Friday, October 18, 2019
Sports

विश्व चैंपियन बनने के बाद बोलीं पीवी सिंधू, ‘भारतीय होने पर है मुझे गर्व’….

बासेल: भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने रविवार को स्विटजरलैंड के बासेल में इतिहास रच दिया। बैडमिंटन विश्व चैंपियन के फाइनल मुकाबले में जापान की निजोमी ओकुहारा को महज 36 मिनट तक चले मुकाबले में 21-7,21-7 से मात देकर सिंधू भारतीय बैडमिंटन इतिहास की गोल्डन गर्ल बन गईं। सिंधू का विश्व चैंपियनशिप में ये पांचवां और पहला स्वर्ण पदक है। सिंधू लगातार तीसरी बार विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची थीं। साल 2017 में ओकुहारा ने और 2018 में कैरोलीना मरीन ने उनका विश्च चैंपियन बनने का सपना तोड़ दिया था लेकिन अपनी जिद और प्रतिभा के बल पर सिंधू ने रविवार को भारतीय बैडमिंटन इतिहास का स्वर्णिम अध्याय लिख दिया।

साल 2016 में रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने के बाद सिंधू ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। वो लगातार सभी विश्व स्तरीय स्पर्धाओं के फाइनल में पहुंची लेकिन सोने का तमगा अपने नाम करने से चूकती गईं। लेकिन तीन साल बाद आखिरकार उन्होंने सिल्वर लाइन को पार कर गोल्ड मेडल पर कब्जा कर ही लिया। ओकुहारा को मात देकर विश्व चैंपियन बनीं सिंधू के चेहरे पर जीत की खुशी साफ-साफ दिखाई दे रही थी। मेडल सेरेमनी के दौरान जब भारतीय राष्ट्रगान चल रहा था तब वह भावुक भी हो गईं। विश्व चैंपियन बनने के बाद सिंधू ने प्रेजेंन्टेशन के दौरान कहा कि उन्हें भारतीय होने पर गर्व है। वो विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय हैं। पिछली दो साल मैं फाइनल में पहुंचने में सफल रही थी लेकिन जीत नहीं हासिल कर सकीं। इसलिए ये मेरे लिए महत्वपूर्ण था। खिताब जीतने की मुझे बहुत खुशी है। मैं दर्शकों को धन्यवाद देना चाहती हूं जिन्होंने मेरा समर्थन किया। हर बार आप मेरा समर्थन करने आए। इसलिए सभी समर्थकों को बहुत-बहुत धन्यवाद। भारत के लिए मेरी ये जीत बहुत मायने रखती है। मैंने अपने देश के लिए खिताब जीता है और मुझे भारतीय होने पर गर्व है।’ सिंधू ने इसके बाद अपने कोच मिस किम और पुलेला गोपीचंद को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, मैं अपनी कोच मिस किम और गोपी सर के साथ पूरे सपोर्ट स्टाफ और अपने माता-पिता को धन्यवाद देना चाहूंगी। सिंधू ने विश्व खिताब अपनी मां को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि आज उनकी मां का जन्मदिन है और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं।

Advertisements
%d bloggers like this: