Saturday, July 24, 2021

यूपी में मर रही बसपा फिर हुई जिंदा, मायावती ने अखिलेश के सहारे अपनी पार्टी में जान फूंक दी….

पुलिस अधीक्षक द्वारा की गयी मासिक अपराध गोष्ठी में अपराधों की समीक्षा व रोकथाम हेतु दिये गये आवश्यक दिशा-निर्देश

Maharajganj: पुलिस अधीक्षक महराजगंज प्रदीप गुप्ता द्वारा आज दिनांक 17.07.2021 को पुलिस लाइन्स स्थित सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी में कानून-व्यवस्था की...

शायर मुनव्वर राना के बोल, ‘दोबारा सीएम बने योगी तो यूपी छोड़ दूंगा’

लखनऊ: मशहूर शायर मुनव्वर राना एक बार फिर अपने बयान की वजह से सुर्खियों में हैं।उन्होंने कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ दोबारा...

Maharajganj: CO सुनील दत्त दूबे द्वारा कुशल पर्यवेक्षण करने पर अपर पुलिस महानिदेशक जोन गोरखपुर ने प्रशस्ति पत्र से नवाजा।

Maharajganj/Farenda: सीओ फरेन्दा सुनील दत्त दूबे को थाना पुरन्दरपुर में नवीन बीट प्रणाली के क्रियान्वयन में कुशल पर्यवेक्षण करने पर अपर पुलिस...

विधायक विनय शंकर तिवारी किडनी की बीमारी से पीड़ित ग़रीब युवा के लिए बने मसीहा…

हाल ही में सोशल मीडिया के माध्यम से किडनी की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की मदद हेतु युवाओं के द्वारा अपील की...

महराजगंज जिले के फरेंदा थाने के अंतर्गत SBI कृषि विकास शाखा के सामने से मोटरसाइकिल चोरी

Maharajganj: महाराजगंज जिले के फरेंदा थाने के अंतगर्त मंगलवार को बृजमनगंज रोड पर भारतीय स्टेट बैंक कृषि विकास शाखा के ठीक...

Download GT App from
Google Play

विज्ञापन के लिए संपर्क करें +91 7843810623 (WhatsApp)

लोकसभा चुनाव 2014 और उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2017 में बहुजन समाज पार्टी अपनी आखिरी सांसे गिन रही थी तभी इस पार्टी को बचाने के लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपना हाथ थमा दिया। अखिलेश यादव का हाथ थामने के बाद एक बार फिर से लोकसभा चुनाव 2019 के बाद अंतिम सांसें ले रहीं मायावती की बसपा फिर से जिंदा हो गई है। इस चुनाव में मायावती ने अखिलेश यादव के सहारे एक बार फिर से अपनी पार्टी में जान फूंक दी। लोकसभा चुनाव में बसपा मोदी का विरोध करती तो वह भीड़ का हिस्सा बनती। चुनावी माहौल में मतदाताओं को इसमें कुछ भी नयापन नजर नहीं आता। लिहाजा बसपा सुप्रीमो मायावती ने जनसभाओं में भाजपा और मोदी से ज्यादा कांग्रेस के खिलाफ जहर उगलना शुरू किया था।
उत्तर प्रदेश में जीत की देहरी तक पहुंचने और अपनी साख बचाने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती का यह नया पैंतरा आखिरकार काम आया। मायावती कानपुर के रमईपुर सहित अपनी कई जनसभाओं में भाजपा से ज्यादा कांग्रेस पर हमलावर थीं। उन्होंने देश की दुर्दशा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था। कई प्रेस वार्ताओं में उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन न करने की सार्वजनिक घोषणा की थी। लोगों के जेहन में यह सवाल था कि इससे मायावती को मिलेगा क्या? आखिर कांग्रेस का इतना विरोध क्यों? दरअसल कांग्रेस के विरोध में ही बसपा की साख छिपी हुई थी। मायावती प्रदेश में 10 सीटें जीतकर अपनी साख बचाने में कामयाब रहीं। कई जगह दूसरे नंबर की पार्टी बनकर अपने परंपरागत जनाधार को सुरक्षित रखने में काफी हद तक सफल रहीं। इसे ऐसे समझें। सपा के साथ गठबंधन में बसपा को कानपुर मंडल में अकबरपुर और फर्रुखाबाद सीटें मिली थीं। इन दोनों ही सीटों पर बसपा दूसरे नंबर पर रही। वोट पाने के मामले में कांग्रेस के सामने लंबी लकीर खींच दी। राजनीति के जानकार बताते हैं कि लोकसभा और विधानसभा का चुनावी परिदृश्य एकदम अलग होता है।
विधानसभा चुनाव में लोग जातियों में और छोटे बड़े हितों में बंटते हैं। लोकसभा चुनाव में जनता के सामने दो बड़ी पार्टियां भाजपा और कांग्रेस होती हैं। ऐसे में भाजपा के विरोधी एकजुट होकर कांग्रेस के खाते में चले जाते हैं। खासकर मुसलमानों में यह ट्रेंड खूब देखा जाता है। लोकसभा चुनाव में मुसलमानों की एक मात्र पसंद कांग्रेस होती है। इसलिए जनसभाओं में यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि बसपा का वोट बैंक कांग्रेस से ज्यादा है। भाजपा से मोर्चा साधने में सपा-बसपा गठबंधन ही दूसरा विकल्प है। यह रणनीति काम आई। इस बार बसपा सुप्रीमो के सामने अपनी पार्टी का राष्ट्रीय दर्जा बचाने की भी चुनौती थी। इसलिए बसपा कांग्रेस के वोट बैंक को यह भरोसा दिलाया कि उनके सामने दूसरा सबसे मजबूत विकल्प मौजूद है। भाजपा के साथ कांग्रेस की खामियों, नाकामियों को जनता के सामने मजबूती से पेश करके बसपा प्रदेश में दूसरी बड़ी पार्टी बनने में सफल रही। अपने वोट बैंक में बहुत गिरावट भी नहीं होने दी।

ये भी पढ़े :  गोरखपुर हॉस्पिटल केस: निलंबित डॉक्टर कफील ने कहा- बच्चों की मौत की हो CBI जांच....

Hot Topics

गोरखपुर : सगी बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा भाई; यहां जाने क्या है माजरा !

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिलुआताल में...

गोरखपुर:चिता पर रखे शव के जीवित होने पर मचा हड़कंप, रोकना पड़ा दाह संस्कार,

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां...

देवरिया:- थाने में ही महिला फरियादी के सामने हस्तमैथून करने वाला थानेदार फ़रार,25 हज़ार के इनाम की घोषणा

देवरिया के अंतर्गत आने वाले थाने भटनी में महिला फरियादी के सामने हस्तमैथुन करने वाली थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज...

Related Articles

यूपी में कई IPS बदले गए,दिनेश कुमार गोरखपुर के नए एसएसपी.

कई IPS के तबादले हुए जिसमे गोरखपुर के एसएसपी जोगेंद्र कुमार को झाँसी का नया डीआईजी बनाया...

बड़े पैमाने पर हुआ सीओ का तबादला,125 सीओ किये गए इधर से उधर….

उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर सीओ यानी उपाधीक्षकों के तबादले किये गए।।125 उपाधीक्षकों का तबादला किया...

तंत्र-मंत्र के चक्कर में फंसी बहू, सिद्धि के लिए दे दी अपने ही ससुर की बलि

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में तंत्र-मंत्र के चक्कर में फंस कर एक बहू ने अपने ही ससुर...
%d bloggers like this: