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Tuesday, June 2, 2020

समाजवादी पार्टी को भारी पड़ेगी चंद्रशेखर परिवार से दूरी, पूर्वांचल में भाजपा होगी मजबूत….

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Gorakhpur Times | गोरखपुर टाइम्स

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर के पुत्र व राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर द्वारा नाता तोड़ लेने से जाहिर हुआ कि समाजवादी पार्टी में अभी सब सामान्य नहीं है। बसपा से गठबंधन को लेकर पनपा असंतोष अभी कायम है, टिकटों के बंटवारे से गहराया गुस्सा भी कम नहीं हुआ। पार्टी में चंद्रशेखर परिवार से वर्षों पुराना नाता टूट जाने की चिंता ज्यादा है। इससे समाजवादी आंदोलन की धार कुंद होने और पूर्वांचल में जनाधार घटने का डर भी सता रहा है। उत्तर प्रदेश में 12 विधानसभा क्षेत्रों के होने वाले उपचुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि बसपा से गठबंधन टूटने के बाद अखिलेश यादव को अकेले लड़ कर नेतृत्व क्षमता दिखानी है, जिसका प्रभाव वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव मेें भी दिखेगा। सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद अखिलेश यादव पार्टी की प्रतिष्ठा बचाने व समाजवादी दिग्गजों को संभालने में नाकाम रहे हैं। गठबंधन में चुनाव लड़ने के प्रयोग भी फेल सिद्ध हुए हैं। कांग्रेस से गठबंधन में वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में किरकिरी करा चुके अखिलेश के लिए बसपा से गठजोड़ करके लोकसभा चुनाव लडऩा आत्मघाती साबित हुआ।
नीरज शेखर की नाराजगी की नींव भी बसपा से गठबंधन के समय ही पड़ गयी थी। सपा के उच्चस्तरीय सूत्र बताते है कि नीरज अपने पुश्तैनी संसदीय क्षेत्र बलिया से खुद अथवा अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाना चाहते थे। अखिलेश की ओर से पूरा आश्वासन भी दे दिया गया था परंतु ऐन वक्त पर इन्कार करने से नीरज आहत हुए। उनकी नाराजगी इसलिए अधिक थी कि बलिया का टिकट बसपा के इशारे पर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि चंद्रशेखर समर्थकों का एक बड़ा खेमा विधान परिषद यशवंत सिंह के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी से पहले ही अलग हो चुका है, जिसके चलते ही अब चंद्रशेखर जयंती व पुण्यतिथि पर होने वाले कार्यक्रमों में समाजवादी नेता कम भाजपा कार्यकर्ता अधिक नजर आते हैं। नीरज के जाने से समाजवादी पार्टी का क्षत्रिय वोटों का समीकरण भी गड़बड़ाएगा। नीरज शेखर के इस्तीफे से भाजपा की जड़ें न केवल पूर्वांचल में मजबूत होंगी वरन राज्यसभा के भीतर सपा की ताकत घटने का लाभ भी उसे मिलेगा। सूत्रों का कहना है कि समाजवादी पार्टी के कई बड़े नेता अभी भाजपा नेतृत्व के संपर्क में हैं।

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