Sunday, October 13, 2019
Gorakhpur

सीतामढ़ी में नौ दिवसीय राष्ट्रीय रामायण मेले का हुआ आगाज़

भदोही। बुधवार को पौराणिक स्थली सीतामढ़ी में हर वर्ष होने वाले नौ दिवसीय अखिल भारतीय राष्ट्रीय रामायण मेले का शुभारंभ हो गया। सर्वप्रथम मेला व रामायण कथा समिति द्वारा धूमधाम से गाजे-बाजे के साथ मां गंगा का पूजन-अर्चन किया गया। उसके बाद कलश यात्रा निकाली गई। तत्पश्चात कथा स्थल लवकुश इंटर कॉलेज परिसर में पूजा अर्चना कर श्रीराम कथा का शुभारंभ किया गया। सैकड़ों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने अमृतरूपी कथा का रसपान किया। कथा सुनाते हुए कथावाचक महाराज ने कहा कि श्रीराम की कथा सुनने से विचारों में मर्यादा आती है लोगों के चरित्र में दया व प्रेम भाव आदि गुणों का समायोजन होता है। साथ ही उन्होंने सनातन धर्म की संस्कृति व विशेषता पर भी प्रकाश डाला। मेले व कथा का शुभारम्भ मुख्य अतिथि बारीपुर के ग्राम प्रधान रुद्रपति दुबे ने किया।अवगत हो कि काशी-प्रयाग के मध्यांतर में स्थित में नौ दिनी मेले को लेकर मंगलवार को ही तैयारी पूरी कर ली गई थी। वहीं बुधवार की सुबह ऐतिहासिक व विशाल अखिल भारतीय राष्ट्रीय रामायण मेले का आगाज हो गया। इस दौरान मेला क्षेत्र के महर्षि वाल्मीकि आश्रम व उड़िया बाबा आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा रामकथा समेत अन्य भक्तिमय कार्यक्रमों का भी आगाज हो गया जिससे समूचा क्षेत्र भक्तिरस की धारा में सराबोर हो उठा। वहीं मेले में विभिन्न तरह की दुकानें और झूला लोगों के लिए आकर्षण व मनोरंजन का केन्द्र होंगी। सुरक्षा को लेकर भी चौकसी बरती जा रही है। सादे वर्दी में पुलिस को तैनात कर दिया गया है तो शोहदों पर भी पुलिस पैनी नजर रखेगी। राष्ट्रीय रामायण मेला के नौवें दिन लवकुश जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा तथा ऐतिहासिक व विशाल मेला भी आयोजित होगा। पौराणिक मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने वैदेही का परित्याग कर दिया था। इस दौरान माता सीता बाल्मिकी आश्रम में ही आकर रहने लगी थी। इसी दौरान उनके दो पुत्र लव और कुश पैदा हुए थे। इसी परंपरा के तहत सीतामढ़ी में प्रत्येक वर्ष नौ दिन तक रामायण मेला का आयोजन किया जाता है। लवकुश जन्मोत्सव में पूर्वाचल ही नहीं अन्य प्रांतों के लोग भी दर्शन-पूजन करने के लिए आते हैं। मेला क्षेत्र में झूला आदि सज गए हैं। गंगा घाटों को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है। वाल्मीकि आश्रम को आकर्षक ढंग से सजा दिया गया है। मां-सीता मंदिर की सजावट देख ऐसा लग रहा है मानो तारे जमीं पर उतर आए हों। जिलाधिकारी के निर्देश पर साफ-सफाई और प्रकाश आदि की व्यवस्था की जा रही है। इस मौके पर महंत हरिप्रसाद, हौसिला प्रसाद मिश्र, श्यामजी सेठ, मनोज चौबे, मुन्ना पाण्डेय, , धर्मेंद्र सिंह, विद्याधर तिवारी, कमला शंकर मिश्र, प्यारे शुक्ल, रामकमल पाण्डेय, विनोद शुक्ल, कल्लन पांडेय, शिवपूजन शुक्ल सहित सैकड़ों श्रद्धालु भी मौजूद रहे।

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