Monday, September 27, 2021

कानपुर अपहरण केस: फिरौती की रकम गायब संजीत के पिता का आरोप- पुलिस ने हड़प लिया

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यह तस्वीर कानपुर की है। 31 दिनों से बेटे की जुदाई में पल पल घुट रही मां को जब हत्या की खबर मिली तो वह बदहवाश होकर जमीन पर गिर पड़ी। अन्य परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

  • संजीत का 22 जून को अपहरण हुआ था, 29 जून को परिजन के पास फिरौती के लिए फोन आया था
  • परिजन ने कहा- 11 जुलाई को अपहरणकर्ता पुलिस के सामने 30 लाख रुपए की फिरौती लेकर चले गए
  • आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा- यदि फिरौती दी गई तो उसकी भी जांच की जाएगी

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बर्रा थाना क्षेत्र के रहने वाले लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के अपहरण और फिर उसकी हत्या के मामले का पुलिस ने 31वें दिन शुक्रवार को खुलासा किया। संजीत 22 जून को लापता हुआ था। पुलिस ने पांच आरोपी पकड़े हैं। इनमें दो संजीत के दोस्त हैं। हत्यारोपियों की निशानदेही पर पुलिस संजीत का शव बरामद करने के लिए पांडू नदी में गोता लगा रही है। लेकिन, अभी कामयाबी नहीं मिली है। वहीं, 30 लाख फिरौती की रकम किसके पास है, इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है। अपहरणकर्ताओं ने भी फिरौती की रकम मिलने से इंकार किया है। जबकि, पीड़ित परिवार बार-बार एक ही बात बोल रहा है कि, पुलिस जैसा कहती गई वे वैसा करते गए।

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पुलिस ने एक महिला समेत पांच आरोपी पकड़े।

आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा कि, अभी तक हम परिवार के आरोपों के आधार पर ही केस को देख रहे थे। लेकिन, जो 5 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, उन्होंने पूछताछ में फिरौती मिलने की बात नहीं स्वीकारी है। परिवार वाले कह रहे हैं कि पैसे दिया गया।.ऐसे में यदि पैसा दिया गया है तो उसकी भी जांच होगी।

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पिता का आरोप- फिरौती की रकम पुलिसवालों ने हड़पा

लैब टेक्नीशियन सुजीत के पिता ने कानपुर पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे को भी हमसे छीन लिया और पैसा पुलिसवालों ने ही आपस में बांट लिया है। 29 जून को जब फिरौती की कॉल आई तो हमने तत्काल सूचना पुलिस को दी थी। इस पर पुलिस ने ही फिरौती की रकम के इंतजाम करने की बात कही। हम सभी लोगों ने मिलकर 30 लाख का इंतजाम कर पुलिस को बताया और फिर पुलिस ने कहा कि जैसा अपहरणकर्ता कह रहे हैं वैसा वैसा करते जाओ। हम सभी लोग घेराबंदी करके अपहरणकर्ताओं को पकड़ लेंगे। लेकिन हुआ उसके विपरीत। अपहरणकर्ताओं के कहे अनुसार पुल के ऊपर से पैसे बैग में रख कर फेंके थे।

बड़ा सवाल- फिरौती की रकम फिर किसके पास?

घटना को अंजाम देने वाले पांचों आरोपियों की मानें तो लैब टेक्नीशियन की हत्या करने के बाद उन्होंने फिरौती के लिए कॉल जरूर किया था। लेकिन, उन्हें फिरौती की रकम नहीं मिली। अब ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि अगर फिरौती की रकम आरोपियों के पास नहीं है तो फिर फिरौती की रकम किसके पास है? फिरौती की रकम का खुलासा नहीं हो पाने के चलते अब पुलिस पर भी शक गहराता जा रहा है। क्योंकि परिजन बार-बार एक ही बात कह रहे हैं कि जैसा-जैसा पुलिस कहती गई वैसा-वैसा वे करते गए। उन्हें नहीं पता कि पुल के नीचे अपहरणकर्ता खड़े थे या फिर कोई और। परिजनों ने तो सीधे तौर पर पुलिस पर ही फिरौती की रकम को गायब करने का आरोप लगा दिया है। 

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संजीत यादव।- फाइल फोटो

यह है पूरा मामला

बर्रा थाना क्षेत्र स्थित बर्रा पांच में रहने वाले लैब टेक्नीशियन संजीत यादव को बीते 22 जून को अपहरण हो गया था। अपहरण के बाद 29 जून को परिजनों के पास फिरौती के लिए फोन आया था। अपहरण करने वालों ने 30 लाख रुपए फिरौती की मांग की थी। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिस नंबर से फिरौती की मांग की गई थी, उसे पुलिस ने सर्विलांस पर लगाया था। इसके बाद भी संजीत का कहीं कुछ पता नहीं चला था। इस घटना के बाद एसएसपी ने बर्रा इंस्पेक्टर रणजीत रॉय को सस्पेंड कर दिया था। वहीं, शुक्रवार को सीएम योगी ने एएसपी अपर्णा गुप्ता, सीओ मनोज गुप्ता समेत दस पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। एडीजी बीपी जोगदंड को अपहरण और हत्या की जांच सौंपी गई है। उन्हें तुरंत कानपुर रवाना कर दिया गया है।

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