Thursday, October 21, 2021

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झारखंड का दुमका जिला. एक गांव है माझडीह. लॉकडाउन के चलते स्कूल बंद हैं. और बच्चे घरों पर हैं. गांव की आठवी तक की सरकारी स्कूल के हेडमास्टर हैं हेमंत कुमार. ऐसे में हेमंत कुमार रिक्शा से घर-घर जाकर बच्चों को मिड डे मील मुहैया करा रहे हैं.

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सरकार ने सुनाया था फरमान

दरअसल राज्य सरकार ने हाल ही में मिड डे मील को लेकर आदेश दिया था. इसमें कहा गया कि लॉकडाउन के दौरान भी बच्चों को मिड डे मील मिलना चाहिए. खाने का सामान बच्चों के घरों तक पहुंचाना है. लेकिन बहुत से स्कूलों ने आदेश को सही से नहीं माना. और बच्चों को मिड डे मील देने के लिए स्कूल बुला लिया. वहीं कई अध्यापकों ने सरकार के आदेश पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह मुश्किल काम है. उनके पास सुरक्षा के साधन नहीं हैं. और दूर-दूर रहे बच्चों तक सामान ले जाने की सुविधा भी नहीं है.

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लेकिन 43 साल के हेमंत कुमार ने सरकार के आदेश का पालन किया. उन्होंने सामान ढोने वाला साइकिल रिक्शा लिया. वे इसमें मिड डे मील का सामान रखते हैं और फिर बच्चों के घर जाते हैं. बच्चों के घर आसपास के कई गांवों में है. ज्यादातर बच्चों के माता-पिता किसान, दिहाड़ी मजदूर हैं. लॉकडाउन के चलते उन पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है.

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