Friday, June 18, 2021

वसंत पंचमी पर विशेष……

गोररखपुर :फर्जी अस्पताल में कम्पाउंडर चला रहा ओपीडी

गोररखपुर :फर्जी अस्पताल में कम्पाउंडर चला रहा ओपीडीकोरोना काल मे फर्जी अस्पतालों की आई बाढ़ (((अंगद राय की कलम से)))

महराजगंज के नगर पंचायत आनंद नगर में गैस सिलेंडर फटा, छः लोग जख्मी

Maharajganj: महाराजगंज जिले की नगर पंचायत आनंद नगर के धानी ढाला पर जमीर अहमद के मकान में सुबह 6:30 बजे खाना...

69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों का बड़े पैमाने पर अव्हेलना को लेकर आज़ाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष ने एसडीएम को सौंपा...

Maharajganj: 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों की बड़े पैमाने पर अवहेलना की गयी है जिसमें OBC वर्ग...

तेज रफ्तार कार से ऑटो की भिड़ंत, घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल।

फरेंदा (महराजगंज): जनपद में हर रोज हो रहे सड़क हादसे चिंता का बड़ा सबब बनते जा रहे हैं। फरेंदा कस्बे के उत्तरी...

दूसरों की मदद करने से जो खुशी मिलती है वही असली आनंद :- पवन सिंह

कुछ करने से अगर खुशी की अनुभूति होती है तो उससे बढ़कर आनंद किसी में नहीं है। आनंद को शब्दों में व्यक्त...

Download GT App from
Google Play

विज्ञापन के लिए संपर्क करें +91 7843810623 (WhatsApp)

क्या है वसंत पंचमी का त्यौहार

वसंत पञ्चमी या श्रीपंचमी एक हिन्दू का त्योहार है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। यह पूजा पूर्वी भारत, पश्चिमोत्तर बांग्लादेश, नेपाल और कई राष्ट्रों में बड़े उल्लास से मनायी जाती है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करते हैं।

वसंत पंचमी का महात्म्य

वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से बुद्धि और ज्ञान बढ़ता है. बसंत पंचमी दिन स्नान का भी खास महत्व माना जाता है. इस बार बसंत पंचमी की पूजा 30 जनवरी को की जा रही है. बसंत पंचमी आते ही वसंत ऋतु की शुरुआत हो जाती है. बसंत पंचमी आते ही वसंत ऋतु की शुरुआत हो जाती है. बसंत पंचमी का दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित है. इस दिन मां सरस्वती को ज्ञान और वाणी की शक्ति के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से बुद्धि और ज्ञान बढ़ता है. बसंत पंचमी दिन स्नान का भी खास महत्व माना जाता है. इस बार बसंत पंचमी की पूजा 30 जनवरी को की जा रही है.

बसंत पंचमी पर क्यों की जाती है सरस्वती पूजा?

बसंत पंचमी को श्री पंचमी, सरस्वती पंचमी, ऋषि पंचमी नामों से भी जाना जाता है. मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती का जन्म हुआ था. ऋग्वेद के अनुसार ब्रह्मा जी अपनी सृष्टी के सृजन से संतुष्ट नहीं थे. चारों तरफ मौन छाया हुआ था. तब उन्होंने अपने कमण्डल से जल का छिड़काव किया, जिससे हाथ में वीणा लिए एक चतुर्भुजी स्त्री प्रकट हुईं. ब्रह्माजी के आदेश पर देवी ने वीणा पर मधुर सुर छेड़ा जिससे संसार को ध्वनि और वाणी मिली. इसके बाद ब्रह्मा जी ने इस देवी का नाम सरस्वती रखा, जिन्हें शारदा और वीणावादनी के नाम से भी जानते हैं. बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का पूजन करते हैं.

ये भी पढ़े :  अमित शाह ने ममता बनर्जी को लिखा खत- मजदूरों के लिए ट्रेनों की अनुमति नहीं देना 'उनके साथ अन्याय'
ये भी पढ़े :  गोरखपुर को मिला विश्व में पाँचवा स्थान,गर्व है हमें

ऐसे करें मां सरस्वती की पूजा

1- इस दिन पीले, बसंती या सफेद वस्त्र धारण करें. पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा की शुरुआत करें. मां सरस्वती को पीला वस्त्र बिछाकर उस पर स्थापित करें और रोली मौली, केसर, हल्दी, चावल, पीले फूल, पीली मिठाई, मिश्री, दही, हलवा आदि प्रसाद के रूप में उनके पास रखें.

2- केसर मिश्रित खीर अर्पित करना सर्वोत्तम होगा।

3- मां सरस्वती के मूल मंत्र ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः का जाप हल्दी की माला से करना सर्वोत्तम होगा।

4- काले, नीले कपड़ों का प्रयोग पूजन में भूलकर भी ना करें.शिक्षा की बाधा का योग है तो इस दिन विशेष पूजा करके उसको ठीक किया जा सकता है.

5- मां सरस्वती को श्वेत चंदन और पीले तथा सफ़ेद पुष्प दाएं हाथ से अर्पण करें

बसंत पंचमी पर बन रहा है ये विशेष संयोग

इस बार की बसंत पंचमी खास है क्योंकि इस दिन सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे दो शुभ मुहूर्त का संयोग बन रहा है. सिद्धि और सर्वार्थसिद्धि योग को विद्यारंभ, यज्ञोपवीत, विवाह जैसे संस्कारों और अन्य शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है. बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आराधना के साथ ही विवाह के शुभ मुहूर्त भी रहेंगे.


इस बार बसंत पंचमी इसलिए भी श्रेष्ठ है क्योंकि सालों बाद ग्रह और नक्षत्रों की स्थिति इस दिन को और खास बना रही है. बसंत पंचमी के दिन 3 ग्रह खुद की ही राशि में रहेंगे. मंगल वृश्चिक में, बृहस्पति धनु में और शनि मकर राशि में रहेंगे. विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए ये स्थिति बहुत ही शुभ मानी जाती है। वसंत पंचमी पर सर्वार्थसिद्धि और रवियोग का संयोग बनेगा, जो मांगलिक और शुभ कामों की शुरुआत करने एवं परिणय सूत्र में बंधने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है.

ये भी पढ़े :  प्रशासन जो न कर पाया वो बाघ ने कर दिखाया! खुले में शौच से मुक्त कई गांव
ये भी पढ़े :  गोरखपुर में छिड़ी मुहिम:-बिना वृक्षों के जीवन की कल्पना करना बेईमानी- हरिशंकर

Basant panchami 2020: बसंत पंचमी पर बन रहा है इन 3 ग्रहों का विशेष संयोग

बसंत पंचमी पर सालों बाद ग्रह और नक्षत्रों की स्थिति इस दिन को और खास बना रही है. बसंत पंचमी के दिन 3 ग्रह खुद की ही राशि में रहेंगे. मंगल वृश्चिक में, बृहस्पति धनु में और शनि मकर राशि में रहेंगे.

हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष के पांचवें दिन यानि पंचमी तिथि को बसंत पंचमी मनाई जाती है. इस दिन मां सरस्वती की आराधना की जाती है. भारत के आलावा यह पर्व बांग्लादेश और नेपाल में भी बड़े उल्लास से मनाया जाता है. बसंत ऋतु का स्वागत करने के लिए माघ महीने के पांचवे दिन भगवान विष्णु और कामदेव की पूजा की जाती है. इस वजह से इसे बसंत पंचमी कहते हैं. बसंत पंचमी को श्रीपंचमी और सरस्वती पंचमी के नाम से भी जाना जाता है. बसंत पंचमी के दिन को देवी सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाते हैं. इस बार बसंत पंचमी

Surya Srivastavs (S.E.O.)

Gorakhpur Times Media

Hot Topics

गोरखपुर : सगी बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा भाई; यहां जाने क्या है माजरा !

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिलुआताल में...

गोरखपुर:चिता पर रखे शव के जीवित होने पर मचा हड़कंप, रोकना पड़ा दाह संस्कार,

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां...

देवरिया:- थाने में ही महिला फरियादी के सामने हस्तमैथून करने वाला थानेदार फ़रार,25 हज़ार के इनाम की घोषणा

देवरिया के अंतर्गत आने वाले थाने भटनी में महिला फरियादी के सामने हस्तमैथुन करने वाली थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज...

Related Articles

गोररखपुर :फर्जी अस्पताल में कम्पाउंडर चला रहा ओपीडी

गोररखपुर :फर्जी अस्पताल में कम्पाउंडर चला रहा ओपीडीकोरोना काल मे फर्जी अस्पतालों की आई बाढ़ (((अंगद राय की कलम से)))

दूसरों की मदद करने से जो खुशी मिलती है वही असली आनंद :- पवन सिंह

कुछ करने से अगर खुशी की अनुभूति होती है तो उससे बढ़कर आनंद किसी में नहीं है। आनंद को शब्दों में व्यक्त...

शहीद नवीन सिंह के परिवार को पवन सिंह ने दिया सहयोग।

जम्मू कश्मीर में शहीद हुए गोरखपुर निवासी...
%d bloggers like this: