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Tuesday, June 2, 2020

लॉकडाउन का असर: 100% खत्म हुआ ये घिनौना अपराध, आत्महत्या और सड़क हादसे भी हुए कम…..

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Gorakhpur Times | गोरखपुर टाइम्स

एक तरफ जहां कोरोना वायरस के चलते दुनियाभर में 2 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है वहीं, लॉकडाउन के चलते अपराध, सड़क हादसा और आत्महत्या से होने वाली मौतों में भी कमी आई है। भारत की बात करें तो यहां देशव्यापी लॉकडाउन को लागू हुए एक महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। केंद्र द्वारा लागू किए गए लॉकडाउन की वजह से देश में कोरोना की तफ्तार पर रोक लगाने में कामयाबी मिली है, लॉकडाउन की एक और पॉजिटिव बात यह है कि इससे इंसानी दखल से होने वाली मौत में भी कमी आई है। हालांक इसके चलते सरकार को आर्थिक मोर्चे पर भारी नुकसान भी उठाया पड़ रहा है।

लॉकडाउन के चलते अपराधों में कमी आई

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महामारी ने अभी तक करोड़ों जिंदगियों को प्रभावित किया है, लॉकडाउन के चलते कई लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। लेकिन इसके इसके उलट भारत में कम अपराधों और सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी दर्ज की गई है। इसकी वजह से देशभर में होने वाली मौतों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि इसको लेकर कोई देश-व्यापी डेटा उपलब्ध नहीं है लेकिन, कुछ राज्यों में पुलिस अधिकारियों और अस्पताल के आपातकालीन कर्मचारियों के रेकॉर्ड में यह संकेत मिलते हैं।

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25 मार्च से 14 अप्रैल के बीच का आंकड़ा

केरल में एक उच्च पुलिस अधिकारी करुणाकरन ने पुष्टि की कि 25 मार्च से 14 अप्रैल के बीच राज्य में हत्याओं, आत्महत्याओं, अप्राकृतिक मौतों और सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है। अधिकारी ने पिछले वर्ष इसी समय अवधि की तुलना में इस साल होने वाले मौत का आंकड़ा बताया है। उन्होंने कहा, हमने इस साल 25 मार्च से 14 अप्रैल की अवधि में हत्या के मामलों में 40% की गिरावट देखी, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह कहीं ज्यादा था।

हिंसा के मामलों में 100% की कमी

तिरुवनंतपुरम में राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो में उप अधीक्षक करुणाकरन ने आगे बताया कि इसी तरह, बलात्कार के मामलों में 70% और महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा के मामलों में 100% गिरावट आई है। क्योंकि अभी देशव्यापी लॉकडाउन है इसलिए सड़क पर कम वाहन हैं, जिसके चलते दुर्घटनाएं भी कम हुई हैं। पुलिस के अनुसार, पिछले साल इस अवधि में 13 हत्याएं हुई थी जबकि इस वर्ष समान अवधि में आठ हत्याएं हुई हैं।

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आत्महत्याओं और दुर्घटनाओं में आई कमी

इसी प्रकार पिछले वर्ष की इसी अवधि में लापता मामलों की संख्या पिछले साल के 851 की तुलना में 132 है। वहीं, 2019 में हुई 445 से आत्महत्याएं घटकर इस साल 192 हो गई हैं। पिछले वर्ष की इसी 21-दिवसीय अवधि में अप्राकृतिक मौतें 1052 थीं, जबकि इस वर्ष 630 थी। जनसंख्या के अत्यधिक घनत्व और सड़कों पर भीड़भाड़ के कारण सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी हिस्सेदारी वाले केरल में भी लॉकडाउन के कारण दुर्घटनाओं और हताहतों की संख्या में गिरावट देखी जा रही है।

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