Thursday, January 23, 2020
Gorakhpur

सशक्त एवं समर्थ नारी ही भारत को स्वर्ण शिखर पर आरूढ़ कर सकती है:क्षेत्र कार्यवाहिका शारदा पांडेय

सरस्वती बालिका विद्यालय सूरजकुंड में आयोजित राष्ट्र सेविका समिति पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के प्रशिक्षण वर्ग एवं प्रबोध शिक्षा वर्ग के द्वितीय दिन के बौद्धिक सत्र में प्रशिक्षुओं को ‘समिति कार्य की भूमिका एवं आवश्यकता’ विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए राष्ट्र सेविका समिति की क्षेत्र कार्यवाहिका माननीय शारदा पाण्डेय जी ने कहा राष्ट्र सेविका समिति हिंदू महिलाओं का राष्ट्रव्यापी संगठन है। संगठन के मंत्र और तंत्र से ही तेजोमय भारत एवं अखंड हिंदू राष्ट्र की संकल्पना के द्वारा ही जीजाबाई ने धन्य जननी बनने का गौरव प्राप्त किया। समिति का उद्देश्य है कि स्त्री संगठित और संस्कारित हो क्योंकि सचेत एवं संगठित नारी ही अपनी संतानों को संस्कारों से ओतप्रोत कर इतिहास बदल देती हैं। राष्ट्र सेविका समिति विचार मंथन से निकला हुआ नवनीत है। नारी राष्ट्र का आधा हिस्सा है। सशक्त एवं समर्थ नारी ही भारत को स्वर्ण शिखर पर आरूढ़ कर सकती है। इतिहास में सीता, द्रौपदी, पद्मिनी, रानी लक्ष्मी बाई आदि अनेकों के चरित्र इस तथ्य की पुष्टि करते हैं कि उनकी तेजस्विता ने ही उनकी अस्मिता की रक्षा की। अतः राष्ट्र सेविका समिति के द्वारा सशक्त नारी एवं सशक्त राष्ट्र की परिकल्पना साकार हो रही है, साथ ही साथ धैर्यवती, शीलवती, समर्थ नारी का सतत निर्माण हो रहा है जिससे परिवार समाज राष्ट्र नई दिशा की ओर अग्रसर हो रहा है।

सरस्वती बालिका विद्यालय सूरजकुण्ड में आयोजित राष्ट्र सेविका समिति पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के प्रशिक्षण वर्ग एवं प्रबोध शिक्षा वर्ग में ‘भगवा ध्वज हमारा प्रेरणा स्रोत’ विषय पर अपने विचार रखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरक्ष प्रांत के प्रान्त प्रचारक श्री सुभाष जी ने कहा कि परम् पवित्र भगवा ध्वज को धर्म ध्वजा की संज्ञा दी गई है। यह ध्वज शक्ति, परंपरा एवं संस्कृति का प्रतीक होते हुए संपूर्ण राष्ट्र की अस्मिता, गौरव एवं गरिमा का संवाहक है। ध्वज का केसरिया रंग त्याग समर्पण एवं निर्लिप्त भाव से जीवन यापन का संदेश देता है, इसलिए यह शाश्वत है, चिरंतन है। संघ की विचारधारा में परम पवित्र भगवा ध्वज को गुरु का स्थान प्राप्त है क्योंकि यह एक तत्व एवं विचार है। अनादिकाल से यह हमारी एकता सनातन संस्कृति एवं स्वाभिमान का प्रतीक है। इसी की छत्रछाया में हिंदुत्वनिष्ठ राष्ट्र की परिकल्पना साकार होगी एवं हिंदू समाज सशक्त सबल एवं संगठित होगा।

Advertisements
%d bloggers like this: