Sunday, June 13, 2021

BJP-JDU के रिश्तों में आई खटास, दो बड़े फैसलों से नीतीश ने कराया मजबूती का अहसास

69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों का बड़े पैमाने पर अव्हेलना को लेकर आज़ाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष ने एसडीएम को सौंपा...

Maharajganj: 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों की बड़े पैमाने पर अवहेलना की गयी है जिसमें OBC वर्ग...

तेज रफ्तार कार से ऑटो की भिड़ंत, घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल।

फरेंदा (महराजगंज): जनपद में हर रोज हो रहे सड़क हादसे चिंता का बड़ा सबब बनते जा रहे हैं। फरेंदा कस्बे के उत्तरी...

दूसरों की मदद करने से जो खुशी मिलती है वही असली आनंद :- पवन सिंह

कुछ करने से अगर खुशी की अनुभूति होती है तो उससे बढ़कर आनंद किसी में नहीं है। आनंद को शब्दों में व्यक्त...

फिल्‍मी स्‍टायल में कुछ इस तरह लाल जोड़े में दुल्हन का रूप धारण कर प्रेमिका की शादी में पहुंच गया प्रेमी और खुल गयी...

भदोही. जिले में एक युवक ने प्रेमिका से मिलने का ऐसा प्लान बनाया कि मामला खुलने के बाद लोगों ने दांतो तले...

शहीद नवीन सिंह के परिवार को पवन सिंह ने दिया सहयोग।

जम्मू कश्मीर में शहीद हुए गोरखपुर निवासी...

Download GT App from
Google Play

विज्ञापन के लिए संपर्क करें +91 7843810623 (WhatsApp)

बिहार में सरकार गठन के बाद से भाजपा-जदयू (BJP-JDU) के बीच तकरार में अब दरार झलकने लगे हैं, लेकिन दोनों दल इससे फिलहाल इनकार करते हैं. मगर हालात कुछ और बयां कर रहे हैं. तथाकथित भाजपाई रणनीति से विधानसभा चुनाव के पहले से शुरू हुई लोजपा (LJP) संग तनातनी राजनीतिक दुश्मनी में बदल चुकी थी. पर, उसका प्रभाव अरुणाचल प्रकरण के बाद दिखने लगा है. रविवार को राजनीतिक दल के रूप में जदयू की ओर से अपने स्वतंत्र और मजबूत अस्तित्व को ध्यान में रखकर लिए गए फैसले इसकी एक बानगी है. जदयू ने अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना और भाजपा के प्रति कड़ी नाराजगी भी व्यक्त की. दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं. यह संकेत भी है कि पार्टी ऐसे ही दमखम के साथ आगे बढ़ने वाली है और संख्या बल की वजह से ‘छोटे भाई’ जैसा संबोधन उसे अब पसंद नहीं.

जदयू कार्यकारिणी की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की निरपेक्ष अभिव्यक्ति, आरसीपी सिंह (RCP Singh) को जदयू की कमान, मीडिया में राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी के तल्ख बयान से साफ है कि सत्ता पक्ष के दो बड़े दल भाजपा और जदयू के संबंध अब पहले की तरह मधुर नहीं हैं. आरसीपी सिंह को जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के साथ ही मित्र दलों के संबंधों को नए सिरे से परिभाषित कर दिया. हालांकि जदयू नेतृत्व परिवर्तन की वजह नीतीश कुमार बिहार में सुशासन के काम को और बेहतर ढंग से पूरा करना बता रहा है, लेकिन नीतीश कुमार के सीएम की कुर्सी छोड़ने की पेशकश के साथ जदयू ने भाजपा को साफ कर दिया है कि गठबंधन का कभी भी ‘बंधन’ टूट सकते है.

ये भी पढ़े :  “मुग़ल थे महान, हम मुगलों की औलाद, मुग़ल हमारे पूर्वज है”- कांग्रेस नेता का विवादित बयान
ये भी पढ़े :  गलवान पर मोदी दुविधा खत्म करें

संगठन विस्तार में अब कोई संकोच नहीं
‘लव जिहाद’ पर भाजपा से अलग जदयू की स्पष्ट राष्ट्रीय नीति और अरुणाचल के मलाल के साथ जदयू में नेतृत्व परिवर्तन के बाद यह तय हो गया कि दूसरे प्रदेशों में संगठन विस्तार में अब कोई संकोच नहीं रहेगा. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव आने वाला है. वहां की प्रदेश इकाई का लगातार दबाव है, किंतु आलाकमान की ओर से अभी तक साफ नहीं किया जा रहा था. माना जा रहा है कि कार्यकारिणी के फैसले के बाद जल्द ही पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर भी स्पष्ट घोषणा हो सकती है. भाजपा के खिलाफ प्रत्याशी उतारने से भी गुरेज नहीं होगा. हालांकि, जदयू एमएलसी व पश्चिम बंगाल प्रभारी पहले ही कह चुके हैं कि 75 सीटों पर पार्टी की पूरी तैयारी है. समय और परिस्थितिवश यह संख्या बढ़ भी सकती है. वैसे अंतिम फैसला बंगाल के पार्टी नेताओं से बातचीत के बाद आलाकमान (नीतीश कुमार) लेंगे.

ये भी पढ़े :  What is CAA: नागरिकता संशोधन कानून है क्या और क्यों है विवाद, जानें सबकुछ

आरसीपी सिंह एक साथ कई मर्ज की दवा
आरसीपी सिंह एक साथ कई मर्ज की दवा
आरसीपी सिंह एक साथ जदयू के कई मर्ज की दवा हो सकते हैं. मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर राजग के घटक दलों से समन्वय की बात हो या बिहार में गठबंधन की सरकार चलाते हुए कई बार पार्टी का पक्ष रखने की समस्या. आरसीपी खुलकर बोल सकते हैं. भाजपा के साथ समन्वय में लोचा पर जदयू के हक की बात कर सकते हैं. दूसरी सबसे बड़ी सहूलियत होगी कि बिहार से बाहर संगठन के विस्तार में नीतीश कुमार की प्रशासनिक व्यस्तता अब आड़े नहीं आएगी. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष होते हुए भी नीतीश बिहार में ही इस तरह व्यस्त रहते थे कि संगठन के अन्य कार्यों के लिए फुर्सत नहीं निकाल पाते थे. (डिस्क्लेमरः ये लेखक के निजी विचार हैं.)

Hot Topics

गोरखपुर : सगी बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा भाई; यहां जाने क्या है माजरा !

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिलुआताल में...

गोरखपुर:चिता पर रखे शव के जीवित होने पर मचा हड़कंप, रोकना पड़ा दाह संस्कार,

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां...

देवरिया:- थाने में ही महिला फरियादी के सामने हस्तमैथून करने वाला थानेदार फ़रार,25 हज़ार के इनाम की घोषणा

देवरिया के अंतर्गत आने वाले थाने भटनी में महिला फरियादी के सामने हस्तमैथुन करने वाली थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज...

Related Articles

UP: पंचायत चुनाव में पैसा बांट रहे थे BJP के पूर्व MLA के भाई, रंगे हाथ पकड़े गए

पूर्व भाजपा विधायक अवनीन्द्र नाथ द्विवेदी उर्फ महंत दूबे के छोटे भाई व पूर्व प्रधान सत्येन्द्र नाथ द्विवेदी उर्फ राजू द्विवेदी को...

यूपी पंचायत चुनाव 2021: भाजपा ने जारी की 417 उम्मीदवारों की लिस्ट

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को जिला पंचायत सदस्य (Jila Panchayat member election) के चुनाव के लिए 417 उम्मीदवारों का...

यूपी: चार चरण में होंगे पंचायत चुनाव, 15 अप्रैल को होगी पहले फेज की वोटिंग, 2 मई को मतगणना

उत्तर प्रदेश में निर्वाचन आयोग ने आज पंचायत चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में...
%d bloggers like this: