटा नहीं तो तुम्हारे घर में घुस कर मारेंगे-भाजपा आईटी सेल मंडल संयोजक, भद्दी भद्दी गालियां फेसबुक पर वायरल।

Maharajganj: महाराजगंज जनपद में भाजपा द्वारा नियुक्त धानी मंडल संयोजक का फेसबुक पर गाली-गलौज और धमकी वायरल। फेसबुक पर धानी मंडल संयोजक...

सिद्धार्थ पांडेय बने भाजपा मीडिया सम्‍पर्क विभाग के क्षेत्रीय संयोजक…

उत्‍तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी भाजपा संगठन को नए स्‍तर से मजबूत बनाने में...
%d bloggers like this: