प्राकृतिक जैविक विधि से उगाया हुआ बंशी गेहूं। किसान भाइयों के लिए सौगात हैं

प्राकृतिक जैविक विधि से उगाया हुआ बंशी गेहूं बीज वास्ते बिक्री के लिए उपलब्ध है।

यूं तो बंशी खूब प्रसिद्ध है, फिर भी बताता चलूँ कि ये पुरातन देशी किस्मों से छांट छांट कर तैयार किया गया बीज है जिसकी खोज शायद महाराष्ट्र के किसी किसान ने की थी।
इसमें सामान्य गेहूं के मुकाबले 3 से 5% ज्यादा प्रोटीन होता है जबकि इसी प्रोटीन का एक हिसा ग्लूटेन प्रोटीन काफी कम होता है।

मतलब ये गेहूं हमें मधुमेह की तरफ नहीं धकेलता।
इसका आटा हल्का पीलापन लिए हुए रहता है जिसकी रोटी खाने में चने का आटा मिलाई मिस्सी रोटी जैसी लगती है, बनने के बाद रोटी सूखती नहीं और बासी रोटी का स्वाद तो गजब रहता है।

दाने का साइज सामान्य गेहूं से 10 से 20% ज्यादा ही रहता है तो बीज की मात्रा थोड़ी सी ज्यादा लगती है।
पौधे की हाइट 5 फ़ीट तक जाती है पर गिरता नहीं है।
सामान्य से जल्दी बिजाई करनी होती है, उत्तर भारत मे सही समय 25 अक्टूबर से 15 नवम्बर है। उत्पादन खेत में ताकत अनुसार 12 से 18 कु प्रति एकड़ तक रहता है।
बीज लेना चाहने वाले साथी Gorakhpur Times पर फोन करके बाकी जानकारी ले सकते हैं।

– 7843810623 (Whatsapp)

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