Wednesday, December 8, 2021

लॉकडाउन बढ़ाने से पहले इन बातों का ध्यान रखना जरूरी….

PM मोदी ने गोरखपुर समेत पूर्वांचल को दी बड़ी सौगात,लाखों लोग रहे मौजूद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर खाद कारखाने का किया लोकार्पण गोरखपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों फर्टिलाइजर कैंपस में...

गोरखपुर पहुँचे खेल मंत्री ने केशरिया ध्वजारोहण कर CM योगी सहित ग्रहण किया गार्ड ऑफ ऑनर,देखें मनमोहक शोभायात्रा की तश्वीरें

केंद्रीय मंत्री ने शोभायात्रा को सलामी दिया,भब्य संस्थापक सप्ताह शोभायात्रा निकाली गयी गोरखपुर। 89...

PM मोदी के गोरखपुर आगमन को लेकर भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ कि बैठक

गोरखपुर। सात अक्टूबर को गोरखपुर के फर्टिलाइजर स्थित खाद कारखाने का उद्घाटन करने आ रहे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम...

गोरखपुर:- प्रधानमंत्री की रैली के लिए भाजपाइयों ने कसी कमर

प्रधानमंत्री की रैली के लिए भाजपाइयों ने कसी कमर पिपरौली 7 दिसंबर को गोरखपुर खाद कारखाना...

संदिग्ध परिस्थिति में मिला एएनएम की शव

घुघली/महराजगंज: जनपद के घुघली थाना क्षेत्र के ग्राम सभा रामपुर बाल्डीहा में एएनएम पद पर कार्यरत खुशबू यादव की संदिग्ध परिस्थितियों बुधवार...

Download GT App from
Google Play

विज्ञापन के लिए संपर्क करें +91 7843810623 (WhatsApp)

देश में कोविड-19 के नौ हजार से ज्यादा संक्रमण और सवा तीन सौ मौतों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लॉकडाउन को आगे बढ़ा सकते हैं. स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और वायरस की विभीषिका को देखते हुए एकमात्र रास्ता भी यही है. चंद मामलों का छोड़ दें तो देश के 130 करोड़ लोगों ने लॉकडाउन को अभूतपूर्व समर्थन भी दिया ही है. इस एकजुटता के बीच अब लॉकडाउन बढ़ाने से पहले कुछ बातों का ख्याल जरूर करना चाहिए.

खाद्य सुरक्षा का सवाल

इसमें सबसे बड़ी चीज है खाद्य सुरक्षा. भोजन का अधिकार. दो वक्त की रोटी. प्रधानमंत्री ने देश के निर्धनतम लोगों के लिए इसका बंदोबस्त किया भी है. केन्द्रीय खाद्य सुरक्षा एवं आपूर्ति मंत्री रामबिलास पासवान ने देश बताया कि देश के भंडारगृहों में नौ महीने के खाने लायक अनाज है. यह राहत की बात है.

केन्द्र सरकार ने अप्रैल से जून तक तीन माह के लिए हर राशनकार्डधारी परिवार को प्रतिव्यक्ति 5 किलो अनाज की एक महत्वपूर्ण घोषणा है. एक किलो दाल है. यह नियमित मिलने वाले राशन के अतिरिक्त होगा. उज्जवला योजना के तहत इन्हीं तीन माह में तीन सिलेंडर निशुल्क दिए जाएंगे. लॉकडाउन का पालन करते हुए अपने घरों में कैद लोगों के लिए यह बहुत बड़ी राहत है.

लॉकडाउन कुछ ऐसी जल्दी में हुआ है कि प्रशासन को भी तैयारियों के लिए वक्त नहीं मिल पाया. दहशत के बीच काम करते कर्मचारियों ने कोशिशें कीं, लेकिन जमीनी खबरें यह हैं कि राशन ठीक तरह से सभी लोगों तक नहीं पहुंच सका है. गेहूं, चावल, शक्कर मिल भी गई तो मसालों, तेल और नमक की भी मारामारी है. पिछले 18 दिनों के बाद अब लोगों के पास जो कुछ भी था वह खाया जा चुका है. इन परिस्थितियों में यदि लॉकडाउन को सप्ताह—दो सप्ताह तक बढ़ाया जाना तय किया गया है, तो उसकी सबसे बड़ी शर्त सबसे गरीब, सबसे वंचित और दूरदराज वाले उन लोगों तक राशन पहुंचाना ही होगा, जिनका काम—काज एकदम ठप्प पड़ गया है. लॉकडाउन की वजह से वह घर नहीं जा पा रहे हैं.

ये भी पढ़े :  नगर पंचायत आनन्द नगर में अमर शहीद भगत सिंह के जयंती समारोह का हुआ आयोजन...
ये भी पढ़े :  शिवपाल की रैली के बाद पूर्वांचल में राजनीति गरमा गई, भीड़ को देख सपाई सकते में...

किसानों की फसल कटाई और उपार्जन

यह रबी फसल का सबसे अंतिम चरण है. कई इलाकों में गेहूं, चना की फसल कट रही है. जिन संपन्न इलाकों में हारवेस्टर मशीनें उपलब्ध हैं वहां पर फसल जैसे—तैसे कट भी गई, लेकिन जहां मजदूर ही कटाई का माध्यम थे वहां पर किसान अब भी मुश्किल में हैं. केन्द्र और राज्य सरकारों ने कृषि कार्य करने के लिए थोड़ी शिथिलता भी दी, लेकिन व्यावहारिक दिक्कत खड़ी हो गई मजदूरों की.

ज्यादातर इलाकों में मजदूरों का संकट वैसे भी बरकरार है, और दूर—दराज के इलाकों से फसल कटवाने के लिए मजदूरों को लाया जाता है. लॉकडाउन में या तो मजदूर आए ही नहीं, या जो आए थे वो वापस हो लिए, जो गांव में अटक गए उन्होंने इस भय के माहौल में फसल कटाई से ही इंकार कर दिया. हालात यह हैं कि कई इलाकों में नमी खत्म होने से गेहूं की बाली में से दाने खेत में ही बिखरने की खबर आ रही है. ऐसे में किसानों की फसल कटाई पर नजर रखने और उचित मदद पहुंचाने की जरूरत है.

ये भी पढ़े :  बड़ी खबर:- पूर्व सीएम एनडी तिवारी के पुत्र रोहित शेखर का हृदय गति रुकने से निधन....

दूसरा संकट समर्थन मूल्य पर फसल उपार्जन का है. यही वह वक्त है जब फसल बेचकर किसान अपने सारे कर्ज आदि चुकाता है और अन्य तैयारी करता है. कई किसान तो ऐसे हैं जिनके पास अनाज के भंडारण के लिए समुचित ऐसी जगह नहीं होती जहां वह अधिक समय तक उसे रख सकें जहां वह विपरीत मौसम से बच जाए. इसलिए किसानों के आंगन से मंडी तक पहुंचाने के लिए जितना कम वक्त लिया जाए उतना अच्छा है. कई राज्यों ने इसकी शुरूआत कर दी है, पर इसका एक्शन प्लान अभी तक सामने नहीं आया है. एक साथ खरीदी करने पर भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाएगा, यह देखना भी बहुत जरूरी होगा, और पुलिस के किसानों के प्रति व्यवहार को भी देखना ही होगा.

ये भी पढ़े :  देवरिया में पिता को बेटे ने ही गड़ासे से मारा, गोरखपुर पहुँचते पहुँचते हुई मौत

बच्चों का स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण

देश में बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े बेहद खराब हैं. देश का हर तीसरा बच्चा किसी न किसी तरह के कुपोषण का शिकार है. कुपोषित बच्चों में किसी भी तरह के संक्रमण को झेलने की क्षमता पहले से ही कमजोर होती है. कोरोना की इस त्रासदी से बच्चों को बचाना है तो उनके पोषण पर भरपूर ध्यान देने की जरूरत होगी. स्कूल बंद होने से मध्याह्न भोजन बंद हो गया है, और उसकी जगह प्रतिपूर्ति भत्ते से की जा रही है. आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए रेडी टू ईट फूड का प्रावधान किया गया है. पर यहां भी सवाल पोषण की उपलब्धता का है.

Hot Topics

गोरखपुर : सगी बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा भाई; यहां जाने क्या है माजरा !

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिलुआताल में...

गोरखपुर:चिता पर रखे शव के जीवित होने पर मचा हड़कंप, रोकना पड़ा दाह संस्कार,

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां...

देवरिया:- थाने में ही महिला फरियादी के सामने हस्तमैथून करने वाला थानेदार फ़रार,25 हज़ार के इनाम की घोषणा

देवरिया के अंतर्गत आने वाले थाने भटनी में महिला फरियादी के सामने हस्तमैथुन करने वाली थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज...

Related Articles

पूर्वांचल में मदद की परिभाषा बदलने का ऐतिहासिक कार्य कर रहे हैं युवा नेता पवन सिंह….

युवा नेता पवन सिंह ने मदद करने की परिभाषा पूरी तरह बदल दी है. उन्होंने मदद का दायरा इतना ज्यादा बढ़ा दिया...

स्वर्णकार समाज ने लोकसभा , विधानसभा में अपने प्रतिनिधित्व के लिए भरी हुँकार,जल्द प्रदेश व्यापी होगी सभा

स्वर्णकार समाज का स्वर लोकसभा एवं विधानसभाओं में मुखरित हो प्रतिनिधित्व सभी पंचायतों में हो इस विचार के साथ स्वर्णकार समाज...

यूपी में कई IPS बदले गए,दिनेश कुमार गोरखपुर के नए एसएसपी.

कई IPS के तबादले हुए जिसमे गोरखपुर के एसएसपी जोगेंद्र कुमार को झाँसी का नया डीआईजी बनाया...
%d bloggers like this: