Sunday, June 13, 2021

शबनम को फांसी के साथ ही पवन जल्लाद बनाएंगे ये रिकॉर्ड, बोले- वो हैं तैयार, बस तारीख का इंतजार

69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों का बड़े पैमाने पर अव्हेलना को लेकर आज़ाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष ने एसडीएम को सौंपा...

Maharajganj: 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों की बड़े पैमाने पर अवहेलना की गयी है जिसमें OBC वर्ग...

तेज रफ्तार कार से ऑटो की भिड़ंत, घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल।

फरेंदा (महराजगंज): जनपद में हर रोज हो रहे सड़क हादसे चिंता का बड़ा सबब बनते जा रहे हैं। फरेंदा कस्बे के उत्तरी...

दूसरों की मदद करने से जो खुशी मिलती है वही असली आनंद :- पवन सिंह

कुछ करने से अगर खुशी की अनुभूति होती है तो उससे बढ़कर आनंद किसी में नहीं है। आनंद को शब्दों में व्यक्त...

फिल्‍मी स्‍टायल में कुछ इस तरह लाल जोड़े में दुल्हन का रूप धारण कर प्रेमिका की शादी में पहुंच गया प्रेमी और खुल गयी...

भदोही. जिले में एक युवक ने प्रेमिका से मिलने का ऐसा प्लान बनाया कि मामला खुलने के बाद लोगों ने दांतो तले...

शहीद नवीन सिंह के परिवार को पवन सिंह ने दिया सहयोग।

जम्मू कश्मीर में शहीद हुए गोरखपुर निवासी...

Download GT App from
Google Play

विज्ञापन के लिए संपर्क करें +91 7843810623 (WhatsApp)

पवन जल्लाद ने बताया कि मथुरा जेल में वह फांसी घर का निरीक्षण कर चुके हैं. बता दें इससे पहले पवन जल्लाद निर्भया कांड के चार दोषियों को फांसी देकर रिकॉर्ड बना चुके हैं. अब अगर शबनम को फांसी होती है तो पवन के नाम एक और रिकॉर्ड जुड़ जाएगा.

उत्तर प्रदेश के अमरोहा की रहने वाली शबनम ने अप्रैल 2008 में प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने सात परिजनों की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी. केस में दोषी करार दिए जाने के बाद शबनम और सलीम ने फांसी की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखी थी. अब राष्ट्रपति ने भी उसकी दया याचिका खारिज कर दी है. लिहाजा आजादी के बाद शबनम पहली महिला कैदी होगी, जिसे फांसी पर लटकाया जाएगा. उधर मथुरा जेल में फांसी की तैयारियां शुरू हा गईं हैं. फांसी देने के लिए मेरठ का पवन जल्लाद भी तैयार हैं. पवन जल्लाद ने न्यूज़ 18 पर एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि फांसी देने को वो एकदम तैयार है, बस तारीख का इंतज़ार है.
पवन जल्लाद ने बताया कि मथुरा जेल में वह फांसी घर का निरीक्षण कर चुके हैं. वैसे इससे पहले पवन जल्लाद निर्भया कांड के चार दोषियों को फांसी देकर रिकॉर्ड बना चुके हैं. अब अगर शबनम को फांसी होती है तो पवन के नाम अनूठा रिकॉर्ड जुड़ जाएगा. दरअसल आज़ाद हिंदुस्तान में पहली बार किसी महिला को दी जाने वाली ये फांसी होगी.

ये भी पढ़े :  अब नहीं सुनाई देगी Amitabh Bachchan की आवाज वाली कोरोना कॉलर ट्यून।

आजादी के बाद से अब तक किसी भी महिला को फांसी की सजा नहीं
गौरतलब है कि मथुरा जेल में 150 साल पहले महिला फांसीघर बनाया गया था. लेकिन आजादी के बाद से अब तक किसी भी महिला को फांसी की सजा नहीं दी गई. वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने बताया कि अभी फांसी की तारीख तय नहीं है, लेकिन हमने तैयारी शुरू कर दी है. डेथ वारंट जारी होते ही शबनम को फांसी दे दी जाएगी. जेल अधीक्षक के मुताबिक पवन जल्लाद दो बार फांसीघर का निरिक्षण कर चुका है. उसे तख्ता-लीवर में कमी दिखी, जिसे ठीक करवाया जा रहा है. बिहार के बक्सर से फांसी के लिए रस्सी मंगवाई जा रही है. अगर अंतिम समय में कोई अड़चन नहीं आई तो शबनम पहली महिला होंगी जिसे आजादी के बाद फांसी की सजा होगी.

ये भी पढ़े :  आधी रात को बहू के कमरे में पहुंचा ससुर, सुबह होते ही मिली दो लाशें

पवन निर्भया केस में चारों गुनहगारों को दे चुके हैं फांसी

वैसे पवन जल्लाद पिछले साल के शुरू में तब खासी चर्चाओं में आए थे, जब निर्भया केस में चारों गुनहगारों को एक साथ दिल्ली की जेल में फांसी की सजा दी गई. अब अमरोहा में 2008 में अपने ही परिवार के 7 लोगों को कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने के मामले में शबनम और उसके प्रेमी की फांसी का रास्ता साफ हो गया है. उनकी दया याचिका खारिज हो चुकी है. पवन जल्लाद को अब फांसी की तारीख का इंतजार है. वह मथुरा जेल में ही फांसी देगा. जानकारी के अनुसार दया याचिका खारिज होने के बाद से ही जेल में तैयारियां शुरू हो गई हैं. दो बार पवन जल्लाद वहां जाकर फांसी की तैयारी से संबंधित जरूरी काम कर चुका है.

ये भी पढ़े :  देशभर में सभी लोगों को फ्री में लगाई जाएगी कोरोना वैक्सीन,स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा ऐलान

जल्लाद के अलावा पार्टटाइम बेचते हैं कपड़े मेरठ के रहने वाले पवन जल्लाद आमतौर पर पार्ट टाइम कपड़ा बेचने का काम करता है. भारत में इस समय इक्का-दुक्का अधिकृत जल्लाद ही बचे हैं, जो ये काम कर रहे हैं. पवन की उम्र 57 साल है. फांसी देने के काम को वो महज एक पेशे के तौर पर देखते हैं. उनका कहना है कि कोई व्यक्ति न्यायपालिका से दंडित हुआ होगा और उसने वैसा काम किया होगा, तभी उसे फांसी की सजा दी जा रही होगी, लिहाजा वो केवल अपने पेशे को ईमानदारी से निभाने का काम करते हैं. पवन करीब 40 साल से इस काम से जुड़े हुए हैं. किशोरावस्था में वह अपने दादा कालू जल्लाद के साथ फांसी के काम में उन्हें मदद करते थे. कालू जल्लाद ने अपने पिता लक्ष्मण सिंह के निधन के बाद 1989 में ये काम संभाला था.

Hot Topics

गोरखपुर : सगी बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा भाई; यहां जाने क्या है माजरा !

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिलुआताल में...

गोरखपुर:चिता पर रखे शव के जीवित होने पर मचा हड़कंप, रोकना पड़ा दाह संस्कार,

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां...

देवरिया:- थाने में ही महिला फरियादी के सामने हस्तमैथून करने वाला थानेदार फ़रार,25 हज़ार के इनाम की घोषणा

देवरिया के अंतर्गत आने वाले थाने भटनी में महिला फरियादी के सामने हस्तमैथुन करने वाली थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज...

Related Articles

69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों का बड़े पैमाने पर अव्हेलना को लेकर आज़ाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष ने एसडीएम को सौंपा...

Maharajganj: 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों की बड़े पैमाने पर अवहेलना की गयी है जिसमें OBC वर्ग...

तेज रफ्तार कार से ऑटो की भिड़ंत, घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल।

फरेंदा (महराजगंज): जनपद में हर रोज हो रहे सड़क हादसे चिंता का बड़ा सबब बनते जा रहे हैं। फरेंदा कस्बे के उत्तरी...

फिल्‍मी स्‍टायल में कुछ इस तरह लाल जोड़े में दुल्हन का रूप धारण कर प्रेमिका की शादी में पहुंच गया प्रेमी और खुल गयी...

भदोही. जिले में एक युवक ने प्रेमिका से मिलने का ऐसा प्लान बनाया कि मामला खुलने के बाद लोगों ने दांतो तले...
%d bloggers like this: