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Tuesday, June 2, 2020

#Gorakhpur में बाढ़ का खतरा, अधिकारियों की लापरवाही से डूब सकते हैं सैकड़ों गांव!

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Gorakhpur Times | गोरखपुर टाइम्स

सिंचाई विभाग के अधिकारी यहां शायद बाढ़ आने का इंतजार कर रहे हैं. पानी गांवों में घुसे तब काम शुरू करेंगे. हालात तो कुछ ऐसे ही दिख रहे हैं, वो भी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जिले में. पूर्वी यूपी में बारिश और नेपाल की ओर से आ रहे पानी के चलते नदियां उफान पर हैं. राप्ती और घाघरा नदी में पानी बढ़ने से गोरखपुर और संत कबीर नगर में बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है. इसके बावजूद जगह-जगह डैमेज हो चुके बांधों की मरम्मत तक नहीं की गई है.

गोरखपुर और संत कबीर नगर के दक्षिणी क्षोर पर स्थित खड़गपुर-शाहपुर बांध खजनी तहसील क्षेत्र में गायघाट और ढबिया गांव के पास कई जगह कट गया है. बांध के उत्तर तरफ तरफ बारिश का पानी है और दक्षिण तरफ घाघरा नदी का. ऐसे में जरा भी पानी और बढ़ा तो डैमेज बांध उसे रोक नहीं पाएगा.

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इस खतरे के बावजूद न तो कटे बांधों की मरम्मत की गई है और न ही अधिकारियों ने उसका मुआयना ही किया है. न्यूज18 हिंदी के पास अधिकारियों की इस लापरवाही की फोटो मौजूद है. जिसे देखकर लगता है कि अधिकारी बाढ़ आने के इंतजार में हैं. भारी बारिश के बाद नेपाल ने वाल्मिकी बैराज से करीब 1.94 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया है. जिसकी वजह से पूर्वांचल में बाढ़ का बड़ा खतरा मंडरा रहा है. यूपी के गोरखपुर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच और बलरामपुर जिले अलर्ट पर हैं.

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राप्ती नदी और घाघरा (सरयू) का पानी बढ़ रहा है. घाघरा नदी तो गोरखपुर शाहपुर बांध के सटे बह रही है. जबकि इसकी धारा आमतौर पर इस बांध से चार किलोमीटर दक्षिण में होती है. इसके बावजूद बारिश में बांधों का जो हिस्सा कटा है उसकी मरम्मत नहीं की गई है. हां, शाहपुर कस्बे से थोड़ा पहले जहां घाघरा ने बांध काटने की कोशिश की है वहां पर जरूरी दो-चार मजदूर उसे बचाने में लगे हुए हैं.

बताया गया है कि गोरखपुर में राप्ती नदी अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. जबकि घाघरा नदी में नेपाल से पानी आने की वजह से परेशानी बढ़ी है. गोरखपुर के दक्षिणांचल में बाढ़ पीड़ितों की लड़ाई लड़ने वाले अखिलेश सिंह का कहना है कि तटबंध को मजबूत करने के लिए लगातार मांग हो रही है लेकिन अधिकारी लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे.

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