Monday, January 18, 2021

योगी आदित्यनाथ ने एक और असरदार फैसला लिया है, चलिए सबक लीजिए।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले गोरखपुर के युवा,NH29 राज मार्ग जल्द होगा पूरा

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिया NH29 के सम्बन्ध में आस्वासन गोरखपुर । गोरखपुर के सामाजिक...

लालपुर में समाजसेवी स्व.बालेश्वर राय की पुण्यतिथि पर सैकड़ों जरूरतमंदों को बांटे गए कम्बल

लालपुर में समाजसेवी बालेश्वर की पुण्यतिथि मनाई गयी बांसगांव। आज समाजसेवी पूर्व प्रधान स्व. बालेश्वर राय की 11 वीं...

भव्य राममंदिर निर्माण हेतु महापौर सीताराम जयसवाल ने दिया एक लाख ग्यारह हजार रुपए की समर्पण राशि….

श्रीरामजन्मभूमि निधि समर्पण अभियान के तहत आज गोरखपुर के महापौर सीताराम जयसवाल ने एक लाख ग्यारह हजार रुपए व व्यवसायी भीष्म चौधरी...

20 लाख रुपए का चरस लिए तस्कर को पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने किया गिरफ्तार।

Maharajganj: जनपद महराजगंज सोनौली कोतवाली क्षेत्र के भारत-नेपाल सीमा के सरहदी गांव डंडा हेड के पास पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम...

बांसगांव विधायक ने सैकड़ों को बाँटे कम्बल,ट्राईसाइकिल पाकर दिव्यांगों के खिले चेहरे

बांसगांव के युवा विधायक डॉ विमलेश पासवान के द्वारा आज ट्राईसाइकिल एवं कम्बल वितरण किया गया यह कार्यक्रम विकास खण्ड बांसगांव में...

Download GT App from
Google Play

विज्ञापन के लिए संपर्क करें +91 7843810623 (WhatsApp)

योगी आदित्यनाथ आए दिन सुर्खियों में रहा करते हैं. उनको अपने कड़े तेवर दिखाने हों, या फिर सख्त फैसले लेने हों. वह देरी करना तो जानते ही नहीं हैं. वो कहते हैं न ऑन द स्पाट फैसला, जी हां वही करते हैं उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ. याद कीजिए। लव जिहाद पर बहस छिड़ी थी मध्य प्रदेश में, उधर बहसा-बहसी ही जारी थी कि, इधर योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट में लव जिहाद को लेकर कानून भी बना दिया था. योगी आदित्यनाथ की इस तेज़ी और मुस्तैदी पर खूब चर्चाएं हुयी थी. विकास दूबे वाला मामला भी याद होगा और हाथरस गैंगरेप वाला मामला भी, सीबीआई को जांच सौंपना हो या फिर उत्तर प्रदेश पुलिस से काम लेना हो, योगी आदित्यनाथ हर मामले में अव्वल हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस दिन गुजरात में सरदार पटेल की सबसे बड़ी मूर्ती का उद्घाटन किया था, उसी दिन योगी आदित्यनाथ ने दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ती भगवान श्री राम जी की अयोध्या में बनवाए जाने का वायदा भी कर डाला था. शहरों का नाम बदलना हो या फिर अपराधियों के घर बुल्डोजर चला उसे नेस्तनाबूद कर देना हो, योगी आदित्यनाथ एक झटके में फैसला करते नज़र आते हैं. हालांकि उनके कुछ फैसलों पर विपक्ष उंगली ज़रूर उठाता है लेकिन उनके काम करने के तरीके से लगभग सभी राज्यों के मुख्यमंत्री उनसे प्रभावित होते नज़र आते हैं.गाज़ियाबाद के श्मशान घाट में हुए हादसे के मुख्य आरोपी जब पकड़े गए और सामने आया कि श्मशान घाट की गैलरी की छत के निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ था और घूस खाई गई थी तो सबको लगा अब तो कानूनी कार्यवाई होगी। लेकिन योगी आदित्यनाथ सबकी तरह नहीं सोचते। वह कुछ बड़ा सोचते हैं. योगी आदित्यनाथ ने उन आरोपियों पर कानूनी कार्यवाई तो की ही साथ ही श्मशान घाट की गैलरी पर हुए निर्माण के नुकसान की भरपाई भी उन्हीं आरोपियों से किए जाने का ऐलान कर दिया. योगी आदित्यनाथ के इस फैसले को लोगों ने खूब पसंद भी किया.हालांकि ऐसी कार्यवाई योगी आदित्यनाथ अन्य मामलों में भी कर चुके हैं फिर वो सीएए एऩआरसी वाला मामला रहा हो या फिर फर्जी शिक्षकों का मामला, वह नुकसान की भरपाई भी उन लोगों से ही करने का फरमान सुना देते हैं जो उन्हें गलत नज़र आता है.योगी आदित्यनाथ के अलग थलग फैसलों में एक फैसला और जोड़ लीजिए, ये फैसला कैसा भी हो लेकिन इसे आप गलत फैसला तो नहीं करार दे पाएंगें, दरअसल उत्तर प्रदेश के सूचना विभाग में चार अपर जिला सूचना अधिकारियों का प्रमोशन हुआ था, इन सबका प्रमोशन गलत पाया गया था जो सामने आया तो योगी आदित्यनाथ ने इनको वापिस वहीं भेज दिया जहां से इन्होंने शुरुआत की थी.

ये भी पढ़े :  गोरखपुर दिन भर सड़कों पर गश्त करते रहे एडीएम सिटी व एसपी सिटी डॉक्टर कौस्तुभ..

इनमें पहले अधिकारी का नाम है श्री नरसिंह जोकि अपर जिला सूचना अधिकारी, बरेली के पद पर तैनात थे. अब इनको चपरासी के पद पर तैनात कर दिया गया है. दूसरे अधिकारी हैं अपर जिला सूचना अधिकारी, फिरोजाबाद श्री दयाशंकर इनको चौकीदार बना दिया गया है. तीसरे अधिकारी हैं श्री विनोद कुमार शर्मा जो अपर जिला जिला सूचना अधिकारी, मथुरा की पद पर तैनात थे इनको सिनेमा आपरेटर कम प्रचार सहायक बना दिया गया है.जबकि चौथे अधिकारी हैं श्री अनिल कुमार सिंह जोकि अपर जिला सूचना अधिकारी, भदोही की पद पर थे इनको भी सिनेमा आपरेटर कम प्रचार सहायक के पद पर भेज दिया गया है. योगी आदित्यनाथ का ये फैसला बेहद सख्त और तल्ख है उन लोगों के लिए जो भ्रष्टाचार करते हुए पाए जाते हैं. इन चारों अफसरों के प्रमोशन में खेल हुआ तो योगी आदित्यनाथ ने इनका डिमोशन ही कर दिया है.इन चारों अधिकारियों पर आरोप है कि इन लोगों ने नियम के विरुद्ध प्रमोशन हासिल किया था इसकी सूचना मुख्यमंत्री को लगी तो इन चारों अधिकारियों को इनके मूल पद पर वापिस भेज दिया गया. योगी आदित्यनाथ का ये फैसला सीख है नज़ीर है और एक सबक भी है, एक मुखिया के तौर पर योगी आदित्यनाथ के फैसले उनको और मज़बूत बना रहा है.

Hot Topics

गोरखपुर : सगी बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा भाई; यहां जाने क्या है माजरा !

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिलुआताल में...

गोरखपुर:चिता पर रखे शव के जीवित होने पर मचा हड़कंप, रोकना पड़ा दाह संस्कार,

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां...

देवरिया:- थाने में ही महिला फरियादी के सामने हस्तमैथून करने वाला थानेदार फ़रार,25 हज़ार के इनाम की घोषणा

देवरिया के अंतर्गत आने वाले थाने भटनी में महिला फरियादी के सामने हस्तमैथुन करने वाली थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज...

Related Articles

20 लाख रुपए का चरस लिए तस्कर को पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने किया गिरफ्तार।

Maharajganj: जनपद महराजगंज सोनौली कोतवाली क्षेत्र के भारत-नेपाल सीमा के सरहदी गांव डंडा हेड के पास पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम...

मेडिकल कॉलेज बना सुसाइड प्वाइंट, 72 घंटे में दूसरे सुसाइड से मेडिकल कॉलेज में हड़कंप।

मुजफ्फरनगर/मंसूरपुर: जनपद में मेडिकल कालेज इन दिनों सुसाइड प्वाइंट बनता नजर आ रहा है। जहां 14 जनवरी को मेडिकल कालेज में बने...

यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, पंचायत चुनाव से पहले 15 आईएएस अफसरों के हुए तबादले, दो डीएम समेत चार मंडलों के कमिश्नर बदले

यूपी में पंचायत चुनाव से पहले 15 आईएएस अफसरों के तबादले किए गए हैं. राज्य में प्रशासनिक फेरबदल की यह जानकारी शनिवार...
%d bloggers like this: