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DDU Gorakhpur: प्रो. पूनम टंडन का 3 साल का कार्यकाल पूरा, जानिए विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धियां

4 सितंबर 2023 से 4 सितंबर 2026 तक रहा कार्यकाल; Nature Index, QS, THE Impact Rankings से लेकर Dual MBA और रिसर्च एक्सीलेंस अवॉर्ड तक कई बड़े पड़ाव

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रो. पूनम टंडन का तीन वर्षीय कुलपति कार्यकाल 4 सितंबर 2026 को पूरा हो गया। सितंबर 2023 में कुलपति का पद संभालने वाली प्रो. टंडन के कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने अकादमिक विस्तार, शोध, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, नई रैंकिंग और कौशल आधारित शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किए।

इसी अवधि में डीडीयू ने वैश्विक और राष्ट्रीय रैंकिंग में अपनी मौजूदगी मजबूत की, शोध को प्रोत्साहित करने के लिए University Research Excellence Awards (UREA) को संस्थागत रूप दिया और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग के तहत उत्तर प्रदेश का पहला Dual MBA programme शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया।

विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार डीडीयू पहले से NAAC A++ (CGPA 3.78) और UGC Category-1 संस्थान है।

तीन साल, कई बड़े पड़ाव

प्रो. पूनम टंडन ने 4 सितंबर 2023 को डीडीयू की कुलपति के रूप में कार्यभार संभाला था। उनकी नियुक्ति लखनऊ विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग से हुई थी। विश्वविद्यालय की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार वह भौतिक विज्ञानी और अकादमिक प्रशासक हैं तथा उनके पास तीन दशक से अधिक का शिक्षण, शोध और प्रशासनिक अनुभव है।

उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों को मोटे तौर पर रैंकिंग, शोध, अंतरराष्ट्रीयकरण, कौशल आधारित शिक्षा और संस्थागत विस्तार के पांच क्षेत्रों में देखा जा सकता है।


Nature Index में यूपी के राज्य विश्वविद्यालयों में नंबर-1

डीडीयू ने Nature Index 2024–25 में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। विश्वविद्यालय के आधिकारिक संचार के अनुसार उसे उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में पहला स्थान, देश में Overall 128वीं रैंक और Physical Sciences में 81वीं रैंक मिली।

यह उपलब्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि Nature Index शोध प्रकाशनों और शोध प्रभाव से जुड़े डेटा के आधार पर संस्थानों की वैज्ञानिक अनुसंधान क्षमता को मापने वाले प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संकेतकों में से एक है।


ग्लोबल रैंकिंग में भी डीडीयू की दस्तक

पूनम टंडन के कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय ने Times Higher Education Impact Rankings में भी अपनी वैश्विक उपस्थिति दर्ज की।

THE की उपलब्ध जानकारी के अनुसार डीडीयू ने Sustainable Development Goals से जुड़ी Impact Rankings में भागीदारी की। विश्वविद्यालय के वर्तमान आधिकारिक ranking page पर THE Impact Rankings 2025 को भी प्रमुख उपलब्धियों में सूचीबद्ध किया गया है।

2025 की रिपोर्टिंग के अनुसार विश्वविद्यालय ने पहली बार इस वैश्विक ranking में हिस्सा लिया और SDG-2 (Zero Hunger) तथा SDG-7 (Affordable and Clean Energy) में 401–600 बैंड हासिल किया।

इससे डीडीयू की पहचान केवल पारंपरिक अकादमिक प्रदर्शन तक सीमित न रहकर सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक प्रभाव से जुड़े वैश्विक मानकों तक पहुंची।


QS Asia Ranking में 50-बैंड का सुधार

QS Asia University Rankings 2025 में भी डीडीयू ने सुधार दर्ज किया।

रिपोर्टों के अनुसार विश्वविद्यालय 2024 में 801+ बैंड से बढ़कर 2025 में 751–800 बैंड में पहुंचा। Southern Asia ranking में विश्वविद्यालय को 240वीं रैंक मिली।

विश्वविद्यालय की आधिकारिक ranking page भी QS Asia और Southern Asia rankings को संस्थान की प्रमुख ranking achievements में सूचीबद्ध करती है।


Education World में भी राष्ट्रीय पहचान

डीडीयू ने Education World India Higher Education Rankings में भी अपनी स्थिति मजबूत की।

2025–26 में विश्वविद्यालय को Government Law & Humanities Universities श्रेणी में देश में 20वां स्थान मिला था। इसके बाद 2026–27 ranking में विश्वविद्यालय ने तीन पायदान का सुधार करते हुए 17वां स्थान हासिल किया।

यह सुधार विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि इस category में देश के प्रमुख संस्थानों और National Law Universities को भी शामिल किया गया है।


NIRF में भी बेहतर प्रदर्शन

राष्ट्रीय स्तर पर NIRF के आधिकारिक आंकड़े भी विश्वविद्यालय के प्रदर्शन को एक अलग संदर्भ देते हैं।

NIRF 2024 की State Public Universities ranking में डीडीयू 40वें स्थान पर था।

यहां एक जरूरी editorial distinction है—NIRF में डीडीयू की स्थिति को “देश के सभी विश्वविद्यालयों में 40वां” बताना सही नहीं होगा; यह State Public Universities category की ranking है।


शोध को बढ़ावा देने के लिए University Research Excellence Awards

पूनम टंडन के कार्यकाल में शोध को प्रोत्साहित करने के लिए University Research Excellence Awards (UREA) की शुरुआत हुई।

डीडीयू के आधिकारिक 2024–25 IPR एवं Research Awards दस्तावेज में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विश्वविद्यालय में पहली बार UREA शुरू किए गए और 17 फरवरी 2025 को 2024 के गुणवत्तापूर्ण प्रकाशनों के लिए शिक्षकों एवं छात्रों को पुरस्कार और वित्तीय प्रोत्साहन दिया गया।

इन पुरस्कारों में Platinum, Diamond, Gold, Silver और Bronze जैसी श्रेणियां शामिल की गईं। विश्वविद्यालय की मौजूदा उपलब्धि सूची में 2024 और 2025 के UREA के कई पुरस्कार दर्ज हैं।

यानी शोध को केवल प्रकाशन तक सीमित रखने के बजाय विश्वविद्यालय ने उसे institutional incentive system से जोड़ने की कोशिश की।


यूपी का पहला Dual MBA: गोरखपुर से मलेशिया तक पढ़ाई

पूनम टंडन के कार्यकाल के अंतिम चरण में विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया।

जुलाई 2026 में Executive Council की मंजूरी के बाद डीडीयू ने उत्तर प्रदेश का पहला Dual MBA programme शुरू करने की घोषणा की। इसके लिए Lincoln University College, Malaysia के साथ सहयोग किया गया।

इस कार्यक्रम में छात्र:

पहला वर्ष — डीडीयू गोरखपुर

दूसरा वर्ष — Lincoln University College, Malaysia

पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने पर छात्रों को दोनों संस्थानों से MBA degree मिलने की व्यवस्था बताई गई है।

विश्वविद्यालय के अनुसार यह पहल छात्रों को अंतरराष्ट्रीय exposure, global business practices और multinational companies के लिए बेहतर career opportunities से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई।

इसी academic expansion के तहत BBA in Tourism and Hospitality Management शुरू करने की भी घोषणा की गई।


रोजगार और Industry-oriented Education पर फोकस

डीडीयू ने इस अवधि में curriculum को industry और employment requirements से जोड़ने पर भी जोर दिया।

विश्वविद्यालय के Placement & Career Counselling Cell के दस्तावेज में market demand के अनुरूप curriculum और छात्रों को बदलती professional requirements के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया है।

इसके अलावा भविष्य की तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए। विश्वविद्यालय के छात्र Artificial Intelligence, Big Data, Internet of Things और Programming जैसे क्षेत्रों में Samsung Innovation Campus programme के तहत प्रशिक्षित हुए।

विश्वविद्यालय के Student Welfare records में 2026 में AI courses शुरू किए जाने का भी उल्लेख है।


PhD और Research Ecosystem को विस्तार

रिसर्च ecosystem को मजबूत करने के लिए PhD admissions को अधिक structured बनाने की दिशा में भी काम हुआ।

विश्वविद्यालय की आधिकारिक notifications में 2026 में विभिन्न विभागों के लिए Regular & Part-Time PhD admissions के नोटिस उपलब्ध हैं।

यह बदलाव शोधार्थियों के लिए full-time के साथ part-time research pathway को भी संस्थागत रूप देने की दिशा में संकेत करता है।


Journalism और नई अकादमिक संभावनाएं

विश्वविद्यालय ने पत्रकारिता और Mass Communication के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत की।

विश्वविद्यालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार IIRF 2025 में Journalism & Mass Communication category में डीडीयू को राज्य विश्वविद्यालयों के बीच 5वीं रैंक मिली। इसी ranking cycle में BCA category में विश्वविद्यालय ने पहला स्थान हासिल किया।

यह उपलब्धि मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की बढ़ती अकादमिक पहचान का संकेत देती है।


NCC और National Service में भी मिला बड़ा सम्मान

प्रो. पूनम टंडन के कार्यकाल की सबसे विशिष्ट व्यक्तिगत उपलब्धियों में से एक रहा ‘Colonel Commandant’ की मानद उपाधि

मई 2025 में रक्षा मंत्रालय की ओर से उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार उस समय देश के कुल 13 कुलपतियों को यह सम्मान दिया गया था और प्रो. टंडन उनमें एकमात्र महिला थीं।

सम्मान समारोह में NCC के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित किया गया। विश्वविद्यालय में 350 से अधिक सक्रिय NCC कैडेट्स होने की जानकारी भी उस रिपोर्ट में दी गई।

इस सम्मान ने उनके कार्यकाल में शिक्षा, नेतृत्व और NCC/राष्ट्रीय सेवा के जुड़ाव को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी।


अंतरराष्ट्रीय और Industry collaborations भी बढ़े

विश्वविद्यालय ने केवल foreign academic partnership तक ही विस्तार नहीं किया, बल्कि industry-linked learning पर भी काम किया।

Airports Authority of India (AAI) और DDUGU के बीच internship opportunities को लेकर MoU हुआ, जिसके तहत छात्रों को civil aviation sector में airport operations, safety, IT और customer service जैसे क्षेत्रों में practical exposure देने की व्यवस्था की गई।

यह पहल classroom education को real-world industry exposure से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही।


Research से लेकर Rankings तक—बदलती तस्वीर

पूनम टंडन के तीन वर्षीय कार्यकाल की तस्वीर को केवल किसी एक ranking या एक योजना से नहीं समझा जा सकता।

इस अवधि में विश्वविद्यालय की गतिविधियां कई स्तरों पर फैलीं—

Global Rankings
Nature Index, QS Asia और THE Impact Rankings

National Rankings
NIRF, Education World और IIRF

Research
University Research Excellence Awards, patents और research incentives

Internationalisation
Malaysia के Lincoln University College के साथ Dual MBA

Skill & Employability
AI, Big Data, IoT, Programming और industry-linked training

Student Opportunities
Internships, international exposure और नए professional programmes

NCC & Leadership
‘Colonel Commandant’ की मानद उपाधि


पूनम टंडन के बाद अब डीडीयू की कमान प्रो. के.पी. सिंह के हाथ

तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब डीडीयू में नेतृत्व परिवर्तन हो चुका है।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रो. के.पी. सिंह को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया है। नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्ष के लिए है। इससे पहले प्रो. पूनम टंडन का कार्यकाल 4 सितंबर 2026 को समाप्त हो चुका था।

अब विश्वविद्यालय के सामने चुनौती होगी कि पिछले तीन वर्षों में बने research, ranking, internationalisation और skill-based education के momentum को किस तरह आगे बढ़ाया जाता है।


प्रो. पूनम टंडन का तीन वर्षीय कार्यकाल ऐसे समय समाप्त हुआ है जब दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने खुद को केवल क्षेत्रीय विश्वविद्यालय की पहचान से आगे ले जाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय academic ecosystem में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश की है।

Nature Index में उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में शीर्ष स्थान, QS Asia में सुधार, THE Impact Rankings में वैश्विक उपस्थिति, Education World में लगातार बेहतर प्रदर्शन, UREA जैसे research incentives और Malaysia के साथ Dual MBA जैसी पहलें इस बदलाव की प्रमुख तस्वीर पेश करती हैं।

अब असली परीक्षा नए नेतृत्व की है—क्या डीडीयू इन उपलब्धियों को अगले स्तर तक ले जाकर पूर्वांचल के युवाओं के लिए research, global education और रोजगार का और बड़ा केंद्र बन पाएगा?

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