Sunday, June 16, 2019
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70 साल बाद बनी पहली सड़क तो सम्मान में बच्चे चप्पल उतारकर उस पर चले…’ इस मैसेज के साथ वायरल हो रही है फोटो…

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक फोटो वायरल हो रही है। इस फोटो को फेसबुक और ट्विटर दोनों ही प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा रहा है। फोटो में एक सड़क के किनारे चप्पल रखी हुई हैं और सड़क पर बच्चे खेल रहे हैं। इसे ओड़िशा के एक गांव का बताया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि यहां पर 70 साल में पहली बार सड़क बनाई गई है, इसलिए सम्मान में बच्चे चप्पल उतारकर उसपर चल रहे हैं।

क्या है वायरल फोटो में?

वायरल फोटो में कुछ बच्चे सड़क पर मस्ती कर रहे हैं और सड़क के किनारे पर उनकी चप्पलें रखी हुई हैं। इस फोटो को शेयर कर लोग बीजेपी सरकार की तारीफ और कांग्रेस की बुराई कर रहे हैं। इस फोटो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा

# कोई आजादी के 70 साल बाद सड़क बनी देखता है तो ऐसा फील होता है। विकास से कोसों दूर आज भी मासूमियत जिंदा है..सड़क को मंदिर की तरह सम्मान। ओड़िशा के एक गांव में जब पहली बार पक्की सड़क बनी तो इन मासूम बच्चों ने सम्मान में चप्पल भी उतार दी।

वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा

# देश आजाद होने के 72 साल बाद भी विकास का मजाक उड़ाने वाले चमचों और गुलामों को समर्पित पोस्ट।

# ओडीसा के एक गांव में जब पहली बार पक्की सड़क बनी तो इन मासूम बच्चों ने सम्मान में चप्पल भी उतार दी।

फोटो का सच :हालांकि फोटो का सच कुछ और ही है। फोटो की पड़ताल में सामने आया कि जिस फोटो को ओड़िशा का बताया जा रहा है, वो असल में इंडोनेशिया की है। दरअसल, इंडोनेशिया के सेंट्रल लैपंग इलाके के एक गांव में पहली बार सड़क बनी थी जिसे देखकर बच्चे इतने खुश हो गए कि उन्होंने अपनी चप्पलें उतार दीं और फिर सड़क पर मस्ती की।

क्यों ओड़िशा की नहीं है ये फोटो?

इस फोटो की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल रिवर्स इमेज सर्च की मदद ली। इस फोटो को जब हमने गूगल पर सर्च किया तो हमें putmelike.com की लिंक मिली जिसमें इसी फोटो का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, इसमें ज्यादा जानकारी तो नहीं मिली लेकिन इससे पता चला कि ये फोटो ओड़िशा का नहीं बल्कि इंडोनेशिया का है।

– इस बारे में ज्यादा पड़ताल करने पर हमें एक कनाडाई वेबसाइट theqtimes.com की लिंक मिली, जिसमें इसकी रिपोर्ट 15 अक्टूबर 2018 को छापी गई थी। इसके मुताबिक, इंडोनेशिया के सेंट्रल लैपंग इलाके के एक गांव में पहली बार सड़क बनी तो बच्चे इसे देखकर काफी खुश हुए और उन्होंने अपनी चप्पलें उतारकर इसपर मस्ती की।

– इसके अलावा हमें एक इंडोनेशियाई नागरिक मास रूफी का भी एक ट्वीट मिला जिसमें उन्होंने इसी फोटो को 16 अगस्त 2018 को शेयर किया था। इंडोनेशिया में लिखे इस मैसेज में उन्होंने लिखा था कि ‘हमारे भाई-बहन महसूस कर सकते हैं कि डामर क्या होता है? वो इतने खुश हैं कि उन्होंने अपनी चप्पलें उतार दीं।’ इस ट्वीट को 16 हजार से ज्यादा बार रीट्वीट किया गया था।इससे पता चला कि सोशल मीडिया पर जिस फोटो को ओड़िशा का बताकर वायरल किया जा रहा है वो असल में इंडोनेशिया के एक गांव का है।

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