Friday, September 17, 2021

Liberalisation को कूड़े में फेंककर आर्थिक राष्ट्रवाद को अपना रहा है भारत, देश का आर्थिक सुपर पॉवर बनना तय

गोरखपुर:- बोरे में भरकर लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे जीजा साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार

बोरे में भरकर लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे जीजा साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार गोरखपुर। दिल्ली...

Maharajganj: औकात में रहना सिखो बेटा नहीं तो तुम्हारे घर में घुस कर मारेंगे-भाजपा आईटी सेल मंडल संयोजक, भद्दी भद्दी गालियां फेसबुक पर वायरल।

Maharajganj: महाराजगंज जनपद में भाजपा द्वारा नियुक्त धानी मंडल संयोजक का फेसबुक पर गाली-गलौज और धमकी वायरल। फेसबुक पर धानी मंडल संयोजक...

खुशखबरी:-सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक को मंजूरी 1320 करोड़ स्वीकृत

गोरखपुर के लिहाज़ से एक बड़ी ख़बर प्राप्त हो रही है जिसमे यह बताया जा रहा है कि सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक...

दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: सांसद कमलेश पासवान

दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: सांसद बांसगांव लोकसभा के सांसद कमलेश पासवान ने कास्त मिश्रौली निवासी भाजपा नेता...

पूर्वांचल में मदद की परिभाषा बदलने का ऐतिहासिक कार्य कर रहे हैं युवा नेता पवन सिंह….

युवा नेता पवन सिंह ने मदद करने की परिभाषा पूरी तरह बदल दी है. उन्होंने मदद का दायरा इतना ज्यादा बढ़ा दिया...

Download GT App from
Google Play

विज्ञापन के लिए संपर्क करें +91 7843810623 (WhatsApp)

#UttarPradesh #BreakingNews #YogiAdityanath
वीडियो न्यूज़ के लिए हमारे चैनल को 👉 Subscribe करें

कोरोना की चुनौती से लड़ने के लिए पीएम मोदी पहले ही देशवासियों को आत्मनिर्भर बनने की सलाह दे चुके हैं। देशवासियों के नाम अपने आखिरी सम्बोधन में पीएम मोदी ने कहा था कि “हमें लोकल के लिए वोकल बनना होगा। इस प्रकार हमें ना सिर्फ लोकल चीजों को इस्तेमाल करना होगा बल्कि उन्हें बढ़ावा भी देना होगा”। ऐसा लगता है मानो पीएम मोदी अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर भी राष्ट्रवाद को बढ़ावा देना चाहते हैं, ताकि कोरोना की चुनौती से निपटा जा सके। आर्थिक राष्ट्रवाद सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया का नया मूल मंत्र बनता जा रहा है। अमेरिका में जब से ट्रम्प सरकार सत्ता में आई है, तब से वे आर्थिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। वे ना सिर्फ सभी अमेरिकी कंपनियों को अमेरिका में manufacture करने की सलाह दे रहे हैं, बल्कि Make America Great Again (MAGA) के अभियान को भी आगे बढ़ा रहे हैं।

ये भी पढ़े :  काश ! मेरा बेटा भी जज होता..बेटे ने पूरी कर दी चपरासी पिता की मुराद...

अब भारत भी उसी राह पर निकल चुका है, या कहिए भारत अपनी ऐतिहासिक आर्थिक नीतियों की तरफ दोबारा लौटकर जा रहा है, जहां उदारीकरण से ज़्यादा महत्व राष्ट्रवाद को दिया जाता है। भारत चाणक्य का देश है जिन्होंने आज से सदियों पहले ही “Nation first” यानि “सबसे पहले अपना देश” का मंत्र दे दिया था। इसी मंत्र का इस्तेमाल करते हुए चीन तो आगे बढ़ गया, लेकिन भारत उदारीकरण का दास बनकर रह गया। भारत ने उदारीकरण का पालन करते हुए कई संधिया की, कई फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए, लेकिन इसकी आड़ में दूसरे देशों ने ही भारत का फायदा उठाया। उदाहरण के लिए भारत ने वर्ष 2009 में ASEAN के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट समझौता किया था लेकिन आज मोदी सरकार को इस समझौते पर पुनर्विचार करना पड़ रहा है, क्योंकि इस समझौते का सबसे अधिक फायदा भारत की बजाय अन्य ASEAN देश उठाते रहे। भारत ने पिछले वर्ष RCEP में शामिल होने से भी इंकार कर दिया, जिसके जरिये भारत ने लोकल कंपनियों को समर्थन दिया।

ये भी पढ़े :  गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी ने किया डा. रमन और उनकी पत्नी का स्‍वागत...

कोरोना के कारण जिस तरह दुनियाभर के देशों ने अपने-अपने बॉर्डर को बंद कर लिया है, और वैश्विक सप्लाई चेन को जो झटका लगा है, उसने उदारीकरण और वैश्वीकरण पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आज सब देश “Me, myself and I” के सिद्धांत का पालन कर रहे हैं, और इसमें कोई बुराई भी नहीं है क्योंकि यही समय की मांग भी है। भारत जिस प्रकार अपने इम्पोर्ट्स को कम करने और एक्स्पोर्ट्स को बढ़ाने की कोशिश में जुटा है, वह दिखाता है कि सरकार आर्थिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा दे रही है। इस तंत्र में विदेशी कंपनियों को बाज़ार की पहुँच तो दी जाती है, लेकिन बहुत ही सीमित तरीके से! उदाहरण के लिए चीनी मॉडल को देखा जा सकता है। चीन ने आर्थिक विकास के लिए अपने यहाँ विदेशी कंपनियों को बेहद सीमित पहुँच दी, और अपनी कंपनियों को बढ़ावा दिया।

चीन ने BRI के तहत भी जिन देशों में अपने प्रोजेक्ट्स लॉंच किए, वहाँ सिर्फ अपनी ही कंपनियों को ठेके दिये और अपने ही लोगों को रोजगार भी दिया। चीन ने बड़े ही शातिर तरीके से दूसरों देशों के पैसों से अपने लोगों की जेबें भरी, और उल्टा उन देशों पर एहसान भी जताया। इस मॉडल से कोई सीख लेना कोई अच्छा विचार तो नहीं कहा जाएगा लेकिन इससे आप चीन के आर्थिक राष्ट्रवाद को भली-भांति समझ सकते हैं। अब भारत भी आर्थिक राष्ट्रवाद के रास्ते पर चलने लगा है, तो इससे आने वाले सालों में भारत का आर्थिक विकास तेजी पकड़ सकता है।

ये भी पढ़े :  सूचना:डीएम ने दिया आदेश,कल बन्द रहेंगे गोरखपुर में इंटर तक के सभी विद्यालय....
ये भी पढ़े :  महराजगंज के आनन्दनगर का विगत कई सालो से टॉप कर रहा यह विद्यालय....

यह लेख Liberalisation को कूड़े में फेंककर आर्थिक राष्ट्रवाद को अपना रहा है भारत, देश का आर्थिक सुपर पॉवर बनना तय सर्वप्रथम TFIPOST पर प्रकाशित हुआ है

Hot Topics

गोरखपुर : सगी बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा भाई; यहां जाने क्या है माजरा !

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिलुआताल में...

गोरखपुर:चिता पर रखे शव के जीवित होने पर मचा हड़कंप, रोकना पड़ा दाह संस्कार,

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां...

देवरिया:- थाने में ही महिला फरियादी के सामने हस्तमैथून करने वाला थानेदार फ़रार,25 हज़ार के इनाम की घोषणा

देवरिया के अंतर्गत आने वाले थाने भटनी में महिला फरियादी के सामने हस्तमैथुन करने वाली थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज...

Related Articles

गोरखपुर:- बोरे में भरकर लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे जीजा साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार

बोरे में भरकर लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे जीजा साले को पुलिस ने किया गिरफ्तार गोरखपुर। दिल्ली...

खुशखबरी:-सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक को मंजूरी 1320 करोड़ स्वीकृत

गोरखपुर के लिहाज़ से एक बड़ी ख़बर प्राप्त हो रही है जिसमे यह बताया जा रहा है कि सहजनवा दोहरीघाट रेलवे ट्रैक...

दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: सांसद कमलेश पासवान

दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: सांसद बांसगांव लोकसभा के सांसद कमलेश पासवान ने कास्त मिश्रौली निवासी भाजपा नेता...