#Gorakhpur प्लास्टिक बैन के बाद भी 35 दिन में निकल गए 175 मीट्रिक टन प्लास्टिक।

दो अक्टूबर से सिटी में पॉलीथिन यूज पर सख्ती के बावजूद गोरखपुराइट्स पर इसका असर नजर नहीं आ रहा। तमाम छापेमारी और अभियानों के बाद भी धड़ल्ले से पॉलीथिन बिक रही है। जिसका नतीजा ये कि गोरखपुर को प्लास्टिक वेस्ट मुक्त करने के नगर निगम के दावों के बीच हालात और खराब होते जा रहे हैं। निगम के आंकड़ों पर नजर डालें तो सिटी के 12 कूड़ा पड़ाव केंद्रों पर ही डेली निकलने वाले करीब 600 मीट्रिक टन कूड़े में करीब पांच मीट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट ही होता है। यानि पिछले 35 दिनों में ही 175 मीट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट निकल चुका है
शुरू में दिखा असर फिर सब नॉर्मल

प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध के बाद भी शहर में लोग बेरोक-टोक प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग इस्तेमाल कर रहे हैं। जिनमें भरकर कूड़ा कहीं भी फेंक दिया जा रहा है। कहीं भी जाएं लोगों के हाथ में पॉलीथिन मिल जाएगा। बैन का आदेश आने पर प्रशासन से लेकर हर कोई हरकत में आया लेकिन समय के साथ स्थिति जस की तस नजर आ रही है। इसी के चलते शहर की गलियों में प्लास्टिक वेस्ट बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते ड्रेनेज सिस्टम जाम हो जाता है और बारिश के मौसम में नालियां ओवरफ्लो हो वॉटर लॉगिंग की वजह बन जाती हैं।

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